हरियाणा का गोल्डन पंच जारी: कॉमनवेल्थ गेम्स में साक्षी और प्रिया ने भी जीता स्वर्ण, प्रदेश के खाते में चौथा गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा की साक्षी चौधरी और प्रिया घनघस ने बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। अब हरियाणा के खाते में चार गोल्ड मेडल हो गए हैं।
➤ साक्षी चौधरी और प्रिया घनघस ने बॉक्सिंग में भारत को दिलाया एक-एक स्वर्ण पदक
➤ हरियाणा के खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक जीते 4 गोल्ड मेडल
➤ सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल पर भी आज गोल्ड की उम्मीद
भिवानी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा की बेटियों का दमदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार शाम भिवानी की साक्षी चौधरी और प्रिया घनघस ने भी बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ा दिया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों के खाते में चार गोल्ड मेडल हो गए हैं। इससे पहले प्रीति पंवार, जैस्मिन लांबोरिया और रेवाड़ी की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ भी स्वर्ण जीत चुकी हैं।
51 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर गोल्ड अपने नाम किया। वहीं 60 किलोग्राम भार वर्ग में प्रिया घनघस ने कनाडा की मैरी बाथौल अल अहमदिया को रोमांचक मुकाबले में स्प्लिट डिसीजन से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
हरियाणा की बेटियों का लगातार जलवा
कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा की महिला मुक्केबाजों का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। शनिवार दोपहर प्रीति पंवार और जैस्मिन लांबोरिया ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दो बड़ी सफलताएं दिलाई थीं। अब शाम को साक्षी चौधरी और प्रिया घनघस की जीत ने हरियाणा के स्वर्ण पदकों की संख्या और बढ़ा दी।
इससे पहले 27 जुलाई को रेवाड़ी की शर्मिला धनखड़ ने पैरा शॉटपुट F57 स्पर्धा में गोल्ड जीतकर हरियाणा का पहला स्वर्ण दिलाया था।
साक्षी के पिता बोले- अब ओलिंपिक में भी गोल्ड लाएगी
गोल्ड मेडल जीतने के बाद साक्षी चौधरी के पिता मनोज कुमार, जो पेशे से किसान हैं, ने कहा कि बेटी ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्हें विश्वास है कि साक्षी भविष्य में एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतेगी।
साक्षी की मां शीला देवी ने कहा कि उनकी बेटी शुरू से ही मेहनती रही है और उसके पिता रोज सुबह-शाम उसे अभ्यास के लिए लेकर जाते थे।
प्रिया ने पूरा किया अपना वादा
फाइनल से पहले प्रिया घनघस ने कहा था कि वह ग्लास्गो से भारत के लिए गोल्ड लेकर ही लौटेंगी। उन्होंने अपना वादा निभाते हुए फाइनल में कनाडा की मुक्केबाज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की लक्की किंग्स को 5-0 से हराया था।
अब इन खिलाड़ियों पर नजर
हरियाणा के तीन और मुक्केबाजों पर अब सभी की निगाहें हैं।
- सचिन सिवाच (भिवानी) – 60 KG फाइनल
- अंकुश पंघाल (हिसार) – 80 KG फाइनल
- नरेंद्र बेरवाल (हांसी) – 90+ KG फाइनल
यदि ये खिलाड़ी भी जीत दर्ज करते हैं तो हरियाणा का स्वर्ण पदकों का आंकड़ा और बढ़ जाएगा।
Akhil Mahajan