करनाल सरकारी अस्पताल में मरीज की मौ*त,पत्नी ने डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप

करनाल सरकारी अस्पताल में 40 वर्षीय मरीज रंजीत की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया

करनाल सरकारी अस्पताल में मरीज की मौ*त,पत्नी ने डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप

10 दिन से खांसी से परेशान था रंजीत, रात में खांसी के दौरान मुंह से आया था खून
नजदीकी अस्पताल से करनाल सरकारी अस्पताल रेफर किया गया, इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में किया हंगामा

करनाल के सरकारी अस्पताल में मंगलवार को 40 वर्षीय मरीज रंजीत की इलाज के दौरान मौत हो गई। रंजीत पिछले करीब 10 दिन से खांसी से परेशान था। सोमवार रात खांसी के दौरान उसके मुंह से खून आने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए पहले नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे करनाल के सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान रंजीत की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया और अस्पताल में हंगामा किया। मृतक तीन बच्चों का पिता था।

10 दिन से खांसी थी, रोजाना काम भी कर रहा था

मृतक रंजीत की पत्नी नीमा देवी ने बताया कि उनके पति को करीब 10 दिन से खांसी थी। वह दवाई ले रहे थे और इसके बावजूद रोजाना काम पर भी जा रहे थे। सोमवार रात अचानक खांसी के दौरान उनके मुंह से खून आया। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें रात में ही इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे।

नीमा देवी के अनुसार, वहां डॉक्टरों ने रंजीत को दो टीके लगाए और दवाई दी। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें करनाल के सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि सरकारी अस्पताल में रंजीत का सही इलाज हो जाएगा।

पत्नी ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप

नीमा देवी का आरोप है कि नजदीकी अस्पताल में कम से कम उनके पति का इलाज किया जा रहा था, लेकिन करनाल के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ ने रंजीत पर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें वह देखभाल नहीं मिली, जिसकी जरूरत थी।

परिजनों के इन आरोपों के बाद अस्पताल में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। परिवार ने मामले में डॉक्टरों और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।

साले का आरोप- खांसी आते ही मरीज से दूर भागते थे डॉक्टर

मृतक के साले धर्मबीर ने भी अस्पताल के डॉक्टरों के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि रंजीत अपने पैरों पर चलकर सरकारी अस्पताल के अंदर गया था। धर्मबीर का आरोप है कि जब भी रंजीत को खांसी आती थी, डॉक्टर उससे दूर चले जाते थे।

धर्मबीर ने कहा कि अगर डॉक्टर ही मरीज से दूर भागेगा तो फिर उसका इलाज कौन करेगा। परिजनों ने इसी तरह के आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन से मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिजनों को काफी देर तक नहीं दी गई मौत की जानकारी

परिजनों का आरोप है कि रंजीत को अस्पताल के अंदर ले जाने के बाद काफी देर तक उन्हें उसकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। धर्मबीर के मुताबिक, रंजीत की मौत हो चुकी थी, लेकिन डॉक्टरों ने परिवार को यह तक नहीं बताया कि उसकी जान चली गई है

मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिवार की ओर से डॉक्टरों और स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की गई।

फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोप ही सामने आए हैं। मामले में अस्पताल की ओर से कोई अलग पक्ष या आधिकारिक जांच रिपोर्ट की जानकारी इस खबर में नहीं दी गई है।

करनाल सरकारी अस्पताल में मरीज की मौत पर उठे सवाल

रंजीत की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल में इलाज और मरीज के साथ किए गए व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि रंजीत अस्पताल पहुंचने के समय खुद चलकर अंदर गया था, लेकिन कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।

परिवार अब पूरे मामले की जांच और यह स्पष्ट किए जाने की मांग कर रहा है कि इलाज के दौरान रंजीत की हालत कैसे बिगड़ी और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई