कुरुक्षेत्र में राशन डिपो विवाद: इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर पर FIR डिपो होल्डर की मौत के बाद भी चलती रही राशन सप्लाई, अधिकारियों पर केस

कुरुक्षेत्र के लाडवा में राशन डिपो मामले में फूड सप्लाई इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। आरोप है कि डिपो होल्डर की मौत के बाद भी राशन सप्लाई जारी रही और हर महीने ₹10 हजार वसूले गए।

कुरुक्षेत्र में राशन डिपो विवाद: इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर पर FIR  डिपो होल्डर की मौत के बाद भी चलती रही राशन सप्लाई, अधिकारियों पर केस

डिपो होल्डर की मौत के बाद भी जारी रही राशन सप्लाई
इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर पर हर महीने ₹10 हजार वसूली का आरोप
ग्रीवेंस कमेटी में मामला उठने के बाद दर्ज हुई FIR


कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा क्षेत्र में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां फूड सप्लाई इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ राशन डिपो संचालन में अनियमितता और वसूली के आरोप में FIR दर्ज की गई है।

आरोप है कि डिपो होल्डर की मौत के बाद भी उसके नाम पर राशन सप्लाई जारी रही, जबकि नियमों के अनुसार ऐसा नहीं होना चाहिए था। इतना ही नहीं, अधिकारियों पर हर महीने ₹10 हजार की अवैध वसूली करने और मृतक के परिवार पर डिपो चलाने का दबाव डालने के आरोप भी लगे हैं।

यह मामला ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सामने आया था, जिसके बाद जांच शुरू हुई और अब पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लाडवा के महावीर कॉलोनी निवासी सोनू नारंग ने इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि PDS कंट्रोल ऑर्डर 2022 के नियमों के अनुसार यदि किसी डिपो में समस्या हो तो उसकी सप्लाई नजदीकी डिपो से अटैच की जानी चाहिए।

लेकिन जांच में सामने आया कि लाडवा के चार राशन डिपो की सप्लाई दूर-दूर के डिपो के साथ जोड़ दी गई, जो नियमों के खिलाफ है। इसी अनियमितता को लेकर विभागीय स्तर पर जांच बैठाई गई।

इस मामले में वार्ड नंबर-1 के डिपो होल्डर अंशुल गर्ग के पिता नरेश गर्ग को विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिया गया था।

नरेश गर्ग ने लिखित जवाब में आरोप लगाया कि फूड सप्लाई इंस्पेक्टर नवीन कुमार और सब-इंस्पेक्टर अशोक हुड्डा ने उन पर दबाव डालकर बयान लिखवाया

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे अंशुल गर्ग की मौत के बाद अधिकारियों ने उन्हें दफ्तर बुलाया और जबरन डिपो चलाने का दबाव बनाया। साथ ही कहा कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।नरेश गर्ग के मुताबिक, अधिकारियों ने डिपो चलाने के बदले हर महीने 10 हजार रुपये देने की मांग की

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका आधार कार्ड लेकर दूसरे डिपो धारक की पोस मशीन में जबरन नोमिनी बना दिया गया, ताकि डिपो संचालन जारी रखा जा सके।इस पूरे मामले की जांच लाडवा के SDM ने की। जांच में सामने आया कि डिपो होल्डर अंशुल गर्ग की मौत के बाद भी लंबे समय तक उसके नाम पर राशन सप्लाई जारी रही

सप्लाई से जुड़े बिलों पर कहीं अंशुल गर्ग के हस्ताक्षर और कहीं उनके पिता नरेश गर्ग के साइन पाए गए, जिससे पूरे मामले में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई गई।

मामले में पुलिस ने इंस्पेक्टर नवीन कुमार, सब-इंस्पेक्टर अशोक हुड्डा और नरेश गर्ग के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

लाडवा थाना प्रभारी गुरनाम सिंह के अनुसार, फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है और यदि