20 अक्टूबर से सस्ती मिलेगी शराब, 95% सामानों की गिरेगी कीमत, जानें
भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। करीब 95% न्यूजीलैंड सामान पर ड्यूटी घटेगी या खत्म होगी, जबकि भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री बाजार मिलेगा।
➤ 20 अक्टूबर 2026 से भारत-न्यूजीलैंड FTA लागू होगा
➤ न्यूजीलैंड के करीब 95% सामान पर ड्यूटी घटेगी या खत्म होगी
➤ भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री बाजार मिलेगा
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी दी है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, भारतीय उत्पादों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार खोलना और निवेश को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत न्यूजीलैंड से भारत आने वाले करीब 95 प्रतिशत सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म या काफी कम हो जाएगी। इसमें न्यूजीलैंड की मशहूर वाइन, कीवी और सेब जैसे उत्पाद भी शामिल हैं।
इस समझौते का असर दोनों देशों के व्यापार पर पड़ेगा। जहां न्यूजीलैंड के बड़ी संख्या में उत्पादों को भारतीय बाजार में कम या शून्य ड्यूटी के साथ प्रवेश मिलेगा, वहीं भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी सामान को ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड में अपने उत्पादों का बाजार बढ़ाने का रास्ता आसान होगा।
95% सामान पर घटेगी या खत्म होगी ड्यूटी
भारत-न्यूजीलैंड FTA के तहत न्यूजीलैंड से भारत आने वाले करीब 95% सामान पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी खत्म या काफी कम हो जाएगी। इसमें वाइन, कीवी और सेब जैसे न्यूजीलैंड के प्रमुख उत्पाद शामिल हैं।
ड्यूटी में कमी का असर आयात लागत पर पड़ेगा और इससे संबंधित उत्पादों की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि अंतिम खुदरा कीमतें अन्य लागत और बाजार परिस्थितियों पर भी निर्भर करेंगी।
दूसरी तरफ भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी सामान को वहां ड्यूटी-फ्री बाजार उपलब्ध होगा। इससे भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में अपने उत्पाद बेचने में पहले की तुलना में बेहतर बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है।
भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए भी प्रावधान
FTA केवल सामान के व्यापार तक सीमित नहीं है। समझौते में भारतीय छात्रों और कामगारों की न्यूजीलैंड में आवाजाही से जुड़े नियमों को भी आसान करने का प्रावधान है।
इसके अलावा न्यूजीलैंड ने अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार के साथ निवेश संबंधों को भी बढ़ावा देने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
भारत और न्यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। जून 2026 तक के 12 महीनों में दोनों देशों के बीच करीब 2.3 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था।
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया में व्यापार को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और कई देशों में टैरिफ बढ़ रहे हैं, भारत और न्यूजीलैंड ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों देशों के कारोबार के लिए फायदेमंद हो सकता है।
अमेरिका के साथ व्यापार तनाव के बीच समझौता
भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाला कानून पारित हुआ है।
अमेरिका फिलहाल भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है। ऐसे में भारत दूसरे देशों में अपने निर्यात के लिए नए बाजार तलाश रहा है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों के बाद न्यूजीलैंड के साथ FTA को भी इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
भारत ने पिछले सप्ताह रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की नई टैरिफ व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि इससे दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
भारत और न्यूजीलैंड दोनों के कारोबार को बाजार पहुंच
कुल मिलाकर भारत-न्यूजीलैंड FTA से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। वहीं न्यूजीलैंड के कृषि और अन्य उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश आसान होगा।
समझौते के लागू होने के बाद न्यूजीलैंड से आने वाले करीब 95% सामान पर ड्यूटी घटने या खत्म होने का प्रावधान लागू होगा। दूसरी ओर भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में ड्यूटी-फ्री बाजार मिलेगा। इसके साथ छात्रों और कामगारों से जुड़े नियमों में भी आसानी और न्यूजीलैंड की ओर से भारत में 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता इस समझौते के प्रमुख हिस्से हैं।
Akhil Mahajan