2.27 लाख रिश्वत केस में जुलाना चेयरमैन निलंबित: 38 दिन जेल काट चुके डॉ. संजय जांगड़ा पर विभागीय कार्रवाई
जुलाना नगर पालिका चेयरमैन डॉ. संजय जांगड़ा को 2.27 लाख रुपए रिश्वत मामले में शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने निलंबित कर दिया है। वे पहले 38 दिन जेल में रह चुके हैं और मामला अभी जांचाधीन है।
■ एसीबी की गिरफ्तारी के छह माह बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग की कार्रवाई
■ 91 लाख का बिल पास कराने के बदले 2.27 लाख मांगने का आरोप
■ डॉ. जांगड़ा बोले- पत्र में रंगे हाथों पकड़े जाने की गलत जानकारी
जुलाना (जींद)। हरियाणा के जींद जिले की Julana नगर पालिका के चेयरमैन डॉ. संजय जांगड़ा को 2 लाख 27 हजार 500 रुपए के कथित रिश्वत प्रकरण में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई Haryana Urban Local Bodies Department के महानिदेशक द्वारा की गई है। मामला करीब छह माह पहले सामने आया था, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वे 38 दिन तक जेल में रहे और बाद में जमानत पर रिहा हुए थे।
सबसे अहम बात यह है कि यह निलंबन उस समय हुआ है, जब मामला अभी भी जांचाधीन है और संबंधित आपराधिक केस दर्ज है। विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी निकाय अध्यक्ष या सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामले में जांच, पूछताछ या विचारण लंबित हो, तो नियमों के तहत उसे निलंबित किया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
91 लाख का बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार 16 अगस्त 2025 को Anti Corruption Bureau Haryana की टीम ने डॉ. संजय जांगड़ा को 2,27,500 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने एक ठेकेदार का 91 लाख 20 हजार 454 रुपए का बिल पास कराने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
बताया गया कि ठेकेदार की शिकायत पर एसीबी ने ट्रैप लगाकर कार्रवाई की थी। गिरफ्तारी के बाद मामला दर्ज हुआ और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सितंबर माह में वे जमानत पर जेल से बाहर आए और पुनः चेयरमैन का पदभार संभाल लिया था।
विभाग ने नियमों का दिया हवाला
शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि आपराधिक जांच लंबित होने की स्थिति में अध्यक्ष को निलंबित किया जा सकता है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत डॉ. जांगड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है और संबंधित एफआईआर Karnal के पुलिस स्टेशन में दर्ज बताई जा रही है।
डॉ. जांगड़ा ने उठाए सवाल
निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. संजय जांगड़ा ने कहा कि उन्हें विभाग से जो पत्र मिला है, उसमें तथ्यात्मक त्रुटियां हैं। उनके अनुसार पत्र में उन्हें ‘रंगे हाथों पकड़े जाने’ का उल्लेख किया गया है, जबकि न तो उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया था और न ही उनसे कोई बरामदगी हुई थी। उन्होंने संकेत दिया कि वे इस कार्रवाई को कानूनी रूप से चुनौती दे सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने जुलाना की राजनीति में हलचल मचा दी है। नगर पालिका स्तर पर विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
Akhil Mahajan