हर महीने मिलेगा 500 रुपये जोखिम भत्ता, सीएम सैनी की बड़ी घोषणा
हरियाणा सरकार ने बिजली कर्मचारियों को 500 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने का एलान किया। सीएम नायब सिंह सैनी ने सौर ऊर्जा, नए पावर प्लांट और स्मार्ट मीटर पर निर्देश दिए।
➤ बिजली कर्मचारियों को हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता देने का एलान
➤ जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश
➤ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ यमुनानगर, झज्जर, पानीपत और हिसार में बिजली उत्पादन परियोजनाओं पर जोर
चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने बिजली कर्मचारियों को हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को बिजली निगमों की समीक्षा बैठक के दौरान बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने, औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने और सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूरी करने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया। बैठक में बिजली बिलों की समस्याओं, नए सब स्टेशनों की सुविधाओं, सोलर पावर प्लांट लगाने, नए बिजली उत्पादन संयंत्र स्थापित करने और स्मार्ट मीटर लगाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बिजली कर्मचारियों को मिलेगा मासिक जोखिम भत्ता
हरियाणा सरकार ने बिजली कर्मचारियों के लिए हर महीने 500 रुपये जोखिम भत्ता देने का एलान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए।
गुरुग्राम की सोसायटियों में बिजली दरों की शिकायतों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में आरडब्ल्यूए उपभोक्ताओं को महंगी दरों पर बिजली सप्लाई किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबंधित आरडब्ल्यूए के साथ बैठक करने और बिजली आपूर्ति की दरों को लेकर उचित मानक तय करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा गुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित 220 केवी सब स्टेशन में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का काम जल्द पूरा करने को कहा गया। सेक्टर-38 के पावर हाउस की चहारदीवारी बनाने तथा घरौंडा और नांगल चौधरी सब स्टेशन में कंट्रोल रूम तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मलिकपुर और मानेसर सब स्टेशन की चहारदीवारी से जुड़े कार्यों को भी जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।
उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फरीदाबाद एक प्रमुख औद्योगिक नगरी है। ऐसे में उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि औद्योगिक इकाइयों का काम सुचारू रूप से चलता रहे।
उन्होंने बिजली के गलत बिल आने से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर नीति तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से सुना जाए और प्राप्त शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सड़क किनारे बिजली लाइन डालते समय भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली के खंभों की वजह से सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के कार्यों में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
किसानों के खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगाने की योजना
बैठक में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने किसानों के खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम लाइन लॉस और 100 प्रतिशत बिजली बिल भुगतान वाले प्रत्येक जिले के एक गांव को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुनकर स्मार्ट गांव के रूप में विकसित करने की बात कही।
इसी प्रक्रिया को महानगरों में भी अपनाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा सके।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को 350 यूनिट बिजली उपलब्ध कराने की योजना
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा आधारित योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य ऐसा प्रबंध करना है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को पावर प्लांट से उत्पादित 350 यूनिट बिजली आसानी से मिल सके और उनके घरों का बिजली बिल शून्य करने की दिशा में काम किया जा सके।
प्रस्तावित योजना के तहत प्रत्येक उपभोक्ता के घर पर कम से कम दो किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाने और उसे 78 हजार रुपये की सब्सिडी का पूरा लाभ दिलाने की बात कही गई।
इसके अलावा पांच लाख रुपये से अधिक आय वाले उपभोक्ताओं के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सब्सिडी देने की बात कही गई। इसमें सरकार की ओर से 22 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।
13 जिलों में बायोमास पावर प्रोजेक्ट के तहत सोलर प्लांट
मुख्यमंत्री ने बायोमास पावर प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 13 जिलों में 25 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाने से जुड़ी योजनाओं पर भी जोर दिया। इसके अतिरिक्त 248 नए स्कूल भवनों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना और प्रदेश में बिजली व्यवस्था को मजबूत करना है।
यमुनानगर, झज्जर, पानीपत और हिसार में नए पावर प्लांट
मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में नई परियोजनाओं पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने यमुनानगर में 800 मेगावाट का पावर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। झज्जर और पानीपत में भी अतिरिक्त पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा हिसार के खेदड़ में एक और यूनिट लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, हिसार में इस संबंध में कार्य आरंभ कर दिया गया है, जबकि पानीपत में भी परियोजना को जल्द अमलीजामा पहनाने की बात कही गई।
पानीपत में बनेगी पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट की टेस्टिंग लैब
बिजली क्षेत्र में अनुसंधान और परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पानीपत के गांव आसन कलां में 30 एकड़ भूमि पर सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट की टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। यह परियोजना बिजली क्षेत्र से जुड़ी परीक्षण सुविधाओं के विकास की दिशा में अहम कदम होगी।
वहीं, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मार्च तक दो लाख 22 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारियों के जोखिम भत्ते से लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों, औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और नए पावर प्लांट से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्धारित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
Akhil Mahajan