हरियाणा में पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड 6 माह और बढ़ा

हरियाणा में नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड 6 माह और बढ़ा दिया गया है। सरकार ने उन्हें एग्री स्टॉक, ततीमा अपडेशन और अन्य राजस्व कार्यों में लगाने के आदेश दिए हैं, जबकि ट्रेनी पटवारी ट्रेनिंग को सेवा में जोड़ने और पूरा वेतन देने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं।

हरियाणा में पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड 6 माह और बढ़ा

नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड 6 माह और बढ़ाया गया
एग्री स्टॉक, ततीमा अपडेशन और राजस्व कार्यों में लगाई जाएगी ड्यूटी
ट्रेनी पटवारी एक साल सेवा में जोड़ने और पूरा वेतन देने की मांग पर आंदोलनरत


हरियाणा में नवचयनित पटवारियों के लिए सरकार ने ट्रेनिंग अवधि को फिर से बढ़ा दिया है। पहले जनवरी में इसे 2 माह के लिए बढ़ाया गया था और अब मार्च में इसे 4 माह और बढ़ा दिया गया है। इस तरह कुल मिलाकर ट्रेनिंग अवधि में 6 माह की बढ़ोतरी हो गई है।

इस संबंध में हरियाणा निदेशालय भू-अभिलेख की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि सभी नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड चार महीने आगे बढ़ाकर उन्हें एग्री स्टॉक, ततीमा अपडेशन और अन्य राजस्व कार्यों में लगाया जाएगा।

साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि ट्रेनिंग के दौरान पटवारियों को उनके गृह जिले के नजदीकी तहसील या सब-तहसील में ड्यूटी दी जाए, ताकि उन्हें ज्यादा परेशानी न हो। इस अवधि के दौरान उनकी हाजिरी रिपोर्ट भी नियमित रूप से निदेशालय को भेजी जाएगी

इधर ट्रेनी पटवारियों ने सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ट्रेनिंग अवधि को एक साल तय कर इसे सेवा में जोड़ा जाए और इस दौरान पूरा वेतन दिया जाए।

ट्रेनी पटवारियों का कहना है कि जनवरी 2025 में जॉइनिंग के समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया था कि उनका ट्रेनिंग पीरियड एक साल रखा जाएगा और इसे उनकी सेवा अवधि में भी जोड़ा जाएगा। हालांकि एक साल पूरा होने के बावजूद अब तक इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।

इसी मांग को लेकर ट्रेनी पटवारी पंचकूला में प्रदर्शन भी कर चुके हैं। झज्जर सर्कल के ट्रेनी पटवारी नीतिश के अनुसार वे निदेशक भू-अभिलेख से मुलाकात कर इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी करने की मांग रखेंगे। पटवारियों का कहना है कि अगर सरकार ने तय समय सीमा के भीतर नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो वे आंदोलन को और तेज करते हुए हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकते हैं

■ट्रेनी पटवारियों की प्रमुख मांगें

ट्रेनी पटवारियों का कहना है कि पिछले 13 महीनों से वे संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें केवल 10 हजार रुपए का स्टाइपेंड मिल रहा है, जो उनके अनुसार बेहद कम है।

इसके अलावा उन्हें किसी प्रकार की मेडिकल सुविधा या मेडिक्लेम का लाभ भी नहीं मिल रहा। इसलिए वे चाहते हैं कि ट्रेनिंग अवधि को सेवा में जोड़ा जाए और प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पूरा वेतनमान और सुविधाएं दी जाएं।