ध्रुव राठी का बड़ा दावा, 22-23 घंटे हिरासत में रखा, पासपोर्ट दिखाकर बोले- मैं भारतीय हूं और रहूंगा,देखें वीडियो
ध्रुव राठी ने गुरुग्राम में हिरासत के बाद वीडियो जारी कर 22-23 घंटे रोके रखने का दावा किया। जानें पासपोर्ट, पुलिस कार्रवाई और उनके आरोपों से जुड़ी पूरी खबर।
ध्रुव राठी ने गुरुग्राम में हिरासत से रिहा होने के बाद वीडियो जारी कर 22-23 घंटे तक रोके रखने का दावा किया
➤ यूट्यूबर का आरोप- सादे कपड़ों में आए करीब 20 लोगों ने मां को धक्का देकर घर में प्रवेश किया और उन्हें बेडरूम से घसीटकर ले गए
➤ भारतीय पासपोर्ट दिखाकर नागरिकता पर उठने वाले सवालों का दिया जवाब, कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
गुरुग्राम में यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कथित हिरासत से रिहा होने के बाद एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर से जबरन उठाकर ले गई और करीब 22 से 23 घंटे तक हिरासत में रखा गया। ध्रुव ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पहुंचे करीब 20 लोगों ने उनकी मां को धक्का देकर घर में प्रवेश किया और उन्हें बेडरूम से घसीटते हुए बाहर ले गए। उन्होंने इस कार्रवाई को गिरफ्तारी या हिरासत के बजाय किडनैपिंग करार दिया।
ध्रुव राठी के मुताबिक, उन्हें जीप में डालकर ले जाया गया और इस दौरान उनके हाथ और शरीर पर कई चोटें आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में रहने के दौरान उन्हें वकील से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। दूसरी ओर, खबर में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ध्रुव को गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली पुलिस ने डिटेन किया था। उन्हें गुरुग्राम के सेक्टर-39 स्थित क्राइम ब्रांच थाने में रखा गया था।
रिहाई के बाद वीडियो जारी कर सुनाई आपबीती
ध्रुव राठी ने रिहाई के तुरंत बाद सामने आए वीडियो में दावा किया कि उन्हें किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि जबरन घर से उठाया गया। उन्होंने कहा कि करीब 22-23 घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। उनके अनुसार, घर में दाखिल हुए लोगों ने उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया, वह सामान्य पुलिस कार्रवाई जैसा नहीं था।
ध्रुव ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए लोगों ने उनकी मां को धक्का दिया और घर में घुसकर उन्हें बेडरूम से घसीटते हुए बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें जीप में बैठाकर ले जाया गया। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए।
इस मामले में ध्रुव के वीडियो में लगाए गए आरोप और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सामने आई जानकारी अलग-अलग पहलू हैं। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
पासपोर्ट दिखाकर बोले- मैं भारतीय था, हूं और हमेशा रहूंगा
ध्रुव राठी ने वीडियो में अपनी नागरिकता को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देने के लिए भारतीय पासपोर्ट भी दिखाया। उन्होंने कहा कि वह जर्मनी या किसी अन्य देश के नागरिक नहीं हैं, बल्कि भारतीय हैं और हमेशा भारतीय ही रहेंगे।
ध्रुव पर उनके विरोधियों की ओर से अक्सर विदेश में रहने और जर्मनी से भारत के खिलाफ एजेंडा चलाने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। वीडियो में उन्होंने इन आरोपों का जवाब देते हुए अपनी भारतीय नागरिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राष्ट्रीयता पर सवाल उठाने वालों को उनका पासपोर्ट देखना चाहिए।
ध्रुव ने अपने देश के लिए बोलने के अधिकार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भारत के मुद्दों पर अपनी बात रखने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा।
देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात होने का आरोप
ध्रुव राठी ने हिरासत की कार्रवाई को लेकर देश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात बन रहे हैं और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नागरिकों तथा पत्रकारों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने अपने वीडियो में भारत की तुलना उत्तर कोरिया जैसे तानाशाही शासन वाले देश से करते हुए कहा कि असहमति की आवाज को दबाने वाली ऐसी परिस्थितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं। उनके मुताबिक, किसी भी नागरिक को सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाने का अधिकार होना चाहिए।
ध्रुव ने इस घटना को केवल अपने साथ हुई कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया। हालांकि, देश में अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात होने का उनका बयान उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगाए आरोप
वीडियो के आखिरी हिस्से में ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में देश के लोकतंत्र को कैप्चर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग, मीडिया और न्यायपालिका जैसी स्वतंत्र संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
ध्रुव के अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित होने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने इन कथित परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई और सरकार तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उनके ये आरोप वीडियो में व्यक्त किए गए राजनीतिक विचार हैं। इन दावों के समर्थन में अलग से कोई दस्तावेज या स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं है।
CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने की अपील के बाद हिरासत का मामला
खबर के अनुसार, ध्रुव राठी को गुरुग्राम के केंद्रीय विहार स्थित उनके घर से डिटेन किया गया था। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उन्हें सेक्टर-39 स्थित क्राइम ब्रांच थाने में रखा गया।
ध्रुव ने इससे पहले शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर लोगों से CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने की अपील की थी। इसके बाद शनिवार सुबह उन्हें हिरासत में लिए जाने की घटना सामने आई। रिहाई के बाद उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे जबरन उठाकर ले जाने की घटना बताया।
इस पूरे मामले में ध्रुव राठी के आरोप, हिरासत की परिस्थितियां और पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनके वीडियो में उठाए गए सवालों और आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष तथा स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
Akhil Mahajan 