तीन लोगों के खातों से ₹7.22 लाख उड़ाए, मोबाइल हैक और डेबिट कार्ड के नाम पर ठगी

करनाल में तीन लोगों के खातों से साइबर ठगों ने ₹7.22 लाख निकाले। मोबाइल हैक और डेबिट कार्ड के नाम पर ट्रांजैक्शन हुए, पुलिस ने FIR दर्ज की।

तीन लोगों के खातों से ₹7.22 लाख उड़ाए, मोबाइल हैक और डेबिट कार्ड के नाम पर ठगी

करनाल में तीन लोगों के खातों से ₹7.22 लाख उड़ाए
मोबाइल हैक और डेबिट कार्ड के नाम पर ताबड़तोड़ ट्रांजैक्शन
साइबर क्राइम थाना करनाल ने तीनों मामलों में FIR दर्ज कर शुरू की जांच

करनाल जिले में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। ठगों ने तीन लोगों के बैंक खातों से कुल 7 लाख 22 हजार 227 रुपए निकाल लिए। एक मामले में मोबाइल फोन हैक होने के बाद यूपीआई के जरिए 1 लाख 91 हजार 878 रुपए निकाले गए। दूसरे मामले में फोन हैक होने के बाद अलग-अलग बैंक खातों से 2 लाख 90 हजार 349 रुपए ट्रांसफर हुए।

तीसरे मामले में डेबिट कार्ड बनाने के नाम पर फोन किया गया और इसके बाद बैंक खाते से 2 लाख 40 हजार रुपए निकल गए। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना करनाल ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल हैक होने के बाद दो दिन में चार ट्रांजैक्शन, खाते से निकले ₹1.91 लाख

गांव ब्याना निवासी पंकज कुमार ने शिकायत में बताया कि उसके साथ बीती 15 और 16 सितंबर को ऑनलाइन साइबर फ्रॉड हुआ। शिकायत के अनुसार 15 सितंबर को दोपहर करीब 1:41 बजे उसका मोबाइल फोन अचानक हैक हो गया। इसके बाद उसकी जानकारी और अनुमति के बिना एसबीआई के खाते से यूपीआई के माध्यम से पैसे निकाल लिए गए।

पंकज के मुताबिक 15 सितंबर को दोपहर 1:41 बजे 95,878 रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ। इसके बाद 16 सितंबर को दोपहर 3:16 बजे 56 हजार रुपए, 3:17 बजे 20 हजार रुपए और 3:24 बजे 20 हजार रुपए निकाले गए।

इस तरह चारों ट्रांजैक्शन के जरिए उसके खाते से कुल 1 लाख 91 हजार 878 रुपए निकाल लिए गए।

न मैसेज आया और न पता चला मोबाइल कैसे हैक हुआ

पंकज ने शिकायत में कहा कि उक्त सभी ट्रांजैक्शन उसने नहीं किए थे। खाते से पैसे कटने के संबंध में उसे पहले कोई जानकारी या संदेश भी नहीं मिला। उसे यह भी पता नहीं है कि उसका मोबाइल फोन किस प्रकार हैक हुआ और उसके बैंक खाते से किस व्यक्ति या व्यक्तियों ने पैसे निकाले।

शिकायतकर्ता ने साइबर पुलिस से मोबाइल फोन, यूपीआई ट्रांजैक्शन, बैंक खाते और संबंधित लाभार्थी खातों की जांच कर आरोपियों का पता लगाने की मांग की है। उसने खाते से निकाली गई राशि को ट्रेस कर वापस दिलाने की कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया।

पंकज ने जांच में पूरा सहयोग देने और बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन विवरण, मोबाइल से जुड़ी जानकारी व अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है।

पंचकूला से जीरो एफआईआर के जरिए करनाल पहुंचा मामला

यह मामला जीरो एफआईआर के रूप में नोडल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पंचकूला, हरियाणा से सीसीटीएनएस के जरिए करनाल थाने में प्राप्त हुआ था। शिकायत की जांच के बाद 18 सितंबर को साइबर क्राइम थाना करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की जांच सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार कर रहे हैं। पुलिस अब मोबाइल, बैंक खाते और ट्रांजैक्शन से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

दूसरे मामले में दो बैंक खातों से निकले ₹2.90 लाख

जुंडला गेट स्थित इंद्रा कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने साइबर क्राइम थाना करनाल में शिकायत देकर बताया कि बीती 8 अगस्त को उसका फोन हैक हो गया था। इसके बाद उसके इंडियन बैंक और एसबीआई के खातों से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 2 लाख 90 हजार 349 रुपए की राशि निकल गई।

शिकायत के अनुसार इंडियन बैंक खाते से 8 अगस्त को सुबह 9:38 बजे 35 हजार रुपए और 60 हजार रुपए निकाले गए। इसके बाद 9 अगस्त को इसी खाते से 70 हजार और 25 हजार रुपए के दो ट्रांजैक्शन हुए।

वहीं एसबीआई खाते से 8 अगस्त को 10 हजार, 15 हजार और 20 हजार रुपए निकाले गए। इसके बाद 9 अगस्त को इसी खाते से 1,099 रुपए, 20 हजार, 20 हजार, 14 हजार और 250 रुपए के ट्रांजैक्शन हुए।

अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए दोनों बैंक खातों से निकाली गई कुल राशि 2 लाख 90 हजार 349 रुपए रही।

10 अगस्त को ऑनलाइन शिकायत, 18 सितंबर को दर्ज हुआ मुकदमा

अमित कुमार ने बताया कि उसने साइबर फ्रॉड की ऑनलाइन शिकायत 10 अगस्त को की थी। उसने पुलिस से फ्रॉड की एफआईआर दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।

दी गई शिकायत के आधार पर 18 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और बैंक खातों से हुए सभी ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है।

डेबिट कार्ड बनाने के नाम पर फोन, खाते से निकल गए ₹2.40 लाख

साइबर ठगी का तीसरा मामला निसिंग निवासी जनक राज पुत्र सनमुख सिंह से जुड़ा है। जनक राज ने शिकायत में बताया कि बीती 10 सितंबर को उसके मोबाइल नंबर पर फोन आया था।

फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि उसका डेबिट कार्ड बनाना है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने फोन करने वाले व्यक्ति को कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं दिया था। इसके बावजूद उसके बैंक खाते से 2 लाख 40 हजार रुपए निकल गए।

जनक राज के मुताबिक उसके एसबीआई खाते से 10 सितंबर को 2 लाख 40 हजार रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ।

पंचकूला से मिली जीरो एफआईआर, करनाल पुलिस ने दर्ज किया केस

जनक राज ने बताया कि उसने मामले की ऑनलाइन शिकायत 18 सितंबर को दर्ज कराई थी। उसने पुलिस से फ्रॉड पर एफआईआर दर्ज कर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

यह शिकायत भी जीरो एफआईआर के रूप में नोडल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पंचकूला से सीसीटीएनएस के जरिए प्राप्त हुई थी। इसके बाद 18 सितंबर को साइबर क्राइम थाना करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की जांच एसआई मुकेश कुमार कर रहे हैं। पुलिस अब तीनों मामलों में बैंक खातों, ट्रांजैक्शन और संबंधित लाभार्थी खातों की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।

तीन मामलों में कुल ₹7.22 लाख की साइबर ठगी

करनाल में सामने आए इन तीन मामलों में कुल 7 लाख 22 हजार 227 रुपए की राशि बैंक खातों से निकाली गई। पहले मामले में पंकज कुमार के खाते से 1 लाख 91 हजार 878 रुपए, दूसरे मामले में अमित कुमार के बैंक खातों से 2 लाख 90 हजार 349 रुपए और तीसरे मामले में जनक राज के एसबीआई खाते से 2 लाख 40 हजार रुपए निकाले गए।

तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना करनाल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, ट्रांजैक्शन और संबंधित लाभार्थी खातों की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।