जींद श्याम सुंदर हत्याकांड में बड़ा फैसला: 11 दोषियों को उम्रकैद, ₹75-75 हजार जुर्माना
जींद के बहुचर्चित श्याम सुंदर हत्याकांड में अदालत ने 11 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और प्रत्येक पर 75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
■ 2021 के बहुचर्चित श्याम सुंदर हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला
■ तीन नकाबपोश हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर की थी हत्या
■ 11 आरोपियों को उम्रकैद और प्रत्येक पर 75 हजार रुपए जुर्माना
हरियाणा के जींद जिले में वर्ष 2021 के बहुचर्चित श्याम सुंदर हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला पुलिस की प्रभावी पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने मामले में सभी 11 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 75-75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने सुनाया। लंबे समय तक चली सुनवाई और सबूतों के परीक्षण के बाद अदालत ने माना कि आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट रूप से साबित हुई है।
जानकारी के अनुसार यह मामला 23 नवंबर 2021 का है। शिकायतकर्ता हन्नी बंसल ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह अपने ताऊ श्याम सुंदर और भाई अंकुश के साथ अपने कार्यालय के बाहर खड़े थे। इसी दौरान अचानक तीन नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे और उन्होंने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
हमले में श्याम सुंदर को कई गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हन्नी बंसल के पैर में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
इस वारदात के बाद थाना शहर जींद में मुकदमा नंबर 592 दिनांक 23 नवंबर 2021 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 120बी, 34 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम साक्ष्य जुटाए और आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट अदालत में पेश की।
अदालत ने जिन 11 आरोपियों को दोषी ठहराया है, उनमें नरेश, धर्मेंद्र, बलजीत, रोशन और जगदीश निवासी जींद, प्रदीप उर्फ गाठा, मंजीत उर्फ बंट्टू, पवन और सचिन उर्फ गांधी निवासी हिसार, राजेश उर्फ लीला निवासी सिसाय तथा कुलदीप निवासी खंदराई (सोनीपत) शामिल हैं।
अदालत ने दोषियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माना, धारा 120बी के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माना, धारा 307 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त दो वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले को जिले के चर्चित हत्याकांड में न्याय की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है और इसे पुलिस की प्रभावी जांच और पैरवी का परिणाम बताया जा रहा है।
Akhil Mahajan