जम्मू-कश्मीर में देश सेवा करते हुए शहीद हुए 26 वर्षीय अक्षित शर्मा
हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ निवासी 26 वर्षीय सेना के जवान अक्षित शर्मा जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में रिवर क्रॉसिंग ट्रेनिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गए। मिनावर तवी नदी में लापता होने के बाद मंगलवार को उनका शव बरामद हुआ।
■ 26 वर्षीय जवान अक्षित शर्मा जम्मू-कश्मीर में शहीद
■ राजौरी के सुंदरबनी में रिवर क्रॉसिंग ट्रेनिंग के दौरान मिनावर तवी नदी में हुआ हादसा
■ पंजाब रेजिमेंट में 7 साल से दे रहे थे देश सेवा, गांव में पसरा मातम
हिमाचल प्रदेश के बैजनाथ क्षेत्र का एक युवा सैनिक देश सेवा करते हुए शहीद हो गया। 26 वर्षीय अक्षित शर्मा, जो पंजाब रेजिमेंट में सेवारत थे, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी क्षेत्र में रिवर क्रॉसिंग ट्रेनिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गए। सोमवार को प्रशिक्षण के दौरान वह नदी में लापता हो गए थे, जबकि मंगलवार को मिनावर तवी नदी से उनका शव बरामद किया गया। इस खबर के सामने आते ही उनके गांव और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौ पंजाब रेजिमेंट के जवान सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सुंदरबनी क्षेत्र में नदी पार करने के अभ्यास में जुटे हुए थे। यह प्रशिक्षण कमांडो स्तर की ट्रेनिंग का हिस्सा था, जिसमें जवानों को नदी पार करने की तकनीक और सुरक्षा उपायों के बारे में अभ्यास कराया जा रहा था। इसी दौरान सिपाही अक्षित शर्मा अचानक गहरे पानी में चले गए और लापता हो गए। इसके बाद सेना की टीम ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन देर रात तक उनका पता नहीं चल सका। मंगलवार को गहन तलाश के बाद उनका शव मिनावर तवी नदी से बरामद किया गया।
अक्षित शर्मा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र के उस्तेहड़ गांव के निवासी थे। वह पिछले 7 वर्षों से भारतीय सेना में सेवा दे रहे थे और देश की सुरक्षा में अपना योगदान दे रहे थे। जवान की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी इस खबर से गहरे दुख में डूब गए।
अक्षित के परिवार की पृष्ठभूमि भी धार्मिक और सामाजिक रही है। उनके पिता पहले बैजनाथ के शिव मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा कर चुके हैं। बेटे के शहीद होने की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों और गांव के लोगों का कहना है कि अक्षित बेहद साहसी और कर्तव्यनिष्ठ युवा थे और हमेशा देश सेवा को अपना सबसे बड़ा धर्म मानते थे।
बैजनाथ पपरोला नगर परिषद के वार्ड नंबर छह की पूर्व पार्षद कांता देवी ने बताया कि सोमवार शाम को ही हादसे की जानकारी मिल गई थी। मंगलवार को नदी से शव बरामद होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल अक्षित शर्मा की पार्थिव देह जम्मू में है और सेना की ओर से उसे उनके पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग शहीद जवान को अंतिम श्रद्धांजलि देने की तैयारी कर रहे हैं।
Akhil Mahajan