पानीपत से अगवा 7 माह का मासूम यूपी में मिला: बेटे की चाहत में एक लाख में हुआ था सौदा, 3 आरोपियों को पकड़ा

पानीपत से अगवा किया गया 7 माह का मासूम 30 घंटे बाद यूपी के एटा जिले से सकुशल बरामद हुआ। बेटे की चाहत में बच्चे का एक लाख रुपए में सौदा किया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पानीपत से अगवा 7 माह का मासूम यूपी में मिला: बेटे की चाहत में एक लाख में हुआ था सौदा,  3 आरोपियों को पकड़ा

पानीपत से किडनैप 7 माह का मासूम 30 घंटे बाद यूपी से सकुशल बरामद
बेटे की चाहत में रची गई साजिश, ₹1 लाख में किया गया बच्चे का सौदा
100 से ज्यादा CCTV खंगालने के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा


पानीपत। हरियाणा के पानीपत से अगवा किया गया 7 महीने का मासूम बच्चा आखिरकार पुलिस की मुस्तैदी से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने करीब 30 घंटे के ऑपरेशन के बाद बच्चे को उत्तर प्रदेश के एटा जिले से सुरक्षित बरामद किया। इस मामले में बच्चे को खरीदने वाले व्यक्ति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि बेटे की चाहत में पूरी किडनैपिंग की साजिश रची गई थी और मासूम का एक लाख रुपए में सौदा किया गया था।

पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया है।

पानीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को प्रेसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 9 मार्च को थाना चांदनी बाग क्षेत्र की अंबा कॉलोनी से यह वारदात हुई थी। दो युवक बाइक पर सवार होकर झुग्गी बस्ती के पास पहुंचे और वहां खेल रही 7 साल की बच्ची आशियाना को बिस्किट का पैकेट दिया। इसके बाद उन्होंने उससे कहा कि अपने 7 महीने के भाई मानशुभ को भी बिस्किट दिलाने के लिए ले आए। जैसे ही बच्ची अपने भाई को लेकर आई, आरोपी बच्चे को छीनकर मौके से फरार हो गए।

गरीब परिवार के बच्चे को बनाया निशाना


पीड़ित परिवार मूल रूप से राजस्थान के अलवर का रहने वाला है और फिलहाल पानीपत के काला आंब के पास झुग्गियों में रह रहा था। घटना के समय बच्चे के माता-पिता पास ही एक शादी समारोह में ढोलक बजाने गए हुए थे। घर पर 7 माह का हिमांशु अपनी बहन के साथ था, तभी आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर बच्चे का अपहरण कर लिया।

100 से ज्यादा CCTV खंगालने के बाद मिली सफलता


घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सीआईए और थाना चांदनी बाग की टीमों को सक्रिय कर दिया। सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र की टीम ने इलाके के 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपियों के उत्तर प्रदेश के एटा जिले में होने की जानकारी मिली इसके बाद पुलिस टीम ने एटा के गांव करथला में छापेमारी कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस दौरान तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

एटा और कासगंज के रहने वाले हैं आरोपी


पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलमान (निवासी सिद्धपुरा, कासगंज), आजाद (निवासी अमनपुरा, कासगंज) और मुकेश गुप्ता (निवासी करथला, एटा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सलमान और आजाद फिलहाल सोनीपत के भैंसवाल गांव में रह रहे थे और वहीं से उन्होंने इस वारदात की योजना बनाई।

बेटे की चाहत में रची गई पूरी साजिश


पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी मुकेश गुप्ता की केवल एक बेटी है, जिसकी उम्र 21 साल है। उसे लंबे समय से बेटा होने की चाहत थी, लेकिन उम्र और सामाजिक दबाव के कारण वह बच्चा पैदा नहीं करना चाहता था। इसी वजह से उसने सलमान को एक लाख रुपए देने का लालच देकर किसी गरीब परिवार का बच्चा लाने को कहा।

इसके बाद सलमान और आजाद ने 8 मार्च को पानीपत में रेकी की और अगले दिन झुग्गी बस्ती के गरीब परिवार के बच्चे को निशाना बना लिया। अपहरण के तुरंत बाद आरोपी बच्चे को लेकर एटा पहुंचे और उसे मुकेश गुप्ता को सौंप दिया।

आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया


पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस सौदे में दी गई रकम की बरामदगी के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपहरण गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।