रेप केस में महिला आयोग सख्त, डॉक्टर की नियुक्ति पर मांगा जवाब

कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार डॉक्टर की पुनर्नियुक्ति पर महिला आयोग ने सवाल उठाए हैं और स्वास्थ्य विभाग से तीन दिन में जवाब मांगा है।

रेप केस में गिरफ्तार रिटायर्ड डॉक्टर की दोबारा नियुक्ति पर महिला आयोग ने उठाए सवाल

स्वास्थ्य विभाग से 3 दिन के भीतर मांगा जवाब, नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी तलब

15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर आज कोर्ट में पेश होगा

कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल में 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार रिटायर्ड डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा शैली की दोबारा नियुक्ति अब सवालों के घेरे में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से जवाब तलब किया है।

महिला आयोग ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS), हरियाणा को नोटिस जारी कर पूछा है कि एक रिटायर्ड सीनियर मेडिकल ऑफिसर को आखिर किस नियम और प्रक्रिया के तहत LNJP अस्पताल में दोबारा डॉक्टर या कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया गया था। आयोग ने इस संबंध में तीन दिन के भीतर विस्तृत जवाब और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

महिला आयोग का कहना है कि अस्पताल ऐसे संवेदनशील स्थान हैं, जहां महिलाएं और बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आयोग यह भी जांचना चाहता है कि डॉक्टर की पुनर्नियुक्ति के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

मामले में आयोग ने डॉक्टर की पूरी सेवा पृष्ठभूमि की भी जांच के संकेत दिए हैं। आयोग का मानना है कि आरोप बेहद गंभीर हैं और इनका सीधा संबंध मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए केवल मौजूदा घटना ही नहीं, बल्कि डॉक्टर के पुराने रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है।

जानकारी के अनुसार 29 मई को पास के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी अपने पिता के साथ LNJP अस्पताल पहुंची थी। पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान किशोरी ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसने ओपीडी में जांच कराई।

आरोप है कि डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा शैली ने किशोरी को फीमेल वार्ड में भर्ती कराया और बाद में उसे ओपीडी में ले जाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जब किशोरी को रक्तस्राव होने लगा तो उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं उसने वरिष्ठ डॉक्टरों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।

मामले के सामने आने के बाद आरोपी डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया था। 31 मई को उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दीं। पुलिस ने 1 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को घटनास्थल की पहचान और जांच के लिए दोबारा अस्पताल भी लेकर गई। अब आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।