IT-Bombay ने प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला की डीनशिप की निलंबित, साहिल वाकोडे की मौत के बाद हुआ फैसला

IIT-Bombay ने प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से निलंबित की। छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद विरोध और जांच के बीच फैसला हुआ

IT-Bombay ने प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला की डीनशिप की निलंबित, साहिल वाकोडे की मौत के बाद हुआ फैसला

IIT-Bombay ने प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला की डीन पद की जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से निलंबित की
20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में विरोध और जांच का दौर
संस्थान ने पुराने बयान पर जताया खेद, आगे की कार्रवाई जांच के बाद होगी


मुंबई। IIT-Bombay ने 20 वर्षीय BTech छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद सोमवार को प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला की डीन पद की जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। संस्थान के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे की ओर से छात्रों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि प्रो. दुल्ला की डीनशिप तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है और आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी। यह घटनाक्रम कैंपस में लगातार हो रहे छात्र विरोध और संस्थान की ओर से पहले जारी किए गए बयान को लेकर उठे सवालों के बीच सामने आया है।

छात्र की मौत के बाद कैंपस में विरोध

साहिल वाकोडे की मौत के बाद IIT-Bombay परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने संस्थान के सामने अपनी कई मांगें रखीं, जिनमें प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी शामिल थी। छात्रों की ओर से कुल 18 मांगों का एक चार्टर संस्थान प्रशासन को सौंपा गया था। निदेशक प्रो. शिरीष केदारे के साथ छात्रों की करीब तीन घंटे तक बैठक भी हुई थी।

छात्रों का कहना था कि साहिल के मामले में संस्थान की ओर से पहले जारी किए गए संचार में ऐसी बातें सामने रखी गईं, जिन पर उन्होंने आपत्ति जताई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच और संस्थान की ओर से पहले जारी बयान पर माफी की मांग भी रखी।

डीन पद की जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से निलंबित

IIT-Bombay की ओर से सोमवार को प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला की डीनशिप निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई। संस्थान के निदेशक ने अपने ईमेल में स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी। यानी फिलहाल सामने आया निर्णय उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा है, जबकि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जानी है।

प्रो. दुल्ला इस मामले में इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि वे उस परीक्षा के दौरान पर्यवेक्षक की भूमिका में थे, जिसमें साहिल मौजूद था। साहिल के माता-पिता की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिसमें प्रो. दुल्ला का नाम भी शामिल है। शिकायत में परिवार की ओर से जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

IIT-Bombay ने पुराने बयान पर जताया खेद

संस्थान ने सोमवार को साहिल की मौत से संबंधित अपने पहले के संचार को लेकर माफी भी जारी की। IIT-Bombay ने कहा कि घटना की परिस्थितियां अभी संबंधित अधिकारियों की जांच के अधीन हैं और जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े विवरणों को तय रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। संस्थान ने अपने पहले के बयान को लेकर खेद जताया।

यह माफी भी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल थी। छात्रों ने तर्क दिया था कि जिस छात्र की मौत हो चुकी है, उसके खिलाफ किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े आरोपों को सार्वजनिक करना उचित नहीं था, क्योंकि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मौजूद नहीं है।

फैकल्टी फोरम ने प्रो. दुल्ला के समर्थन में बयान दिया

वहीं, IIT-Bombay के फैकल्टी फोरम ने प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया। फोरम के अनुसार, परीक्षा के दौरान छात्र के पास स्मार्टफोन होने और उसके इस्तेमाल को लेकर दुल्ला ने संस्थागत नियमों के अनुरूप कार्रवाई की थी। इस पक्ष के सामने आने के बाद मामले में संस्थान के भीतर भी अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं।

इस बीच, साहिल के परिवार की शिकायत और उसके बाद दर्ज मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले से जुड़े आरोपों और घटना की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

निदेशक के इस्तीफे की खबरों पर भी IIT-Bombay ने दी सफाई

विवाद के बीच IIT-Bombay के निदेशक प्रो. शिरीष बी. केदारे के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि संस्थान ने इन खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है। संस्थान ने इसे लेकर सामने आई रिपोर्टों को गलत बताया।

फिलहाल IIT-Bombay में साहिल वाकोडे की मौत से जुड़े घटनाक्रम, छात्रों की मांगों और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर जांच और प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। प्रो. दुल्ला के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जांच के बाद तय किया जाएगा।