दिल्ली कूच से पहले शंभू बॉर्डर पर किसानों का बड़ा जमावड़ा, भारी पुलिस तैनात; घरौंडा टोल पर भी बढ़ी हलचल, बैरिकेडिंग तोड़ने का ऐलान

भारत-अमेरिका FTA के विरोध में दिल्ली मार्च से पहले शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। भारी पुलिस बल तैनात है और घरौंडा टोल पर बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली जाने का दावा किया गया है।

दिल्ली कूच से पहले शंभू बॉर्डर पर किसानों का बड़ा जमावड़ा, भारी पुलिस तैनात; घरौंडा टोल पर भी बढ़ी हलचल, बैरिकेडिंग तोड़ने का ऐलान

दिल्ली मार्च से पहले बड़ी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर पहुंचे
भारत-अमेरिका FTA के विरोध में पुलिस ने कई स्थानों पर की बैरिकेडिंग
50-100 गाड़ियों के काफिले के साथ घरौंडा टोल पहुंचने और दिल्ली कूच का दावा


नई दिल्ली/शंभू बॉर्डर। भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के विरोध में प्रस्तावित दिल्ली मार्च से पहले मंगलवार को शंभू बॉर्डर (पंजाब-हरियाणा बॉर्डर) पर किसानों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। सुबह से ही अलग-अलग इलाकों से किसान अपने वाहनों और साथियों के साथ शंभू बॉर्डर पहुंचने लगे। जैसे-जैसे किसानों की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही पर नजर बनाए रखी है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

किसानों का कहना है कि उनका दिल्ली मार्च पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा है और वे भारत-अमेरिका FTA के विरोध में अपनी आवाज राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचाना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से बड़ी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर पर एकत्र हुए हैं। दूसरी ओर प्रशासन का पूरा जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। यही वजह है कि सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ लगातार निगरानी की जा रही है।

इसी बीच आंदोलन से जुड़ी एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। किसानों की ओर से दावा किया गया है कि 50 से 100 गाड़ियों का काफिला घरौंडा टोल की ओर बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारी वहां से आगे बढ़कर दिल्ली पहुंचने की बात कह रहे हैं। किसानों का यह भी ऐलान है कि यदि रास्ते में बैरिकेडिंग की गई तो उसे पार कर अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगे। इस घोषणा के बाद घरौंडा टोल और आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

शंभू बॉर्डर और घरौंडा टोल पर बढ़ती गतिविधियों के चलते पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। पुलिस लगातार हालात की निगरानी कर रही है, जबकि किसान अपने कार्यक्रम पर कायम रहने की बात दोहरा रहे हैं। ऐसे में दिनभर की गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे की स्थिति को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

दिल्ली मार्च को लेकर किसानों की तैयारियों और प्रशासन की सतर्कता के बीच शंभू बॉर्डर एक बार फिर आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है। किसानों की लगातार बढ़ती मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिनभर घटनाक्रम तेजी से बदलने की संभावना बनी हुई है।