पेट दर्द समझकर बच्चे को सेंकते रहे माता-पिता, घर में मिला काला सांप; भाई-बहन की मौत
मंडी के सेहली गांव में जहरीले सांप के डसने से नौ वर्षीय काव्या और छह वर्षीय नक्ष की मौत हो गई। पेट दर्द के बाद घर में काला सांप मिला।
➤ मंडी में जहरीले सांप के डसने से सगे भाई-बहन की मौत, पेट दर्द समझते रहे परिजन
➤ काव्या और नक्ष की तबीयत बिगड़ी तो घर में दिखा बड़ा काला सांप, अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों की मौत
➤ पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया सांप के जहर की पुष्टि, जांच के लिए दोनों के नमूने लिए गए
मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के कोटली क्षेत्र के सेहली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहरीले सांप के डसने से सगे भाई-बहन की मौत हो गई। रात में दोनों बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की तो माता-पिता ने शुरुआत में इसे ठंड या अपच समझा और गर्म पानी की थैली से पेट पर सेंक करते रहे। कुछ ही देर बाद दोनों की हालत बिगड़ गई।
इसी दौरान परिजनों की नजर घर के दरवाजे के पास रेंग रहे एक बड़े काले सांप पर पड़ी। सांप दिखाई देने के बाद उन्हें बच्चों के सर्पदंश का अंदेशा हुआ और दोनों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पहले क्षेत्रीय अस्पताल मंडी और फिर श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक रेफर किया गया, लेकिन नेरचौक पहुंचने पर चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान नौ वर्षीय काव्या पुत्री महेंद्र कुमार और छह वर्षीय नक्ष पुत्र महेंद्र कुमार, निवासी सेहली, तहसील कोटली के रूप में हुई है।
रात करीब ढाई बजे पहले काव्या ने बताया पेट में दर्द
पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार देर रात की है। बच्चों के पिता महेंद्र कुमार ने बताया कि 11 सितंबर को दोनों बच्चे करीब तीन बजे घर पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ खाना खाया और कुछ देर खेलने के बाद रात करीब आठ बजे मां के साथ खाना खाया।
खाना खाने के बाद दोनों बच्चे टीवी देखने लगे। करीब साढ़े आठ बजे पिता भी घर पहुंच गए और परिवार ने साथ बैठकर टीवी देखा। रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों बच्चे सोने के लिए डबल बेड पर चले गए। कुछ समय बाद माता-पिता भी सो गए।
तड़के करीब ढाई बजे काव्या ने माता-पिता को उठाया और पेट में दर्द होने की शिकायत की। कुछ देर बाद उसके भाई नक्ष ने भी पेट दर्द की बात कही।
ठंड या अपच समझकर गर्म पानी की थैली से करते रहे सेंक
दोनों बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत सुनकर परिजनों ने शुरुआत में इसे ठंड या अपच से जुड़ी समस्या माना। उन्होंने बच्चों के पेट पर गर्म पानी की थैली से सेंक किया।
लेकिन करीब आधे घंटे बाद काव्या को उल्टियां होने लगीं। वह दर्द से रोने लगी। इसके करीब पांच मिनट बाद नक्ष की हालत भी बिगड़ गई।
बच्चों की अचानक बिगड़ती हालत के बीच परिजनों की नजर घर के दरवाजे के पास गई, जहां उन्हें एक बड़ा काला सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया।
घर में काला सांप देखकर समझ आया सर्पदंश का मामला
काले सांप को देखते ही परिजनों को आशंका हुई कि दोनों बच्चों को उसी ने डसा हो सकता है। काफी मशक्कत के बाद सांप को घर से बाहर निकाला गया।
इसके बाद परिजन दोनों बच्चों को तत्काल उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल मंडी लेकर पहुंचे। वहां से दोनों को श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक रेफर किया गया।
लेकिन नेरचौक पहुंचने पर चिकित्सकों ने काव्या और नक्ष दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया मौत का कारण सांप का जहर
सूचना मिलने के बाद कोटली पुलिस चौकी प्रभारी ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचकर परिजनों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने दोनों शवों का निरीक्षण किया और उनकी फोटोग्राफी भी कराई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की मौत का कारण सांप का जहर बताया है।
पुलिस ने दोनों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। अब इन नमूनों की जांच के बाद मौत की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
परिजनों ने किसी तरह का संदेह नहीं जताया
पुलिस ने मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, परिजनों ने घटना को लेकर किसी तरह का संदेह व्यक्त नहीं किया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के लिए लिए गए नमूनों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
दो मासूम भाई-बहन की इस तरह अचानक हुई मौत से सेहली गांव में मातम पसरा हुआ है। रात में पेट दर्द से शुरू हुई परेशानी कुछ ही देर में गंभीर हो गई और जब तक परिजनों को सांप के डसने का अंदेशा हुआ, तब तक दोनों बच्चों की हालत बेहद खराब हो चुकी थी।
Akhil Mahajan