बीरू हत्याकांड पर करनाल में बड़ी पंचायत: मारे गए बदमाशों को बताया 'शहीद', ऑडियो पर बवाल
करनाल के बीरू हत्याकांड में वायरल ऑडियो ने एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए हैं। हर्ष-बीरबल को शहीद बताया गया, जबकि पुलिस ऑडियो और दावों की जांच कर रही है।
➤ वायरल ऑडियो में हर्ष-बीरबल के एनकाउंटर पर सवाल, बीरू पर भी हत्या और हफ्ता वसूली के आरोप
➤ सोशल मीडिया पोस्ट में हर्ष के आत्मसमर्पण के बाद एनकाउंटर का दावा, काला माजरा में पंचायत की बात
➤ पुलिस ने कहा- वायरल ऑडियो की जांच जारी, साइबर सेल भी पूरे मामले को खंगाल रही
हरियाणा के करनाल में बीरू हत्याकांड के बाद हुआ एनकाउंटर अब एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। हांसी रोड पर बीरू वाल्मीकि की हत्या के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हर्ष और बीरबल को लेकर एक ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में दोनों को ‘शहीद’ बताया गया है और एनकाउंटर पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही दावा किया गया है कि बीरू खुद हत्यारा था और उसके खिलाफ चोरी व हफ्ता वसूली जैसे कई मामले दर्ज थे। हालांकि ऑडियो की पुष्टि नहीं की जा सकती। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि हर्ष ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसका एनकाउंटर कर दिया गया। पोस्ट में पूरे मामले की जांच की मांग की गई है। इसी बीच हर्ष के गांव काला माजरा में पंचायत बुलाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पंचायत के बारे में कोई सूचना नहीं है। रविवार को हर्ष की अस्थियां विसर्जित करने के लिए ग्रामीणों के इकट्ठा होने की बात सामने आई है।
वायरल ऑडियो में एनकाउंटर पर उठाए गए सवाल
बीरू हत्याकांड से जुड़ी करीब 1 मिनट 8 सेकेंड की एक ऑडियो सामने आई है। इसमें एक युवक ‘जय श्री राम, जय बलकारी’ बोलते हुए खुद को शूटर समाना बता रहा है। इसके बाद वह दावा करता है कि उसके दो भाइयों हर्ष और बीरबल का एनकाउंटर हुआ और वे शहीद हुए हैं। ऑडियो में दोनों के लिए उनकी आत्मा की शांति की बात भी कही गई है।
ऑडियो में आगे बीरू वाल्मीकि पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें दावा किया गया है कि बीरू ने सूरज को धोखे से मारा था और निंजा को भी चोट पहुंचाई थी। इसके अलावा उस पर चोरी और हफ्ता वसूली जैसे कई मामले दर्ज होने की बात कही गई है।
ऑडियो में बीरू की हत्या को गैंगवार से जोड़ते हुए यह भी कहा गया है कि इस मामले में धरना देने का कोई मतलब नहीं बनता। हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘हम मरने के लिए पैदा हुए हैं’, ऑडियो में युवक का दावा
ऑडियो में युवक आगे कहता है कि उन्हें किसी समाज से कोई दिक्कत नहीं है। वह खुद और अपने साथियों के बारे में यह दावा करता है कि वे मरने के लिए पैदा हुए हैं और माथे पर कफन बांधकर निकले हैं।
इस ऑडियो के सामने आने के बाद बीरू हत्याकांड और उसके बाद हुए एनकाउंटर को लेकर बहस और तेज हो गई है। पुलिस अब वायरल ऑडियो की जांच कर रही है, इसलिए ऑडियो में किए गए दावों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हर्ष के एनकाउंटर को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट, पंचायत का दावा
हर्ष के एनकाउंटर के बाद ‘रोड समाज’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्टर शेयर किया गया है। इसमें हर्ष के एनकाउंटर को फर्जी बताया गया है और पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
पोस्टर में रविवार सुबह 9 बजे काला माजरा गांव में पंचायत होने की बात कही गई। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पंचायत के बारे में कोई सूचना नहीं है। इसी दिन हर्ष की अस्थियां विसर्जित करने के लिए ग्रामीणों के इकट्ठा होने की बात भी सामने आई है।
अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों ने भी स्थिति को चर्चा में ला दिया है।
5 अगस्त की रात हांसी रोड पर हुई थी बीरू की हत्या
बीरू हत्याकांड की शुरुआत 5 अगस्त की रात हुई थी। करनाल के हांसी रोड पर दो बदमाशों ने बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, हर्ष ने अपने साथी बीरबल के साथ मिलकर बीरू की हत्या की थी।
घटना के अगले दिन यानी 6 अगस्त को बीरू की पत्नी हत्यारों को पकड़ने की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गई थी। परिवार के लोगों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों की ओर से आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की गई और सड़क तक जाम कर दी गई।
इसके बाद पुलिस ने उसी रात हर्ष और बीरबल को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस ने दोनों को बीरू हत्याकांड का शूटर बताया था।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हर्ष और बीरबल के खिलाफ कार्रवाई की। दोनों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।
अब हर्ष के एनकाउंटर को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आए दावे और वायरल ऑडियो ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी कर रही है।
बीरू के परिजनों ने मांगा था एक करोड़ मुआवजा और पांच गन लाइसेंस
बीरू की हत्या के बाद मामला यहीं नहीं रुका। 7 अगस्त को उसके परिजनों ने एक करोड़ रुपये मुआवजे और पांच गन लाइसेंस की मांग को लेकर दोबारा प्रदर्शन किया।
परिजनों की मांग और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और बीरू का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इससे पहले भी बीरू की हत्या के बाद उसकी पत्नी और परिवार ने सड़क पर बैठकर न्याय की मांग की थी। परिवार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता था।
पुलिस बोली- वायरल ऑडियो की जांच जारी
CIA इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो की भी जांच की जा रही है।
मामले में साइबर सेल की टीम भी जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल ऑडियो किसका है, इसमें किए गए दावों की वास्तविकता क्या है और सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट के पीछे की जानकारी कितनी सही है।
बीरू हत्याकांड में हत्या, विरोध प्रदर्शन और एनकाउंटर के बाद अब वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट ने जांच के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और ऑडियो तथा अन्य दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Akhil Mahajan