हरियाणा का एक और जवान देश पर कुर्बान, ड्यूटी के दौरान आया हार्ट अटैक, तिरंगे में गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास निवासी भारतीय नौसेना के प्रधान नाविक राजेश कुमार का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। सोमवार को तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
➤ तमिलनाडु में तैनात थे प्रधान नाविक राजेश कुमार
➤ ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से हुआ निधन
➤ तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, नम आंखों से दी विदाई
नारनौल। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव भोजावास के निवासी भारतीय नौसेना के प्रधान नाविक (रेडियो ऑपरेटर) राजेश कुमार का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा तो माहौल बेहद भावुक हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
तमिलनाडु में थे तैनात
33 वर्षीय राजेश कुमार भारतीय नौसेना में 19 अगस्त 2014 को भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती तमिलनाडु के तूतीकोरिन में थी। वह देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। रविवार को ड्यूटी के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया।
6 साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
राजेश कुमार अपने पीछे पत्नी ज्योति रानी, 6 वर्षीय बेटे विहान, पिता ओमप्रकाश और माता रेखा देवी को छोड़ गए हैं। बेटे के निधन की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मां की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे, जबकि पिता अपने बेटे की देश सेवा पर गर्व करते नजर आए। गांव में हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध दिखाई दिया।
तिरंगे के साए में निकली अंतिम यात्रा
सोमवार को जब राजेश कुमार का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। बस स्टैंड से लेकर उनके घर तक तिरंगे के साए में अंतिम यात्रा निकाली गई।
इस दौरान पूरा गांव "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जब तक सूरज चांद रहेगा, राजेश तेरा नाम रहेगा" जैसे नारों से गूंज उठा। माहौल भावुक भी था और अपने वीर सपूत पर गर्व से भरा हुआ भी।
बचपन से था देश सेवा का सपना
ग्रामीणों ने बताया कि राजेश कुमार बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। इसी जुनून के साथ उन्होंने भारतीय नौसेना जॉइन की और वर्षों तक देश की सेवा की।
ग्रामीणों का कहना है कि राजेश ने अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया और उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
गांव और क्षेत्र में शोक की लहर
राजेश कुमार के निधन से केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव और क्षेत्र शोक में डूब गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए।
लोगों ने कहा कि राजेश कुमार ने अपने कर्तव्य और समर्पण से गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
Akhil Mahajan