हरियाणा के युवक की अमेरिका में हादसे में मौ*त

कुरुक्षेत्र के पिहोवा निवासी 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। परिवार नवंबर-दिसंबर में उसके घर लौटने की तैयारी कर रहा था।

हरियाणा के युवक की अमेरिका में हादसे में मौ*त

अमेरिका में सड़क हादसे में पिहोवा के 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा की मौत

गलत साइड से आए ट्राले को बचाने में बैरियर से टकराया ट्राला, 20 फीट नीचे गिरा

12 साल बाद नवंबर-दिसंबर में घर लौटने और शादी की तैयारी थी, हादसे ने खुशियां मातम में बदलीं

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी निवासी 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। विक्की अमेरिका के इंडियाना में रह रहा था और ट्राला चलाने का काम करता था। 17-18 सितंबर की रात करीब ढाई बजे वह ट्राले में सामान लेकर हाईवे से जा रहा था। इसी दौरान सामने से गलत साइड में एक दूसरा ट्राला आ गया। उसे बचाने के प्रयास में विक्की का ट्राला बेकाबू होकर हाईवे के किनारे बने कंक्रीट के बैरियर से टकरा गया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। वह सिर के बल नीचे गिरा, जिससे उसे गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल शव आहयो के अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ है और सोमवार को पोस्टमॉर्टम होगा।

रात साढ़े 11 बजे परिवार को मिली हादसे की सूचना

विक्की इंडियाना में पिहोवा के ही रहने वाले युवक हैप्पी के साथ रूममेट था। हादसे के बाद वहां की पुलिस ने हैप्पी से विक्की की पहचान करवाई। इसके बाद हैप्पी ने शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे पिहोवा में विक्की के परिवार को फोन किया और हादसे की जानकारी दी।

परिवार को जब विक्की की मौत की खबर मिली तो घर में मातम छा गया। परिजन और रिश्तेदार इस दुखद सूचना से सदमे में हैं।

गलत साइड से आया ट्राला, बचाने के दौरान हुआ हादसा

विक्की के चाचा राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि अमेरिका के समय के मुताबिक 17-18 सितंबर की रात करीब ढाई बजे विक्की ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। ओहायो शहर के पास हाईवे पर सामने से गलत साइड में अचानक दूसरा ट्राला आ गया।

विक्की ने दूसरे ट्राले को बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उसका ट्राला बेकाबू हो गया और हाईवे के किनारे बने कंक्रीट के बैरियर से जा टकराया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर गिर गया। नीचे गिरते ही उसकी मौत हो गई।

सुबह पुलिस ने हादसे की सूचना ट्रांसपोर्ट संचालक तक पहुंचाई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भेज दिया। अब सोमवार को विक्की के शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

12 साल बाद पहली बार स्थायी तौर पर घर लौटने वाला था विक्की

विक्की के परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद बड़ा झटका है, क्योंकि वह करीब 12 साल से अमेरिका में रह रहा था और अब पहली बार स्थायी तौर पर घर लौटने की तैयारी कर रहा था।

परिवार के मुताबिक, 16 सितंबर को ही विक्की ने अपने पिता कश्मीरी लाल से फोन पर बातचीत की थी। उसने घर लौटने को लेकर परिवार से बात की थी। बेटे के वापस आने की उम्मीद से पिता समेत पूरा परिवार खुश था।

किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटने की तैयारी कर रहा विक्की कुछ ही समय बाद इतनी दूर अमेरिका में हादसे का शिकार हो जाएगा।

नवंबर-दिसंबर में घर आने और शादी की थी तैयारी

विक्की के पिता कश्मीरी लाल के मुताबिक, उनका बेटा नवंबर-दिसंबर में घर वापस आने वाला था। विक्की ने परिवार को बताया था कि भारत लौटने के बाद वह अपना कोई काम शुरू करेगा।

बेटे के लंबे समय बाद वापस घर आने की खबर से परिवार में खुशी का माहौल था। इसी बीच घर में विक्की की शादी को लेकर भी बातचीत और तैयारी चल रही थी। परिवार भविष्य को लेकर योजनाएं बना रहा था, लेकिन घर लौटने से पहले ही अमेरिका से उसकी मौत की खबर आ गई।

परिवार जिस बेटे के वापस आने और उसकी शादी की तैयारियों को लेकर खुश था, उसी घर में अब उसके अंतिम संस्कार की तैयारी की चिंता है।

2014 में 45 से 50 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका गया था

चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की साल 2014 में अमेरिका गया था। उसे अमेरिका भेजने में परिवार ने करीब 45 से 50 लाख रुपये खर्च किए थे

राजकुमार के अनुसार, एजेंट ने विक्की को डंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचाया था और इस पूरी प्रक्रिया में करीब दो साल का समय लगा था। इसके बाद विक्की अमेरिका में ही रहकर ट्राला चलाने का काम कर रहा था।

करीब 12 साल अमेरिका में रहने के बाद विक्की अब स्थायी तौर पर घर लौटने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही सड़क हादसे में उसकी जान चली गई।

पिहोवा के मेन बाजार में भाई की जूस की दुकान

विक्की के परिवार में उसके पिता कश्मीरी लाल और बड़ा भाई सोनू अरोड़ा समेत अन्य परिजन हैं। सोनू की पिहोवा के मेन बाजार में जूस की दुकान है।

विक्की की मां राजरानी की करीब तीन साल पहले मौत हो चुकी है। अब बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की का शव फिलहाल आहयो के अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ है। सोमवार को पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शव भारत लाने में करीब 8 हजार डॉलर का खर्च

परिवार के सामने अब विक्की का शव भारत लाने की बड़ी चुनौती है। राजकुमार के मुताबिक, आहयो से इंडियाना तक शव को ले जाने और अन्य प्रक्रिया में करीब 8 हजार डॉलर का खर्च बताया गया है।

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। परिवार की मांग है कि सरकार विक्की का शव जल्द से जल्द भारत लाने में मदद करे, ताकि परिजन उसका अंतिम संस्कार कर सकें।

करीब 12 साल बाद घर लौटने की तैयारी कर रहे विक्की के परिवार को अब उसके लौटने का इंतजार नहीं, बल्कि उसके शव के भारत आने की प्रतीक्षा है। जिस घर में उसकी शादी और भविष्य की योजनाओं को लेकर बातचीत चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।