जमानत पर छूटा पूर्व सरपंच तो निकाला जुलूस, 6 KM तक सड़क पर दिखा हुड़दंग; 120 लोगों पर FIR

नूंह में जमानत पर छूटे पूर्व सरपंच नसरू के समर्थकों ने करीब 6 किलोमीटर जुलूस निकाला। हथियार लहराने और सड़क जाम के आरोप में 120 पर FIR हुई।

जमानत पर छूटा पूर्व सरपंच तो निकाला जुलूस, 6 KM तक सड़क पर दिखा हुड़दंग; 120 लोगों पर FIR

जमानत के बाद पूर्व सरपंच के समर्थकों ने करीब 6 KM तक निकाला जुलूस
थार-स्कॉर्पियो समेत 10-12 गाड़ियां और 30-40 बाइक जुलूस में शामिल
हथियार लहराने और सड़क जाम के आरोप, पूर्व सरपंच समेत 120 पर FIR


नूंह। हरियाणा के नूंह जिले में करप्शन के केस में जेल में बंद रहे पूर्व सरपंच नसरू के जमानत पर बाहर आने के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नसरू को 19 सितंबर को नूंह कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद उनके समर्थक जेल के बाहर जुटे और थार, स्कॉर्पियो समेत कई गाड़ियों और बाइक के साथ जुलूस निकाला गया। आरोप है कि करीब छह किलोमीटर तक निकाले गए इस जुलूस के दौरान कुछ लोग गाड़ियों की छत पर चढ़कर जश्न मनाते और हुड़दंग करते रहे। जुलूस के दौरान सड़क पर वाहनों के रुकने से ट्रैफिक प्रभावित हुआ और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामले में नहेदा के मौजूदा सरपंच जुबैर खान ने पुलिस को शिकायत दी और जुलूस से संबंधित वीडियो भी पुलिस को सौंपे। शिकायत और वीडियो के आधार पर पुलिस ने पूर्व सरपंच नसरू समेत छह नामजद और करीब 100-120 अन्य लोगों के खिलाफ बलवा, रोड जाम करने, धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

जमानत पर बाहर आने पर पूर्व सरपंच नसरू के समर्थकों ने निकाली जुलूस।

जमानत के बाद निकाला गया जुलूस

जानकारी के मुताबिक, नसरू को 19 सितंबर को नूंह कोर्ट से जमानत मिली थी। जेल से बाहर आने के बाद उनके समर्थकों की ओर से मोड़-जुरहेड़ा रोड से नहेदा गांव तक जुलूस निकाला गया। बताया गया है कि जुलूस करीब छह किलोमीटर लंबा था।

जुलूस में थार और स्कॉर्पियो जैसी 10-12 गाड़ियां और करीब 30-40 बाइक शामिल थीं। आरोप है कि कुछ लोग वाहनों की छतों पर चढ़कर जश्न मनाते और हुड़दंग करते नजर आए। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और जाम की स्थिति बनी, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई।

आतिशबाजी और हथियार लहराने के आरोप

शिकायत के अनुसार, जुलूस के दौरान कुछ वाहनों को सड़क पर रोक दिया गया, जिससे आम लोगों के आवागमन में रुकावट आई। गांव पहुंचने के बाद आतिशबाजी किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा कुछ लोगों पर देसी कट्टे जैसे अवैध हथियार लहराने के आरोप लगाए गए हैं।

मामले में मौजूदा सरपंच को धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने जुलूस से जुड़े वीडियो पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इन्हीं वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।

जूलूस की वजह से रोड पर जाम लग गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पूर्व सरपंच समेत 120 लोगों पर केस

पुलिस ने मामले में पूर्व सरपंच नसरू समेत छह नामजद लोगों और करीब 100-120 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने राशीद, साबिर, आशीफ, तोफिक और जाबीद समेत कई अन्य लोगों की पहचान का दावा किया है।

पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार, बिछौर थाने में BNS की धारा 191, 190, 285, 270, 125, 351(3), 223B और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और उसके आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जेल जाने से लेकर जमानत और जुलूस तक की पूरी घटना

इस पूरे मामले की शुरुआत पंचायत राशि में धोखाधड़ी और गबन की शिकायत से हुई थी। नहेदा के मौजूदा सरपंच जुबैर खान ने पूर्व सरपंच नसरू पुत्र रहमान के खिलाफ शिकायत की थी। जुबैर के मुताबिक, उसने इस संबंध में BDPO कार्यालय पुन्हाना में शिकायत दी थी। जांच के बाद बिछौर थाने में मामला दर्ज किया गया था।

इसके बाद 22 अगस्त 2026 को नसरू को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायतकर्ता जुबैर का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद से नसरू और उसका परिवार उससे रंजिश रखने लगा।

पंचायत रिकॉर्ड को लेकर भी हुआ था विवाद

मौजूदा सरपंच जुबैर खान के अनुसार, 4 फरवरी 2023 को पूर्व सरपंच नसरू पुत्र रहमान, असरू पुत्र रहमान, अय्यूब पुत्र इस्माइल और यूनुस पुत्र इदरीस उसके घर पहुंचे थे। उन्होंने पंचायत के पुराने रिकॉर्ड की मांग की थी। बातचीत के बाद कुछ रिकॉर्ड उन्हें दे दिए गए।

जुबैर खान का आरोप है कि उक्त लोग पंचायत से संबंधित रिकॉर्ड अपने साथ ले गए। बाद में जब रिकॉर्ड वापस मांगा गया तो कहा गया कि संबंधित व्यक्ति तब्लीगी जमात में गए हुए हैं और उनके वापस आने के बाद रिकॉर्ड दे दिया जाएगा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, काफी समय बीतने के बाद भी रिकॉर्ड वापस नहीं किए गए।

रिकॉर्ड मांगने पर धमकी देने का आरोप

जुबैर खान ने आरोप लगाया कि रिकॉर्ड वापस मांगने पर नसरू ने उसके साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। उसने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।

इसके बाद 23 जनवरी 2026 को दोबारा शिकायत दी गई। इसके बाद बिछौर थाना पुलिस ने धारा 406 IPC के तहत केस दर्ज किया था।

अब जमानत पर बाहर आने के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर दर्ज हुई नई FIR के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जुलूस से जुड़े वीडियो के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।