हरियाणा को मिलेगा 1,280 क्यूसेक पानी,6 राज्यों में यमुना जल समझौता, किशाऊ परियोजना को मिली रफ्तार

यमुना जल समझौते के तहत हरियाणा को 1,280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलेगा। किशाऊ परियोजना पर जल्द काम शुरू होगा और जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

हरियाणा को मिलेगा 1,280 क्यूसेक पानी,6 राज्यों में यमुना जल समझौता, किशाऊ परियोजना को मिली रफ्तार

हरियाणा को मिलेगा 1,280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी, यमुना जल समझौते से बढ़ेगी जल उपलब्धता
6 राज्यों के बीच बनी सहमति, सीएम नायब सिंह सैनी ने समझौते को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
रेणुका जी, लखवार और किशाऊ परियोजनाएं पूरी होने पर हरियाणा का कुल शेयर लगभग 1143 MCM होगा

दशकों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर संबंधित राज्यों के बीच समझौते का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है। उन्होंने कहा कि संवाद, सहयोग और आपसी सहमति के माध्यम से वर्षों पुराने इस विषय को सुलझाया गया है।

मुख्यमंत्री के अनुसार इस समझौते से न केवल हरियाणा की वर्तमान जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यमुना जल से जुड़े इस समझौते के तहत हरियाणा को 1,280 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिलने की बात कही गई है।

यमुना के पानी में हरियाणा का वैध हिस्सा 48 प्रतिशत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐतिहासिक समझौते का रास्ता साफ होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया।

सीएम ने कहा कि यमुना नदी के जल में हरियाणा का वैध हिस्सा 48 प्रतिशत है। इसलिए जब भी ऊपरी क्षेत्रों में जल भंडारण क्षमता या पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, उसका सबसे बड़ा फायदा हरियाणा प्रदेश को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यमुना नदी के जल में प्रदेश के वैध हिस्से को देखते हुए ऊपरी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और भंडारण क्षमता बढ़ना हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण है।

रेणुका जी और लखवार के बाद अब किशाऊ परियोजना पर बढ़ेगा काम

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि यमुना बेसिन पर रेणुका जी और लखवार परियोजनाएं पहले से ही निर्माणाधीन हैं। अब किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना पर भी जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है।

इन तीनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरियाणा के पानी का कुल शेयर बढ़कर लगभग 1143 MCM हो जाएगा। इससे प्रदेश में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

केंद्र की पहल से दशकों पुराना विवाद सुलझने की राह पर

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्षों से लंबित किशाऊ परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सक्रियता और पहल से सभी हितधारक राज्यों के बीच सहमति की राह सुगम हो सकी।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सी.आर. पाटिल ने लगातार राज्यों और संबंधित मंत्रालयों तथा विभागों के साथ तालमेल बिठाकर काम किया। इससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति मिली है।

हर खेत और हर घर तक पानी पहुंचाने की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के हर खेत और हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार किशाऊ परियोजना को लेकर हुआ समझौता इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

दशकों से लंबित परियोजना को लेकर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने से अब इसके आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है। रेणुका जी और लखवार परियोजनाओं के साथ किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के पूरा होने पर हरियाणा के पानी के कुल शेयर में बढ़ोतरी होगी और प्रदेश की जल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।