50 साल पार महिलाएं भी बन सकेंगी मां

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को IVF तकनीक से मां बनने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा- मां बनना कभी अनैतिक नहीं हो सकता।

50 साल पार महिलाएं भी बन सकेंगी मां

➤ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
➤ 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को IVF की अनुमति
➤ हिसार की 51 वर्षीय महिला की याचिका पर मिला अधिकार


हरियाणा में बढ़ती उम्र में मां बनने की चाह रखने वाली महिलाओं के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब 50 साल से अधिक उम्र की महिलाएं भी IVF तकनीक के जरिए मां बन सकेंगी। अदालत ने कहा कि अगर महिला पूरी तरह स्वस्थ है, तो उसे मां बनने से रोका नहीं जा सकता।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस जगमोहन बंसल ने अपने फैसले में कहा कि “मां बनना कभी अनैतिक नहीं हो सकता।” केवल उम्र के आधार पर किसी महिला को मातृत्व के अधिकार से वंचित करना गलत है।

यह मामला हरियाणा के हिसार की एक 51 वर्षीय महिला से जुड़ा हुआ है। महिला ने 2022 में एक IVF सेंटर से संपर्क किया था, जिसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। प्रेग्नेंसी के दौरान पता चला कि महिला की कोख में दो बच्चे हैं, हालांकि एक भ्रूण सुरक्षित नहीं रह सका। बाद में सितंबर 2023 में महिला ने एक बेटी को जन्म दिया।

बेटी के जन्म के बाद महिला ने दूसरी बार मां बनने की इच्छा जताई और फिर IVF सेंटर से संपर्क किया। लेकिन इस बार डॉक्टरों ने उनकी उम्र 50 साल से अधिक होने का हवाला देकर इलाज से मना कर दिया। इसके बाद महिला ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

महिला के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनकी क्लाइंट 51 साल की होने के बावजूद पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें कोई गंभीर शारीरिक समस्या नहीं है। उन्होंने अदालत को पहले के एक फैसले “सरबजीत कौर बनाम पंजाब राज्य” का हवाला देते हुए राहत देने की मांग की।

महिला की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने याचिका स्वीकार कर ली और संबंधित फर्टिलिटी सेंटर को इलाज शुरू करने की अनुमति दे दी। अदालत ने दंपति को संबंधित अथॉरिटी के समक्ष शपथ पत्र जमा कराने के निर्देश भी दिए।

हरियाणा के लिहाज से यह फैसला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्य में ऐसे कई परिवार हैं, जिन्होंने अपने इकलौते बच्चे को किसी हादसे या बीमारी में खो दिया। इसके अलावा सीमा पर शहीद होने वाले जवानों के माता-पिता भी ढलती उम्र में अकेले रह जाते हैं। ऐसे परिवारों के लिए यह फैसला नई उम्मीद लेकर आया है।

हरियाणा में अधिक उम्र में मां बनने के मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2008 में हिसार की 70 वर्षीय राजो देवी ने IVF तकनीक के जरिए बच्चे को जन्म देकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। हालांकि बाद में नियमों में बदलाव कर 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के IVF पर रोक लगा दी गई थी। अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नई बहस शुरू हो गई है।