क्लब फायरिंग से खुला इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क, ATS ने 7 आरोपी दबोचे
पंचकूला अलिफ-लैला क्लब फायरिंग की जांच में इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा हुआ। ATS ने सात आरोपी पकड़े, अमेरिका तक नेटवर्क के तार जुड़े।
अलिफ-लैला क्लब फायरिंग केस से इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क का खुलासा, ATS ने 7 आरोपी दबोचे
➤ लेडी ब्लॉगर अंजलि को गोली लगने वाले तीन आरोपी भी गिरफ्तार, अमेरिका से नेटवर्क चलने का दावा
➤ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली ड्रग्स और हथियारों की खेप पहुंचाने का काम, हरियाणा-पंजाब के क्लब जांच के दायरे में
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला स्थित अलिफ-लैला नाइट क्लब में 13 सितंबर को हुई फायरिंग की जांच अब एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क तक पहुंच गई है। फायरिंग मामले की जांच के दौरान हरियाणा एटीएस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वे तीन आरोपी भी शामिल हैं, जिन पर क्लब में फायरिंग के दौरान लेडी ब्लॉगर अंजलि के घायल होने का आरोप है।
एसपी वरुण सिंगला के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अमेरिका से संचालित हो रहे एक नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। इस नेटवर्क पर पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पहुंचने वाली मादक पदार्थों और हथियारों की खेप को तय ठिकानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय हैंडलरों का इस्तेमाल करने का आरोप है।
आरोपियों के कब्जे से एक एक्सयूवी, एक स्कॉर्पियो, एक यूएस मेड पिस्टल, 3 कैश काउंटिंग मशीन, 5 मोबाइल फोन, 12 कारतूस और चिट्टा हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, जांच में नेटवर्क की कड़ियां सामने आने के बाद मामले का दायरा बढ़ाया गया है और अब हरियाणा-पंजाब के दूसरे क्लबों और पबों से जुड़े संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
यूएस मेड पिस्टल मिलने के बाद खुला टेरर एंगल
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में अहम सुराग तब मिला, जब फायरिंग के मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू, निवासी फिरोजपुर, पंजाब को खरड़ से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से यूएस मेड पिस्टल बरामद हुई।
पिस्टल की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाया और टेरर एंगल से भी जांच शुरू की। जांच में यह बात सामने आई कि गुरप्रीत समेत तीनों आरोपी पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलाकों के रहने वाले हैं। इसके बाद मामले की जांच हरियाणा एटीएस को सौंप दी गई।
13 सितंबर की अलसुबह क्लब में चली थीं गोलियां
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि 13 सितंबर की अलसुबह पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब में फायरिंग की घटना हुई थी। जांच में सामने आया कि पांच युवक दो अलग-अलग गाड़ियों में क्लब पहुंचे थे।
क्लब में शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर युवकों में विवाद हो गया। इसी दौरान एक आरोपी ने गाड़ी से पिस्तौल निकालकर दो राउंड फायर कर दिए। फायरिंग में लेडी ब्लॉगर अंजलि घायल हो गई थी। घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके से तीन आरोपी पकड़े, चार की बाद में गिरफ्तारी
एसपी के मुताबिक, इस मामले में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 3 आरोपियों को घटना के समय मौके से ही काबू कर लिया गया था। एक अन्य आरोपी को एसएएस नगर से और 3 आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की निशानदेही पर एक कैश काउंटिंग मशीन भी बरामद की गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि नेटवर्क के कुछ हैंडलर अमेरिका में बैठे हैं। आरोप है कि वे स्थानीय लोगों को रहने की जगह, वाहन और रुपये उपलब्ध करवाते थे, ताकि हथियारों, नशीले पदार्थों और ड्रग्स मनी की तस्करी की जा सके।
529 ग्राम चिट्टा हेरोइन बाइक में छिपाकर रखी थी
एटीएस की जांच में नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया गया। एक आरोपी की निशानदेही पर बाइक में छिपाकर रखी गई 529 ग्राम चिट्टा हेरोइन की खेप बरामद की गई।
इसके अलावा आरोपी के अड्डे की तलाशी के दौरान एक 30 बोर पिस्टल, 3 लाइव राउंड और कैश काउंटिंग मशीन भी बरामद की गईं। इसके बाद लुधियाना में दबिश दी गई, जहां से स्कॉर्पियो गाड़ी, एक कैश काउंटिंग मशीन सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए।
पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। इसी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
ड्रोन से आने वाली ड्रग्स और हथियारों की खेप पहुंचाते थे आरोपी
एटीएस एसपी के अनुसार, क्लब में फायरिंग करने वाले आरोपी किसी बड़े नेटवर्क के लिए ‘कैरियर’ यानी डिलीवरी मैन के तौर पर काम कर रहे थे। उनका एक प्रमुख काम ट्राईसिटी यानी चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के पब, क्लब और नशे के कारोबार से इकट्ठा होने वाली ‘ड्रग्स मनी’ को कलेक्ट करना था।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद यह पैसा हवाला ऑपरेटरों के जरिए विदेश में बैठे आकाओं तक भेजा जाता था। जांच में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली मादक पदार्थों और हथियारों की खेप को आगे पहुंचाने की कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
हरियाणा-पंजाब के दूसरे क्लब और पब भी जांच के दायरे में
शुरुआत में पकड़े गए तीन आरोपियों की पहचान लखबीर सिंह उर्फ लक्की, गुरप्रीत और करनजीत सिंह के रूप में हुई है। तीनों फिरोजपुर, पंजाब के रहने वाले हैं। यह इलाका पाकिस्तान बॉर्डर से सटा हुआ है।
इनमें गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू को मामले का मुख्य आरोपी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, यही वह शख्स था जिसने 13 सितंबर की रात अलिफ-लैला क्लब के अंदर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दहशत फैलाई थी।
एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि पंजाब और हरियाणा के किन-किन क्लबों और पबों से ड्रग्स का पैसा जुटाया जा रहा था। जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और संभावित ठिकानों की जानकारी भी जुटा रही हैं।
अलिफ-लैला क्लब में फायरिंग की पूरी कहानी
डांस के दौरान कहासुनी से शुरू हुआ विवाद
पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित ‘अलिफ लैला’ नाइट क्लब में तीन पंजाबी युवकों ने फायरिंग कर दी थी। युवक क्लब में डांस करने पहुंचे थे और इसी दौरान तीनों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसके बाद एक युवक ने नशे की हालत में दो फायर कर दिए।
इसी दौरान वहां वीडियो शूट करने पहुंची लेडी ब्लॉगर अंजलि को छर्रा लग गया था।
दो सप्ताह से सहेलियों के साथ क्लब में ब्लॉग बना रही थी अंजलि
जांगरा (चंडीगढ़) की रहने वाली पीड़ित अंजलि ने पुलिस को बताया था कि वह पिछले दो हफ्तों से अलिफ लैला नाइट क्लब में अपनी सहेलियों प्रियंका, मुस्कान और आश्मा के साथ ब्लॉग बनाने का काम कर रही थी। शनिवार रात करीब 11:00 बजे वह काम पर पहुंची थी।
रात करीब 12 बजे जब वह सीढ़ियों के पास बने वॉशरूम से बाहर निकली तो उसने मेन गेट के पास कुछ लड़कों के बीच मारपीट होते देखी। घबराकर वह सीढ़ियों पर ही रुक गई।
कांच का गिलास टूटकर गर्दन पर लगा
अंजलि के मुताबिक, इसी दौरान एक युवक ने कांच का गिलास फेंककर मारा। गिलास दीवार से टकराकर टूट गया और उसके टुकड़े अंजलि की गर्दन पर जा लगे। इससे खून निकलने लगा।
इसके बाद जब वह नीचे की ओर झुकने लगी, तभी बाहर से सफेद रंग की कमीज पहने एक युवक हाथ में पिस्तौल लेकर क्लब के अंदर दाखिल हुआ। उसने क्लब के गेट के ऊपर दो फायर कर दिए।
एक गोली दीवार से टकराकर अंजलि की पीठ पर, गर्दन के ठीक नीचे, जा लगी। इसके बाद क्लब के शेफ ने अंजलि की मदद की और उसे गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
भीड़ ने तीन आरोपियों को पकड़कर पीटा
फायरिंग की घटना के बाद क्लब में मौजूद भीड़ ने उपद्रव कर रहे तीन युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने के बाद सेक्टर-10 पुलिस चौकी की टीम और डायल-112 की गाड़ी मौके पर पहुंची।
पुलिस ने भीड़ के चंगुल से तीनों आरोपियों को छुड़ाया और उन्हें सुरक्षित अपनी गाड़ी में बैठाया।
पकड़े गए तीनों आरोपी फिरोजपुर के रहने वाले
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के फिरोजपुर के गांव मट्टरउतार निवासी लखबीर सिंह उर्फ लकी, गांव बंदीवाला, फिरोजपुर निवासी गुरप्रीत और गांव जुवाये सिंहवाला निवासी करन के रूप में हुई।
मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि तीनों आरोपी भारी नशे में थे। भीड़ की पिटाई में उन्हें भी चोटें आई थीं।
अब इसी फायरिंग मामले की जांच से सामने आए नार्को-टेरर नेटवर्क की कड़ियों को एटीएस खंगाल रही है। अमेरिका में बैठे कथित हैंडलरों से लेकर पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली खेप और ट्राईसिटी में ड्रग्स मनी की वसूली तक, जांच का दायरा क्लब फायरिंग की घटना से काफी आगे बढ़ चुका है।
Akhil Mahajan