एशियाड फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को दिया 212 रन का टारगेट, अभिषेक-तिलक की फिफ्टी; आखिरी 5 ओवर में 75 रन

एशियाड क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान के सामने बड़ा लक्ष्य रखा। अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने फिफ्टी लगाई, जबकि आखिरी पांच ओवर में 75 रन बने।

एशियाड फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को दिया 212 रन का टारगेट, अभिषेक-तिलक की फिफ्टी; आखिरी 5 ओवर में 75 रन

➤ अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने फाइनल में जड़ी फिफ्टी

➤ भारत ने आखिरी 5 ओवर में 75 रन बनाकर बढ़ाया रोमांच

➤ पाकिस्तान के सामने बड़ा लक्ष्य, गोल्ड मेडल के लिए रोमांचक मुकाबला


एशियाड क्रिकेट फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 210 रन बनाए, जबकि दिए गए अपडेट के मुताबिक पाकिस्तान के सामने 212 रन का टारगेट है। भारतीय पारी की सबसे खास बात आखिरी पांच ओवर रहे, जिनमें टीम ने 75 रन बटोरे। अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने शानदार अर्धशतक लगाए और भारतीय पारी को मजबूती दी। मुकाबले में दोनों टीमों के बीच गोल्ड मेडल के लिए जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है।

भारत ने पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा के साथ की। शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। दूसरे ओवर में 24 रन आए, जिसमें वैभव सूर्यवंशी ने दो छक्के और अभिषेक शर्मा ने एक छक्का लगाया। हालांकि तीसरे ओवर की पहली गेंद पर भारत को पहला झटका लगा। पाकिस्तान के सईम अयूब ने वैभव सूर्यवंशी को आउट कराया। वैभव 9 गेंदों पर 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी पारी में दो छक्के शामिल रहे।

वैभव के आउट होने के बाद अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने तेजी से रन जुटाए और पावरप्ले के आखिरी ओवर में दो छक्के लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। भारत ने पावरप्ले में दो विकेट के नुकसान पर 81 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने इसके बाद भी पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और 27 गेंदों पर 61 रन की शानदार पारी खेली।

अभिषेक शर्मा की पारी का अंत 8वें ओवर में हुआ। उन्हें अराफात मिन्हास ने विकेटकीपर उस्मान खान के हाथों स्टंपिंग कराया। अभिषेक के आउट होने के बाद भारतीय पारी में कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बावजूद टीम ने 100 रन का आंकड़ा पार किया और रन गति को बनाए रखा।

भारत को इसके बाद दो बड़े झटके बेहद कम अंतर में लगे। टीम का स्कोर 128/3 से 133/5 हो गया। ईशान किशन 18 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें अराफात मिन्हास ने बोल्ड किया। धीमी टर्न को समझने में चूकने के बाद ईशान पुल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले को चकमा देकर सीधे स्टंप्स से जा टकराई।

इसके बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। 15वें ओवर की पहली गेंद पर अबरार अहमद ने उन्हें साहिबजादा फरहान के हाथों कैच करा दिया। अय्यर ने शॉर्ट गेंद पर इनसाइड-आउट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे कवर की दिशा में चली गई। श्रेयस अय्यर 21 रन बनाकर आउट हुए।

महज 5 रन के अंतर में दो विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा, लेकिन इसके बाद तिलक वर्मा ने पारी को संभाल लिया। तिलक ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। उनके साथ बल्लेबाजी करते हुए शिवम दुबे ने भी पारी को तेजी से आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

भारतीय बल्लेबाजों ने पारी के अंतिम पांच ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। इन पांच ओवरों में भारत ने 75 रन बनाए। इससे टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ा और भारत ने फाइनल में पाकिस्तान के सामने बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।

तिलक वर्मा की फिफ्टी भारतीय पारी की बड़ी उपलब्धियों में रही। उन्होंने दबाव के बीच आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा की 61 रन की पारी ने शुरुआत में भारत को तेज गति प्रदान की। दोनों बल्लेबाजों की अर्धशतकीय पारियों ने भारतीय पारी को मजबूती दी।

फाइनल मुकाबले में टॉस के दौरान दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया। इससे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबले में जारी नो-हैंडशेक की चर्चा एक बार फिर सामने आई। भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेटरों ने पिछले 387 दिन और 6 मैचों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया है। यह फैसला पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम अटैक के बाद लिया गया था। नो-हैंडशेक की शुरुआत सितंबर 2025 में हुए पुरुष एशिया कप से हुई थी।

हालांकि एशियाड में दो दिन पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाया था। पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले के बाद भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने का दृश्य भी देखने को मिला था।

अब क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान के सामने भारत के बनाए बड़े स्कोर को हासिल करने की चुनौती है। भारतीय टीम की नजर गोल्ड मेडल पर है, जबकि पाकिस्तान भी फाइनल में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल करना चाहेगा। अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारियों के बाद मुकाबला अब पूरी तरह पाकिस्तान की पारी पर टिक गया है।