PGI में अल्ट्रासाउंड पर हंगामा,लंबी लाइन के बाद भी नंबर नहीं, मरीज पहुंचे VC ऑफिस

रोहतक PGI में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से मरीजों और परिजनों ने हंगामा किया। VC ऑफिस पहुंचकर नारेबाजी की, डॉ. एचके अग्रवाल ने समाधान का आश्वासन दिया।

PGI में अल्ट्रासाउंड पर हंगामा,लंबी लाइन के बाद भी नंबर नहीं, मरीज पहुंचे VC ऑफिस

रोहतक PGI में अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर मरीजों और परिजनों का हंगामा
➤ VC ऑफिस पहुंचकर मरीजों ने की नारेबाजी, डॉ. एचके अग्रवाल ने समाधान का दिया आश्वासन
➤ मरीज बोले- लंबी लाइन के बाद भी नहीं आता नंबर, 50 अल्ट्रासाउंड के बाद बाकी को लौटाया जाता है

रोहतक पीजीआई में अल्ट्रासाउंड की सुविधा को लेकर मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अल्ट्रासाउंड नहीं होने और लंबी लाइन के बावजूद नंबर नहीं आने से परेशान मरीज व उनके परिजन हेल्थ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एचके अग्रवाल के ऑफिस पहुंच गए। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी परेशानी बताई और समस्या के समाधान की मांग की।

वीसी ऑफिस पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि वे दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए पीजीआई आते हैं। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है। इसके बावजूद कई मरीजों का नंबर नहीं आ पाता। मरीजों का आरोप है कि काफी देर तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाए बिना वापस लौटना पड़ता है।

मरीजों ने कहा कि 50 मरीजों का अल्ट्रासाउंड होने के बाद बाकी मरीजों को वापस भेज दिया जाता है। ऐसे में दूर से आए मरीजों के सामने परेशानी और बढ़ जाती है। उन्हें जांच के लिए दोबारा पीजीआई के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मरीजों का कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल आने के बावजूद अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी जांच के लिए उन्हें धक्के खाने पड़ रहे हैं।

मरीजों और उनके परिजनों ने वाइस चांसलर के ऑफिस पहुंचकर अपनी समस्या रखी और इस व्यवस्था में सुधार की मांग की। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी भी की। मरीजों का कहना था कि जब वे दूर-दराज के इलाकों से उम्मीद लेकर पीजीआई पहुंचते हैं, तो लंबी लाइन में लगने के बाद भी जांच नहीं हो पाती। इससे उन्हें परेशानी के साथ समय और आने-जाने की अतिरिक्त दिक्कत भी उठानी पड़ती है।

मरीजों की शिकायत सुनने के बाद वाइस चांसलर डॉ. एचके अग्रवाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। वीसी के आश्वासन के बाद मरीज और उनके परिजन शांत हुए और वहां से चले गए।