हरियाणा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बयान पर विवाद, किसानों के केस वापस लेने की मांग

सिरसा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल का किसानों के समर्थन में दिया गया बयान विवादों में आ गया है। डबवाली महापंचायत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हरियाणा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बयान पर विवाद, किसानों के केस वापस लेने की मांग

कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के बयान पर मचा विवाद

किसानों पर दर्ज केस वापस न लेने पर थाने में आग लगाने की चेतावनी

डबवाली महापंचायत का वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

हरियाणा के सिरसा जिले में कांग्रेस की जिला अध्यक्ष संतोष बेनीवाल का एक बयान विवादों में आ गया है। किसानों की महापंचायत में दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

डबवाली में महापंचायत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल संबोधित करते हुए। - Dainik Bhaskar

डबवाली की अनाज मंडी में आयोजित महापंचायत के दौरान संतोष बेनीवाल ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

अपने संबोधन में संतोष बेनीवाल ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से किसानों पर दर्ज मामलों की समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने की मांग की। इसी दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी भी की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

संतोष बैनिवाल विवादित बयान देते हुए

यह महापंचायत किसानों के समर्थन में आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में किसान नेता मंगेज चौधरी, राजस्थान के किसान नेता बलवान पूनिया समेत हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

दरअसल यह विवाद डबवाली निवासी गुरमेल सिंह के मकान से जुड़े मामले को लेकर खड़ा हुआ है। गुरमेल सिंह ने बैंक से ऋण लिया था और संपत्ति गिरवी रखी थी। ऋण की किस्तें समय पर जमा न होने के कारण बैंक ने सरफेसी एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति पर कब्जा कर लिया था।

डबवाली अनाज मंडी में महापंचायत में मौजूद किसान नेता व अन्य लोग और संबोधित करती संतोष बैनिवाल

प्रशासनिक आदेशों के बाद 11 मार्च 2026 को बैंक ने संपत्ति को सील कर दिया था और सुरक्षा के लिए गार्ड भी तैनात किए गए थे। इसके बाद 21 मई को किसान नेता मंगेज चौधरी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर ताले तोड़कर गुरमेल सिंह को दोबारा मकान में प्रवेश दिलाया।

इस घटना के बाद बैंक की शिकायत पर पुलिस ने मंगेज चौधरी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। किसानों का आरोप है कि दर्ज मुकदमे अनुचित हैं, जबकि बैंक और प्रशासन इसे कानूनी कार्रवाई बता रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर डबवाली अनाज मंडी में महापंचायत आयोजित की गई थी, जहां किसानों ने केस वापस लेने की मांग उठाई। अब संतोष बेनीवाल के बयान का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।

फिलहाल इस मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।