सिटी तहलका के पत्रकार संदीप शर्मा ने उग्र भीड़ को अपराध से रोका, एसपी ने किया सम्मानित
पानीपत में सिटी तहलका के सीनियर रिपोर्टर संदीप शर्मा को उग्र भीड़ से एक व्यक्ति की जान बचाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद करने के लिए एसपी भूपेंद्र सिंह ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
■ अपनी जान जोखिम में डालकर बचाई युवक की जान और पुलिस का किया सहयोग
■ एसपी भूपेंद्र सिंह ने प्रशंसा पत्र देकर संदीप शर्मा के साहस को किया सम्मानित
पत्रकारिता केवल सूचनाएं पहुंचाने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का सशक्त मंच भी है। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है 'सिटी तहलका' पानीपत के सीनियर रिपोर्टर संदीप शर्मा ने। उनकी इसी सूझबूझ और अदम्य साहस को देखते हुए पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) भूपेंद्र सिंह ने उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया है।
पानीपत के गांव बराना में मानवता और साहस की एक ऐसी मिसाल पेश की गई है, जिसने पत्रकारिता के धर्म को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। दरअसल, बीते दिनों यहां एक बेहद हृदयविदारक हादसा हुआ था, जिसमें रेत से भरी एक बेलगाम ट्रैक्टर-ट्रॉली ने 6 साल के एक मासूम बच्चे को बेरहमी से कुचल दिया। यह बच्चा अपने पिता के निधन के बाद चार बहनों का अकेला सहारा और बूढ़ी मां की आंखों का तारा था। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
गुस्साई भीड़ ने एक व्यक्ति को घेर लिया और उस पर आरोपी चालक के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। मौके पर पहुंची पुलिस भी बेकाबू भीड़ के सामने बेबस नजर आ रही थी। इसी संवेदनशील समय में 'सिटी तहलका' के सीनियर रिपोर्टर संदीप शर्मा वहां कवरेज के लिए पहुंचे थे। जब उन्होंने देखा कि भीड़ कानून को हाथ में लेकर एक व्यक्ति की जान लेने पर आमादा है, तो उन्होंने कैमरे और कलम से परे जाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का फैसला किया।
संदीप शर्मा अपनी जान की परवाह किए बिना हिंसक होती भीड़ के बीच घुस गए। उन्होंने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। संदीप ने लोगों को मार्मिक और तार्किक रूप से समझाया कि यदि इस मारपीट में व्यक्ति की जान चली गई, तो उन सभी पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा, जिससे उनके अपने परिवार बर्बाद हो जाएंगे। उनकी इस अपील का असर हुआ और भीड़ का गुस्सा कुछ कम हुआ। इसी बीच पुलिस और संदीप के साझा प्रयासों से उस लहूलुहान व्यक्ति को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच सकी।
पत्रकार संदीप शर्मा के इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) भूपेंद्र सिंह ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाकर प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया। एसपी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में संदीप ने जिस धैर्य और समझदारी का परिचय दिया है, वह न केवल पत्रकार जगत बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर नागरिक इसी तरह जिम्मेदारी निभाए, तो पुलिस और जनता के सहयोग से बड़ी से बड़ी अनहोनी को टाला जा सकता है। संदीप शर्मा की इस पहल ने साबित कर दिया कि पत्रकारिता केवल खबरें दिखाना नहीं, बल्कि संकट के समय समाज का ढाल बनना भी है।
Akhil Mahajan