सैलजा का भाजपा और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप,बोलीं- मतदाता के अधिकारों से समझौता नहीं
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया। एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मताधिकार की रक्षा की मांग की।
कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर मिलीभगत से वोट चोरी होने का लगाया आरोप
➤ एसआईआर प्रक्रिया से गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार प्रभावित होने की जताई आशंका
➤ राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में 12 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च, गोकुल सेतिया भी होंगे शामिल
सिरसा से कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर मिलीभगत से वोट चोरी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार को सुरक्षित रखने के लिए अब निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है। जनता का वोट किसी सरकार की जागीर नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है। इस अधिकार को कमजोर करने या छीनने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी।
सोमवार को मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए। यदि मतदाता के अधिकारों पर किसी भी तरह का प्रहार होता है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर मिलीभगत से वोट चोरी होने का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत बताई।
राहुल गांधी और खरगे के नेतृत्व में दिल्ली में निकलेगा मार्च
कुमारी सैलजा ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में मार्च का आह्वान किया गया है। यह मार्च दोपहर 1:30 बजे बाराखंभा रोड जंक्शन से सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाना प्रस्तावित है। इसके जरिए लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया जाएगा।
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, विधायक गोकुल सेतिया और कांग्रेस के अन्य नेता इस मार्च में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मताधिकार से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस विषय पर पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
सैलजा ने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस पार्टी तक सीमित नहीं है। यह देश के प्रत्येक उस नागरिक के अधिकारों से जुड़ी है, जिसे संविधान ने मतदान की ताकत दी है। लोकतंत्र में जनता का मत ही सरकार चुनने का आधार होता है। इसलिए मतदाता के अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
एसआईआर प्रक्रिया से मताधिकार प्रभावित होने की आशंका
कुमारी सैलजा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया के कारण गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यक वर्गों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित होने की स्थिति का सामना न करना पड़े। मताधिकार संविधान से मिला अधिकार है और इसकी रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
सैलजा के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर उठ रही आशंकाओं का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। मतदाताओं के अधिकारों को लेकर किसी भी तरह का संदेह दूर करना जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बना रहे।
पारदर्शिता के साथ जवाब देने की मांग
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों का पारदर्शिता के साथ जवाब दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछना और सरकार के फैसलों पर अपनी असहमति जताना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों के जरिए दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सैलजा के मुताबिक, लोकतंत्र में विरोध और असहमति के लिए जगह होनी चाहिए। सरकार से सवाल पूछना और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब नागरिकों को अपनी बात रखने और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का अवसर मिले। मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
गोकुल सेतिया बोले- युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता
सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया ने भी बयान जारी कर सरकार पर उन्हें दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
सेतिया ने युवाओं की आवाज और उनके अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की ओर से दबाव बनाने के प्रयासों के बावजूद उनकी बात को रोका नहीं जा सकता। कुमारी सैलजा और गोकुल सेतिया के बयान ऐसे समय आए हैं, जब कांग्रेस ने मताधिकार की रक्षा और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में मार्च का आह्वान किया है।
Akhil Mahajan