हिसार में गर्लफ्रेंड का गर्भपात कराने वाली महिला गिरफ्तार
हिसार में लिव-इन कपल के गर्भपात और भ्रूण ठिकाने लगाने के मामले में गोहाना की क्लिनिक संचालिका गीता गिरफ्तार हुई। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की।
हिसार में गर्लफ्रेंड का गर्भपात कराने वाली महिला गिरफ्तार
➤ गोहाना में फर्जी क्लिनिक चलाकर बिना मेडिकल जांच दी थी गर्भपात की हैवी डोज
➤ लिव-इन कपल के पकड़े जाने के बाद सामने आई क्लिनिक संचालिका की भूमिका
हरियाणा के हिसार में लिव-इन में रह रही प्रेमिका का गर्भपात करवाने और भ्रूण को ठिकाने लगाने के मामले में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। लिव-इन कपल को गिरफ्तार करने के बाद अब हिसार पुलिस ने उस महिला को भी दबोच लिया है, जिसने युवती को गर्भपात की दवाइयां दी थीं।
आरोप है कि महिला गोहाना में ‘कृष्णा क्लिनिक’ नाम से अवैध क्लिनिक चला रही थी। पुलिस के अनुसार, उसने बिना किसी मान्य डॉक्टरी डिग्री और मेडिकल जांच के पैसों के लालच में युवती को गर्भपात की हैवी डोज दवाइयां दी थीं। दवाइयों के असर से युवती को समय से पहले तेज दर्द उठा और उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद भ्रूण को झाड़ियों और श्मशान घाट के पास फेंकने की साजिश रची गई।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने हिसार के ऋषि नगर और सेक्टर-14 क्षेत्र से भ्रूण फेंकने की कोशिश करते हुए आरोपी प्रेमी अनिल कुमार (29), निवासी गांव नियाणा को पकड़ लिया था।
सात साल से लिव-इन में रह रहे थे प्रेमी-प्रेमिका
पुलिस के अनुसार, अनिल कुमार और उसकी प्रेमिका पिछले 7 साल से हिसार में लिव-इन में रह रहे थे। प्रेमिका के गर्भवती होने के बाद दोनों को लोकलाज और सामाजिक बदनामी का डर सताने लगा। इसी के चलते दोनों ने गर्भपात कराने की साजिश रची।
इसके बाद दोनों ने गोहाना के बड़ौदा रोड स्थित कृष्णा क्लिनिक से संपर्क किया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि क्लिनिक चलाने वाली महिला ने युवती को गर्भपात की दवाइयां दी थीं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रेमी और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था।
8 जुलाई को भ्रूण लेकर घूमते युवक को पुलिस ने पकड़ा था
इस मामले में पुलिस को पहली बड़ी सफलता 8 जुलाई 2026 को मिली थी। हिसार के सेक्टर-14 पार्ट-2 क्षेत्र में गश्त कर रही ईआरवी टीम ने एक युवक को नवजात भ्रूण के साथ गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, ईआरवी में तैनात एसएसआई सोमबीर और एलएससी सुमन को सूचना मिली थी कि श्मशान घाट रोड पर एक संदिग्ध युवक पॉलीथिन लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान युवक के पास मौजूद पॉलीथिन से एक भ्रूण बरामद हुआ। पूछताछ में युवक ने अपना नाम गांव नियाणा निवासी अनिल कुमार बताया।
पुलिस ने भ्रूण को नागरिक अस्पताल भेजा, मौके पर जुटाए साक्ष्य
भ्रूण बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे तुरंत नागरिक अस्पताल भिजवा दिया। इसके साथ ही मौके पर सीन ऑफ क्राइम यानी एसओसी टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक तरीके से भी जांच की थी। पूछताछ और जांच के दौरान जब पुलिस ने प्रेमी और प्रेमिका से कड़ाई से जानकारी जुटाई तो मामले की एक और कड़ी गोहाना के कृष्णा क्लिनिक से जुड़ गई।
गोहाना के कृष्णा क्लिनिक से जुड़ी महिला की भूमिका सामने आई
पुलिस के अनुसार, लिव-इन कपल ने गोहाना के बड़ौदा रोड स्थित कृष्णा क्लिनिक से संपर्क किया था। क्लिनिक चलाने वाली महिला पर आरोप है कि उसने बिना किसी मान्य डॉक्टरी डिग्री और मेडिकल जांच के पैसों के लालच में युवती को गर्भपात की हैवी डोज दवाइयां दीं।
दवाइयों के असर से युवती को समय से पहले तेज दर्द उठा और उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद भ्रूण को झाड़ियों और श्मशान घाट के पास फेंकने की साजिश रची गई। इसी मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने क्लिनिक संचालिका को गिरफ्तार किया।
हिसार पुलिस ने गोहाना में छापेमारी कर महिला को पकड़ा
मामले की जांच के दौरान हिसार पुलिस की विशेष टीम ने गोहाना स्थित क्लिनिक पर छापेमारी की। यहां से महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान गीता पत्नी भूषण, निवासी नीलम सिनेमा के पास, बड़ौदा रोड, सोनीपत के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में सीधे जेल भेज दिया।
मामले में पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है। लिव-इन कपल की गिरफ्तारी के बाद सामने आई क्लिनिक संचालिका की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Akhil Mahajan