एक करोड़ की रिश्वत के मामले में CGST सुपरिंटेंडेंट और कंसल्टेंट गिरफ्तार, 10 लाख लेते CBI के जाल में फंसे
महाराष्ट्र के न्यू पनवेल में एक करोड़ की रिश्वत मामले में CBI ने CGST सुपरिंटेंडेंट पंकज कुमार और कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी को 10 लाख लेते गिरफ्तार किया।
➤ एक करोड़ की रिश्वत के मामले में CGST सुपरिंटेंडेंट और कंसल्टेंट गिरफ्तार
➤ सुपरिंटेंडेंट ने 10 लाख रुपए कंसल्टेंट को देने को कहा, CBI ने रिश्वत लेते दोनों को पकड़ा
➤ कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 2 दिन की CBI हिरासत में भेजा, भ्रष्टाचार कानून में 7 साल तक सजा का प्रावधान
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में CGST विभाग के सुपरिंटेंडेंट और एक कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुपरिंटेंडेंट पंकज कुमार और कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी के रूप में हुई है।
CBI के मुताबिक, सुपरिंटेंडेंट पंकज कुमार ने शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपए की रिश्वत CGST कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी को देने के लिए कहा था। इसके बाद CBI ने गुरुवार को जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। मामले की जानकारी शुक्रवार को सामने आई।
यह मामला महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के न्यू पनवेल का है। यहां एक निजी रियल एस्टेट कंपनी सेक्टर-17 में दो इमारतों का पुनर्विकास कर रही है। इन इमारतों में CGST और सेंट्रल एक्साइज, रायगढ़ कमिश्नरेट के स्वामित्व वाले 24 फ्लैट भी शामिल हैं।
न्यू पनवेल में रियल एस्टेट कंपनी कर रही थी दो इमारतों का पुनर्विकास
CBI के अनुसार, न्यू पनवेल के सेक्टर-17 में एक निजी रियल एस्टेट कंपनी दो इमारतों का री-डेवलपमेंट कर रही है। इन इमारतों में CGST और सेंट्रल एक्साइज, रायगढ़ कमिश्नरेट के स्वामित्व वाले कुल 24 फ्लैट भी शामिल हैं।
इसी मामले से जुड़े काम के सिलसिले में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत CBI तक पहुंची। आरोप है कि सुपरिंटेंडेंट पंकज कुमार ने शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपए देने के लिए कहा और यह रकम CGST कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी को देने के निर्देश दिए।
10 लाख रुपए की रिश्वत लेते CBI ने दोनों को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद CBI ने गुरुवार को कार्रवाई के लिए जाल बिछाया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी कंसल्टेंट को 10 लाख रुपए देने थे।
कार्रवाई के दौरान CBI ने पंकज कुमार और प्रसाद कुमार स्वामी दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 2 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया।
अब CBI आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
रिश्वत लेने पर 3 से 7 साल तक की जेल का प्रावधान
भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत रिश्वत लेने वाले सरकारी कर्मचारी के लिए 3 से 7 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
कानून के तहत रिश्वत देना भी अपराध है। दोषी पाए जाने पर रिश्वत देने वाले व्यक्ति को भी 7 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को मजबूरी में रिश्वत देनी पड़ी हो और वह 7 दिनों के अंदर इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे देता है, तो उसे कानूनी सुरक्षा मिल सकती है।
सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगे तो ऐसे कर सकते हैं शिकायत
अगर कोई सरकारी अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत CBI की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) में की जा सकती है।इसके लिए संबंधित CBI कार्यालय में लिखित शिकायत की जा सकती है। उपलब्ध आधिकारिक हेल्पलाइन के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत करने का विकल्प भी उपलब्ध है।
शिकायत करते समय इन सबूतों को संभालकर रखें
रिश्वत की शिकायत करते समय अधिकारी का नाम, रिश्वत किस काम के लिए मांगी गई, कब और कितनी रकम मांगी गई, इसकी जानकारी देना जरूरी है। अगर रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग, मैसेज, ईमेल या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हों तो उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए। ऐसे साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इस मामले में भी CBI की कार्रवाई शिकायत और उसके बाद किए गए ट्रैप के आधार पर हुई। अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए मामले की आगे की कड़ियों की जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार के मामले में CBI की कार्रवाई से मचा हड़कंप
CGST सुपरिंटेंडेंट और कंसल्टेंट की गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई को एक बार फिर सामने ला दिया है। एक करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में 10 लाख रुपए लेते हुए दोनों को पकड़े जाने के बाद अब CBI की जांच इस बात पर केंद्रित है कि रिश्वत की पूरी मांग और लेन-देन का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था। फिलहाल दोनों आरोपी 2 दिन की CBI हिरासत में हैं और आगे की जांच के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आएंगे।
Akhil Mahajan