पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार, बेटी किरण भड़ाना की आंखें हुईं नम

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का फरीदाबाद के गांव पाली में अंतिम संस्कार हुआ। बेटी किरण भड़ाना समेत परिवार को सांत्वना देने पहुंचे कई नेता और ग्रामीणों ने सख्त कार्रवाई की मांग की।

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार, बेटी किरण भड़ाना की आंखें हुईं नम

➤ पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना का फरीदाबाद के पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार

➤ आईएएस बेटी किरण भड़ाना समेत परिवार को सांत्वना देने पहुंचे केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और कई नेता

➤ क्रेशर प्लांट विवाद में पिटाई के बाद हुई थी मौत, ग्रामीणों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की


फरीदाबाद। राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे अतर सिंह भड़ाना का सोमवार शाम फरीदाबाद स्थित उनके पैतृक गांव पाली में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, राजनीतिक प्रतिनिधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग पहुंचे। पिता के अंतिम दर्शन के दौरान उनकी बड़ी बेटी और आईएएस अधिकारी किरण भड़ाना गमगीन नजर आईं।

अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतीश फागना, पूर्व विधायक ललित नागर, जेपी नागर सहित कई राजनीतिक और सामाजिक लोग शामिल हुए। इस दौरान गांव में शोक का माहौल रहा। ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताते हुए मामले के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा की मांग की। अतर सिंह भड़ाना की मौत राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव स्थित क्रेशर प्लांट पर विवाद के दौरान कथित तौर पर हुई मारपीट के बाद हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़े ग्रामीण, परिवार को दी सांत्वना

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के अंतिम संस्कार के दौरान गांव पाली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उनके निधन से ग्रामीणों में शोक व्याप्त रहा। अंतिम दर्शन के लिए आए लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और घटना पर दुख व्यक्त किया।

ग्रामीणों ने मांग की कि मामले में जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अतर सिंह भड़ाना का गांव पाली से पुराना जुड़ाव था। वह गांव के पूर्व सरपंच भी रह चुके थे। इसी वजह से गांव के लोगों के साथ उनके पुराने सामाजिक और राजनीतिक संबंध रहे।

पिता के अंतिम संस्कार में गमगीन दिखीं आईएएस बेटी किरण भड़ाना

अतर सिंह भड़ाना की बड़ी बेटी किरण भड़ाना भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश में तैनात हैं। पिता के अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में परिचित और शुभचिंतक मौजूद रहे।

परिवार में उनकी पत्नी कमलेश, तीन बेटियां और एक बेटा है। उनके बेटे अर्जुन सिंह ने कानून में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। अतर सिंह भड़ाना के दो छोटे भाई फतेह सिंह और बीर सिंह हैं।

गांव पाली से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

अतर सिंह भड़ाना मूल रूप से फरीदाबाद के गांव पाली के रहने वाले थे। उनका राजनीतिक सफर भी इसी गांव से शुरू हुआ था। वर्ष 1980 के दशक में वह पाली गांव के सरपंच बने थे। हालांकि, वह करीब 30 साल से राजस्थान में अपनी पत्नी कमलेश के साथ रह रहे थे।

उनका परिवार भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट के पास बने मकान में रहता था। गांव पाली से उनके पुराने संबंध और राजनीतिक जीवन के कारण अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

2003 में भाजपा के टिकट पर बने थे विधायक

अतर सिंह भड़ाना ने राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के साथ अपना सफर आगे बढ़ाया था। वर्ष 1998 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर बयाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

वर्ष 2003 में बयाना विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर वह पहली बार विधायक बने। इसके बाद वह राजस्थान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने भरतपुर जिले की नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। बाद में वह फिर भाजपा में लौट आए थे।

क्रेशर प्लांट विवाद में मारपीट के बाद हुई थी मौत

जानकारी के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना के साथ रविवार शाम राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंड़ा गांव स्थित क्रेशर प्लांट पर ग्रामीणों के साथ विवाद हुआ था। इस दौरान उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। उन्हें पहले वैर अस्पताल ले जाया गया, जहां से जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। वहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, क्रेशर प्लांट को लेकर करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि जमीन पर अतिक्रमण, अवैध खनन और लीज के रास्ते को लेकर समस्या बनी हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, वे कई दिनों से धरना भी दे रहे थे।

रविवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद लाठी-डंडे और पत्थर चलने की बात सामने आई। घटना के बाद मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।