हरियाणा में चेयरमैन-वाइस चेयरमैन को ग्रुप-A जैसी सुविधाएं

हरियाणा सरकार ने गैर-सरकारी चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के लिए नई पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत सैलरी, भत्ते और ग्रुप-A जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

हरियाणा में चेयरमैन-वाइस चेयरमैन को ग्रुप-A जैसी सुविधाएं

➤ चेयरमैन को 75 हजार तक मानदेय और सरकारी सुविधाएं
➤ वाइस चेयरमैन और सदस्यों के वेतन-भत्ते भी तय
➤ अब ग्रुप-A अधिकारियों जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी

पहली बार सरकार ने तय किए एक समान वेतन, भत्ते और सर्विस नियम


हरियाणा सरकार ने बोर्ड, निगम और समितियों में नियुक्त होने वाले गैर-सरकारी चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों के लिए पहली बार एक समान सर्विस शर्तें तय कर दी हैं। नई पॉलिसी के तहत अब इन पदों पर बैठे लोगों को ग्रुप-A अधिकारियों जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी। सरकार के इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहा वेतन, भत्तों और सुविधाओं को लेकर भ्रम खत्म हो जाएगा।

सरकार द्वारा जारी नई पॉलिसी के अनुसार गैर-सरकारी चेयरमैन को हर महीने 75 हजार रुपए तक मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें 50 हजार रुपए तक मकान किराया भत्ता, सरकारी गाड़ी, ड्राइवर, स्टाफ और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।

वहीं, वाइस चेयरमैन को 45 हजार रुपए तक मानदेय देने का प्रावधान किया गया है। नियमित जिम्मेदारी निभाने वाले सदस्यों को 30 हजार रुपए तक मानदेय मिलेगा। इसके अलावा टेलीफोन, मोबाइल, मेडिकल, यात्रा भत्ता और स्टाफ कार जैसी सुविधाओं के नियम भी तय कर दिए गए हैं।

सरकार ने साफ किया है कि अब इन पदों पर नियुक्त लोगों को मिलने वाली सुविधाओं और वेतन में अलग-अलग विभागों के हिसाब से भिन्नता नहीं रहेगी। अब सभी बोर्डों, निगमों और समितियों के लिए एक समान फ्रेमवर्क लागू होगा।

दरअसल, इससे पहले अलग-अलग बोर्डों और निगमों में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के वेतन और सुविधाएं अलग-अलग नियमों के अनुसार तय होती थीं। कहीं ज्यादा सुविधाएं मिलती थीं तो कहीं सीमित अधिकार और भत्ते दिए जाते थे। सरकार ने अब इस असंगत व्यवस्था को खत्म करते हुए एक समान नीति लागू कर दी है।

मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि 2017, 2019 और 2021 में जारी अलग-अलग नियमों को मिलाकर अब एक संयुक्त फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि तय नियमों से अलग किसी विशेष छूट या अतिरिक्त सुविधा की मांग पर विचार नहीं किया जाएगा।

नई पॉलिसी के तहत चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन को कार्यालय और आवास दोनों जगह टेलीफोन सुविधा मिलेगी। साथ ही उन्हें ग्रुप-A अधिकारियों के बराबर मोबाइल फोन सुविधा भी दी जाएगी।

यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता भी अब हरियाणा सिविल सेवा (TA) नियम 2016 के तहत ग्रेड-1 अधिकारियों के बराबर मिलेगा। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि सरकारी दौरे के दौरान एक महीने में 10 दिन से अधिक दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा।

इसके अलावा चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन को राज्य सरकार के ग्रुप-A अधिकारियों के समान मेडिकल सुविधाएं भी मिलेंगी। चेयरमैन को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी के बराबर स्टाफ कार और ड्राइवर उपलब्ध कराया जाएगा।

नई पॉलिसी लागू होने के बाद अब राजनीतिक नियुक्तियों और सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।