करनाल में गोल्ड विवाद, ज्वेलर्स पर धोखाधड़ी और धमकी का केस

करनाल में गोल्ड लेन-देन विवाद के मामले में जालंधर के कारोबारी की शिकायत पर ज्वेलर्स के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी का केस दर्ज किया गया है।

जालंधर के कारोबारी ने करनाल के ज्वेलर्स पर लगाया गोल्ड हड़पने का आरोप

गोल्ड वापस मांगने पर धमकी देने और हिसाब न देने का दावा

पुलिस ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी का केस दर्ज किया

करनाल में गोल्ड के लेन-देन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जालंधर के एक कारोबारी की शिकायत पर शहर के एक ज्वेलर्स के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

जालंधर के बस्ती शेख निवासी पंकज लुथरा ने पुलिस अधीक्षक करनाल को दी शिकायत में बताया कि वह गोल्ड ज्वैलरी सप्लाई का कारोबार करता है। वर्ष 2021 से वह करनाल के कुंजपुरा रोड स्थित हंस ज्वेलर्स को सोने के आभूषण सप्लाई कर रहा था। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से कारोबारिक संबंध थे और कई बार ज्वेलर्स स्वयं जालंधर जाकर माल लेकर आता था।

शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2024 में उसका एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। इसके कारण वह करीब छह से सात महीने तक करनाल नहीं आ सका। इस दौरान भी हंस ज्वेलर्स का मालिक विजय कपूर जरूरत पड़ने पर जालंधर जाकर उससे माल लेता रहा।

पंकज लुथरा ने आरोप लगाया कि स्वस्थ होने के बाद जब वह अपने गोल्ड और हिसाब-किताब के लिए करनाल पहुंचा तो आरोपी उसे लगातार टालता रहा। उसने कई बार दुकान के चक्कर लगाए। यहां तक कि बहन की शादी के दौरान भी उसने अपने गोल्ड की आवश्यकता बताई, लेकिन उसे उसका माल वापस नहीं दिया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय कपूर ने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि उसके बड़े पुलिस अधिकारियों और नेताओं से संबंध हैं, इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। साथ ही दोबारा दुकान पर न आने की चेतावनी भी दी गई।

मामला स्वर्णकार संघ तक भी पहुंचा। शिकायतकर्ता ने संघ के समक्ष अपना पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत किया, जबकि आरोपी पक्ष कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दे सका। आरोप है कि विजय कपूर ने संघ के प्रधान के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद संघ के सदस्यों ने लिखित रूप से उसे दोषी बताते हुए कार्रवाई की सिफारिश की।

यह शिकायत 11 मई को थाना शहर करनाल में दी गई थी। मामले की जांच एसआई सलिंद्र कुमार को सौंपी गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर बुलाया, लेकिन आरोपी ने अपना बयान दर्ज नहीं करवाया। वहीं शिकायतकर्ता की ओर से उसके पिता राजकुमार लुथरा ने बयान दर्ज कराया।

पुलिस ने जांच के आधार पर 2 जून को धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।