पानीपत सचिवालय में अंबेडकर प्रतिमा को लेकर कांग्रेस का धरना, 14 अप्रैल तक अल्टीमेटम खंडित अंबेडकर मूर्ति पर राजनीति तेज, कांग्रेस बोली- सम्मान से समझौता नहीं
पानीपत जिला सचिवालय में खंडित अंबेडकर प्रतिमा को लेकर कांग्रेस के एससी मोर्चा ने धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने प्रशासन को 14 अप्रैल तक प्रतिमा बदलने का अल्टीमेटम देते हुए बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
■ खंडित अंबेडकर प्रतिमा को लेकर कांग्रेस का सचिवालय में धरना
■ कांग्रेस एससी मोर्चा ने प्रशासन को 14 अप्रैल तक दिया अल्टीमेटम
■ समय पर प्रतिमा नहीं बदली तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
पानीपत के जिला सचिवालय परिसर में लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की खंडित प्रतिमा को लेकर मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के एससी मोर्चा के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। प्रदर्शन में एससी मोर्चा के जिलाध्यक्ष, शहरी अध्यक्ष बलजीत समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सचिवालय के सामने लगी बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पिछले लंबे समय से खंडित अवस्था में पड़ी है, लेकिन प्रशासन ने इसे केवल पन्नी से ढककर “अंडर कंस्ट्रक्शन” का बोर्ड लगा दिया है और अब तक इसका निर्माण या प्रतिमा बदलने का काम शुरू नहीं किया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक मूर्ति नहीं बल्कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान है, जिनके कारण देश में संविधान और लोकतंत्र की व्यवस्था मजबूत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से समाज के लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे को उठाते रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि करीब छह महीने पहले स्थानीय मंत्री द्वारा 3-4 दिन में प्रतिमा बदलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक प्रतिमा को पन्नी में ढककर रखना बाबा साहब का अपमान है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार है और इलाके से मंत्री भी हैं, तब भी अगर संविधान निर्माता की प्रतिमा की मरम्मत नहीं हो पा रही तो यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं।
धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने प्रशासन को 14 अप्रैल, डॉ. अंबेडकर जयंती तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उससे पहले प्रतिमा को बदलकर दोबारा स्थापित नहीं किया गया तो कांग्रेस और दलित समाज सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो समाज के लोग आपस में चंदा इकट्ठा कर प्रतिमा स्थापित करेंगे या फिर आंदोलन के जरिए सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने इसे संवैधानिक चेतावनी बताते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो धरना-प्रदर्शन को बड़ा आंदोलन बनाया जाएगा और पूरे जिले में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
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