एशियन गेम्स में भिवानी की साक्षी चौधरी का शानदार आगाज, ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को 5-0 से हराया; 14 साल की मेहनत रंग लाई

भिवानी की साक्षी चौधरी ने एशियन गेम्स 2026 में 51 किलोग्राम वर्ग के पहले मुकाबले में ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को 5-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

एशियन गेम्स में भिवानी की साक्षी चौधरी का शानदार आगाज, ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को 5-0 से हराया; 14 साल की मेहनत रंग लाई

साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम वर्ग में 5-0 से दर्ज की जीत
पेरिस ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट आइरा विलिगास को हराया
24 सितंबर को होगा साक्षी का अगला मुकाबला, परिवार को जीत की उम्मीद


भिवानी। एशियन गेम्स 2026 में भिवानी के गांव धनाना की बॉक्सर साक्षी चौधरी ने मंगलवार को शानदार शुरुआत की। महिला 51 किलोग्राम भारवर्ग के पहले मुकाबले में साक्षी ने पेरिस ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट आइरा विलिगास को 5-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। साक्षी के इस प्रदर्शन से गांव धनाना में खुशी का माहौल है। परिवार ने घर पर बैठकर टीवी पर मुकाबला देखा और बेटी की जीत के बाद खुशी जताई। परिजनों का कहना है कि साक्षी की करीब 14 साल की मेहनत अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर रंग ला रही है।

साक्षी चौधरी ने एशियन गेम्स में अपने पहले ही मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया। शुरुआत से ही वह पूरे जोश में नजर आईं और मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी। साक्षी ने 5-0 के अंतर से जीत दर्ज करते हुए अगले दौर में प्रवेश किया। उनके सामने पेरिस ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट आइरा विलिगास थीं। इस जीत के बाद साक्षी के परिवार और गांव के लोगों का उत्साह बढ़ गया है।

भिवानी के गांव धनाना स्थित साक्षी चौधरी के घर पर मुकाबला देखते हुए परिवार।

घर पर टीवी के सामने मुकाबला देखते रहे परिजन

साक्षी के मुकाबले को उनके परिवार ने गांव धनाना स्थित घर पर बैठकर टीवी पर देखा। मुकाबले के दौरान परिवार के सदस्य लगातार साक्षी के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए थे। जीत के बाद परिवार में खुशी का माहौल बन गया।

साक्षी के पिता मनोज कुमार ने बताया कि साक्षी ने काफी अच्छा मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि साक्षी शुरुआत से ही पूरे जोश में दिखाई दी और उसने ओलिंपिक 2024 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को पहले ही मुकाबले में हराकर शानदार शुरुआत की है।

मनोज कुमार ने बताया कि अब साक्षी का अगला मुकाबला 24 सितंबर को खेला जाएगा। परिवार को उम्मीद है कि अगले मुकाबले में भी साक्षी जीत के लिए अपना पूरा जोर लगाएगी और बेहतर प्रदर्शन करेगी।

कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद एशियन गेम्स पर था फोकस

साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद कहा था कि अब उनका फोकस एशियन गेम्स पर रहेगा। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स की तैयारी के लिए लगातार मेहनत की और मुकाबले के लिए पसीना बहाया।

अब एशियन गेम्स के पहले मुकाबले में मिली जीत ने उनकी तैयारी को एक मजबूत शुरुआत दी है। साक्षी ने 51 किलोग्राम भारवर्ग में जीत दर्ज कर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है।

किसान परिवार से निकलकर बॉक्सिंग में बनाई पहचान

भिवानी के गांव धनाना की बेटी साक्षी चौधरी 51 किलोग्राम भारवर्ग में बॉक्सिंग करती हैं। उनके पिता मनोज कुमार खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि उनकी मां शीला देवी गृहणी हैं। परिवार में मनोज कुमार के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी साक्षी हैं। उनका बेटा आर्मी में लगे हुए हैं।

साक्षी ने वर्ष 2012 में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। उन्हें बॉक्सिंग करते हुए करीब 14 साल हो चुके हैं। इतने लंबे समय से वह लगातार इस खेल में मेहनत कर रही हैं और अब एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।

एमए पूरी कर एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं साक्षी

बॉक्सिंग के साथ साक्षी अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रही हैं। उन्होंने एमए की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं। खेल और पढ़ाई दोनों को साथ लेकर चल रही साक्षी ने अपने प्रदर्शन से परिवार और गांव का उत्साह बढ़ाया है।

अब सभी की नजरें 24 सितंबर को होने वाले साक्षी चौधरी के अगले मुकाबले पर हैं। पहले मुकाबले में मिली 5-0 की जीत के बाद परिवार और गांव के लोगों को उनसे अगले मुकाबले में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।