सोनीपत में पानी के RO की आड़ में नकली 500 रुपए के नोट छाप रहे तीन युवक गिरफ्तार , जानें कितने फर्जी नोट पकड़े

सोनीपत में RO बिजनेस की आड़ में नकली नोट छापने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार हुए। पुलिस ने 500 रुपये के 1,476 नकली नोट बरामद किए।

सोनीपत में पानी के  RO की आड़ में नकली 500 रुपए के नोट छाप रहे तीन युवक गिरफ्तार , जानें कितने फर्जी नोट पकड़े

➤ RO बिजनेस के बोर्ड की आड़ में घर में चल रहा था नकली नोट छापने का कथित धंधा
➤ तीन आरोपियों से 500-500 रुपये के 1,476 नकली नोट, कुल कीमत 7.38 लाख रुपये
➤ जापानी पार्क के पास डिलीवरी के दौरान पुलिस ने बिछाया जाल, तीनों आरोपी गिरफ्तार


सोनीपत में RO बिजनेस की आड़ में नकली भारतीय करेंसी तैयार करने और उसकी सप्लाई करने के कथित नेटवर्क का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस की टीम ने नकली नोटों की सप्लाई और सर्कुलेशन के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें सोनीपत के गांव ठरू निवासी साहिल खर्ब, राजस्थान के बाड़मेर निवासी गोसाई राम और जयपुर निवासी पुष्कर राज पुरबिया उर्फ डॉक्टर शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, तीनों के कब्जे से 500 रुपये के कुल 1,476 नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 7 लाख 38 हजार 500 रुपये है। जांच के दौरान पुलिस को नकली नोट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीन और अन्य सामग्री मिलने की भी बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई जा चुकी है।

सोनीपत में RO कारोबार की आड़ में चल रहा था कथित धंधा

पुलिस के मुताबिक, सोनीपत में आरोपी साहिल खर्ब ने अपने घर के सामने ‘खर्ब एंटरप्राइजेज वॉटर सॉल्यूशन’ के नाम से बोर्ड लगा रखा था। बोर्ड पर होलसेलर और रिटेल RO कारोबार से संबंधित जानकारी लिखी हुई थी। पुलिस का आरोप है कि इसी कारोबार की आड़ में घर के अंदर नकली नोट तैयार करने का काम किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस को नकली नोट तैयार करने से संबंधित मशीन और अन्य सामग्री मिलने की बात कही गई है। हालांकि नकली नोट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

दिल्ली पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल

पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर को हेड कांस्टेबल आशीष को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि सोनीपत निवासी साहिल खर्ब और गोसाई राम नकली भारतीय करेंसी को असली नोटों के तौर पर चलाने और सप्लाई करने के काम में शामिल हैं।

सूचना मिली थी कि दोनों शाम करीब 6 से 10 बजे के बीच जापानी पार्क के पास पुष्कर राज पुरबिया को नकली नोटों की खेप देने पहुंचेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने के बाद इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में DIU रोहिणी की टीम गठित की गई।

पुलिस टीम सेक्टर-24 रोहिणी, रिठाला मेट्रो स्टेशन और जापानी पार्क के आसपास पहुंची और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया।

राहगीरों को कार्रवाई में शामिल करने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान टीम ने कुछ राहगीरों और ई-रिक्शा चालकों को भी गवाह के तौर पर शामिल करने का प्रयास किया। हालांकि उन्होंने अपनी-अपनी मजबूरी बताते हुए पुलिस के साथ चलने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर खुद निगरानी जारी रखी।

पेड़ के नीचे खड़ा होकर इंतजार कर रहा था आरोपी

पुलिस के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे एक व्यक्ति महार्षि दयानंद मार्ग से केएन काजू मार्ग की तरफ जाता दिखाई दिया। मुखबिर ने उसकी पहचान पुष्कर राज पुरबिया उर्फ डॉक्टर के रूप में की।

पुलिस के अनुसार, पुष्कर राज एक पेड़ के नीचे फुटपाथ पर खड़ा होकर किसी का इंतजार करने लगा। करीब 10 मिनट बाद दो अन्य युवक वहां पहुंचे। मुखबिर ने दोनों की पहचान गोसाई राम और साहिल खर्ब के रूप में की।

इसके बाद तीनों कुछ देर तक आपस में बातचीत करते रहे। करीब पांच मिनट बाद गोसाई राम ने अपने कंधे पर टंगे काले रंग के बैग से कुछ पैकेट निकाले और पुष्कर राज को सौंप दिए। इसी दौरान पुलिस टीम ने तीनों को घेर लिया और मौके पर पकड़ लिया।

पुष्कर के पास मिले 1.05 लाख रुपये के नकली नोट

पुलिस ने पुष्कर राज के पास मौजूद 500 रुपये के नोटों की जांच की। उसके कब्जे से 500 रुपये के 201 नोट बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 1 लाख 500 रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में नोट देखने और छूने से नकली प्रतीत हुए। बरामद नोटों को अलग-अलग गड्डियों में रखकर मार्क किया गया और आगे की जांच के लिए सुरक्षित किया गया।

गोसाई राम के बैग से 2.87 लाख की करेंसी

इसके बाद पुलिस ने गोसाई राम के काले बैग की तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक बैग से 500 रुपये के 575 नोट बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 2 लाख 87 हजार 500 रुपये बताई गई।

पुलिस ने बरामद नोटों को छह गड्डियों में बांटकर मार्क किया और बैग को भी अलग से सील कर दिया।

साहिल खर्ब के बैग में मिले 3.50 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, सोनीपत के गांव ठरू निवासी साहिल खर्ब के काले रंग के बैग की तलाशी लेने पर 500 रुपये के 700 नोट बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 3 लाख 50 हजार रुपये बताई गई।

इन नोटों को सात गड्डियों में पैक कर मार्क किया गया और बैग को अलग से कब्जे में लिया गया।

तीनों आरोपियों से बरामद करेंसी को मिलाने पर कुल 1,476 नोट मिले। सभी नोट 500 रुपये के थे और इनकी कुल कीमत 7 लाख 38 हजार 500 रुपये बताई गई है।

मोबाइल और अन्य सामान भी कब्जे में

पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली नोटों के अलावा तीन मोबाइल फोन और दो बैग भी कब्जे में लिए हैं। मोबाइल फोन की जांच के जरिए पुलिस कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और नकली नोटों की सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

FSL और क्राइम टीम ने किया निरीक्षण

नकली करेंसी की बरामदगी के बाद पुलिस ने क्राइम टीम रोहिणी और FSL टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद साक्ष्यों को सुरक्षित किया।

पुलिस ने नकली नोट रखने वाले दोनों बैगों को अलग-अलग पैकेट में सील किया। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पहले भी नकली नोट सप्लाई करने का दावा

पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में गोसाई राम और साहिल खर्ब से पहले भी पुष्कर राज को नकली करेंसी सप्लाई करने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन दावों की जांच संबंधित रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में स्थानीय बाजारों और साप्ताहिक बाजारों में नकली नोट चलाने की बात भी सामने आई है। आरोपियों से कथित तौर पर यह भी जानकारी मिली कि वे ज्यादा पैसा कमाने के लिए हवाला कारोबारियों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की कोशिश में इस अवैध गतिविधि में शामिल हुए थे। हालांकि नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

नकली नोटों के नेटवर्क की जांच जारी

दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नकली भारतीय करेंसी रखने और उसके कथित सर्कुलेशन से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार थाना प्रशांत विहार में धारा 179, 180 और 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है।

मामले की आगे की जांच SI आशीष गर्ग, DIU को सौंपी गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने कथित तौर पर कितने समय से नकली नोट तैयार किए, कितनी करेंसी बाजार में पहुंचाई गई और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस नकली नोटों की गुणवत्ता, उनके स्रोत, इस्तेमाल की गई मशीन और बरामद मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी को जांच का हिस्सा बना रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।