दिल्ली से करनाल 90 मिनट में, बावल 67 मिनट में! NCR में दौड़ेंगे नए नमो भारत कॉरिडोर, जानिए किन शहरों को मिलेगा फायदा
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर से यात्रा करीब 90 मिनट और दिल्ली-बावल कॉरिडोर से करीब 67 मिनट होने की उम्मीद है। जानिए रूट, प्रमुख शहरों, कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रभाव से जुड़ी पूरी जानकारी।
➤ दिल्ली-करनाल सफर 180 से घटकर 90 मिनट होने की उम्मीद
➤ दिल्ली-बावल यात्रा करीब 67 मिनट में पूरी होने का दावा
➤ गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, मानेसर और बावल जैसे प्रमुख हब होंगे कनेक्ट
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को बड़ा विस्तार मिलने की तैयारी है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की सफलता के बाद अब दो नए महत्वपूर्ण कॉरिडोर को आगे बढ़ाने की तैयारी है। इनमें दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर और दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत कॉरिडोर शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली और आसपास के प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा रोजगार केंद्रों के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाना है। NCRTC के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल के अनुसार, दिल्ली से करनाल की मौजूदा करीब 180 मिनट की यात्रा घटकर लगभग 90 मिनट हो सकती है। वहीं दिल्ली से बावल का सफर करीब 180 मिनट से घटकर लगभग 67 मिनट तक आने की उम्मीद है।
जल्द मिल सकती है केंद्र से मंजूरी
दोनों प्रस्तावित कॉरिडोर फिलहाल केंद्र सरकार से जरूरी मंजूरी मिलने के अंतिम चरण में बताए जा रहे हैं। परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी मिलने से पहले ही शुरुआती स्तर की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इनमें जियो-टेक्निकल जांच, यूटिलिटी मैपिंग और रास्ते में आने वाली विभिन्न उपयोगिताओं को स्थानांतरित या संशोधित करने का काम शामिल है।
इन तैयारियों में अतिरिक्त हाई टेंशन बिजली लाइनों और पानी की पाइपलाइनों जैसी यूटिलिटीज से जुड़े काम भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना है।
परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद इनके जरिए NCR में लंबी दूरी की रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को सड़क परिवहन के मुकाबले तेज और अधिक भरोसेमंद विकल्प मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-करनाल कॉरिडोर से इन इलाकों को मिलेगा फायदा
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर कई महत्वपूर्ण शहरी, शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित मार्ग में कुंडली की एजुकेशन सिटी, सोनीपत, बरही इंडस्ट्रियल एरिया, पानीपत शहर, IOCL रिफाइनरी और करनाल जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल होंगे।
इससे विद्यार्थियों, औद्योगिक कर्मचारियों, कारोबारियों और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है। खासकर दिल्ली और हरियाणा के बीच नियमित आवागमन करने वाले लोगों के लिए तेज क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी यात्रा के समय में बड़ा बदलाव ला सकती है।
सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली-करनाल यात्रा में देखने को मिल सकता है। मौजूदा लगभग तीन घंटे के सफर को करीब डेढ़ घंटे तक लाने का लक्ष्य इस कॉरिडोर को NCR के महत्वपूर्ण क्षेत्रीय परिवहन प्रोजेक्ट्स में शामिल करता है।
दिल्ली-बावल कॉरिडोर से गुरुग्राम और औद्योगिक बेल्ट को रफ्तार
दूसरी ओर प्रस्तावित दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत कॉरिडोर NCR के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यह कॉरिडोर गुरुग्राम, मानेसर, MBIR और बावल जैसे प्रमुख शहरी और औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने की योजना का हिस्सा है।
इस कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण पहलू दिल्ली एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी भी है। नमो भारत नेटवर्क के माध्यम से एयरपोर्ट तक बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की उम्मीद है। इससे न केवल रोजाना यात्रियों बल्कि कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
मानेसर और बावल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए तेज सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी कर्मचारियों और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
सिर्फ सफर तेज नहीं होगा, NCR की अर्थव्यवस्था को भी फायदा
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर का प्रभाव केवल यात्रा के समय को कम करने तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। NCRTC के अनुसार, बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों का अधिक समान वितरण हो सकता है।
अभी रोजगार, कारोबार और अन्य आर्थिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा दिल्ली और कुछ प्रमुख शहरी केंद्रों में केंद्रित है। तेज क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था से आसपास के उभरते शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है।
इसके साथ ही Transit-Oriented Development यानी TOD को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। नमो भारत स्टेशनों के आसपास योजनाबद्ध तरीके से मिश्रित उपयोग वाले विकास की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसमें आवास, रोजगार, कारोबार और अन्य सुविधाओं को बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी के साथ विकसित करने पर जोर रहता है।
ट्रैफिक कम करने में भी मिल सकती है मदद
NCR में सड़क मार्ग से रोजाना होने वाली लंबी यात्राओं और भारी ट्रैफिक की समस्या लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। दिल्ली से आसपास के शहरों तक जाने वाले यात्रियों को पीक आवर्स में घंटों सड़क पर बिताने पड़ते हैं।
नए नमो भारत कॉरिडोर यात्रियों को तेज रेल विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में यात्री सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित हो सकते हैं और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने की संभावना है।
यात्रा का समय घटने के साथ-साथ यात्रियों को घर, दफ्तर, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आने-जाने में अधिक सुविधा मिल सकती है।
रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे
इन परियोजनाओं का असर रोजगार पर भी पड़ने की उम्मीद है। कॉरिडोर के निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। परियोजना के संचालन में आने के बाद भी अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बने रहने की संभावना है।
इसके अलावा स्टेशनों के आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय कारोबार, सेवाओं और रियल एस्टेट से जुड़े क्षेत्रों को भी फायदा मिल सकता है।
दिल्ली-मेरठ के बाद बढ़ेगा नमो भारत का दायरा
भारत का पहला नमो भारत क्षेत्रीय रेल कॉरिडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच विकसित किया गया है। करीब 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 16 स्टेशन हैं और इसमें एलिवेटेड तथा भूमिगत दोनों हिस्से शामिल हैं।
यह कॉरिडोर सराय काले खां, जंगपुरा, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर और मेरठ समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर को करीब 30,274 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है।
अब दिल्ली-करनाल और दिल्ली-बावल जैसे प्रस्तावित कॉरिडोर इस नेटवर्क को NCR के दूसरे प्रमुख हिस्सों तक ले जाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं।
NCR में बदल सकता है क्षेत्रीय सफर का तरीका
अगर प्रस्तावित दोनों कॉरिडोर को मंजूरी मिलने के बाद तय समयसीमा में विकसित किया जाता है, तो दिल्ली से हरियाणा के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक आने-जाने का तरीका काफी बदल सकता है। दिल्ली-करनाल करीब 90 मिनट और दिल्ली-बावल करीब 67 मिनट में पहुंचने की संभावित सुविधा रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ा बदलाव होगी।
नमो भारत नेटवर्क के विस्तार से NCR में ऐसा क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें दिल्ली के साथ-साथ आसपास के शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और रोजगार केंद्रों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध हो। हालांकि, इन प्रस्तावित कॉरिडोर की वास्तविक समयसीमा और अंतिम निर्माण योजना संबंधित सरकारी मंजूरियों और परियोजना के आगे बढ़ने पर निर्भर करेगी।
Akhil Mahajan