पेंशनरों के एरियर पर CM सुक्खू का बड़ा ऐलान, क्लास-3 को 30% और क्लास-1 व 2 को 15% भुगतान
हिमाचल में पेंशनरों के एरियर पर CM सुक्खू ने घोषणा की। क्लास-3 को 30% और क्लास-1 व 2 को 15% एरियर मिलेगा। पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने लंबित मांगें रखीं।
➤ पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने मुख्यमंत्री के सामने लंबित DA और एरियर का मुद्दा उठाया
➤ क्लास-3 पेंशनरों को 30% और क्लास-1 व 2 को 15% एरियर देने का ऐलान
➤ CM बोले- RDG मिलती तो कर्मचारियों-पेंशनरों का पूरा एरियर चुका देते
हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों के लंबे समय से लंबित एरियर और महंगाई भत्ते (DA) को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट की अहम बैठक हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने पेंशनरों की लंबित वित्तीय देनदारियों को जल्द चुकाने की मांग रखी। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्लास-3 पेंशनरों के लिए 30 प्रतिशत और क्लास-1 व क्लास-2 पेंशनरों के लिए 15 प्रतिशत एरियर देने की घोषणा की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह भुगतान अक्तूबर 2026 में किया जाना है और यह 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए संबंधित पेंशनरों के लिए है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनरों और कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत है तथा वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए लंबित देनदारियों का चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है और प्रदेश आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पेंशनरों के संशोधित वेतनमान के लंबित एरियर को लेकर सरकार की ओर से की गई घोषणा में क्लास-3 के लिए 30 प्रतिशत और क्लास-1 व 2 के लिए 15 प्रतिशत भुगतान शामिल है।
पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट ने रखी लंबित देनदारियों की मांग
बैठक के दौरान पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के प्रतिनिधियों ने लंबित DA और एरियर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। नेशनल एसोसिएशन की ओर से क्लास-3 के लिए 35 से 40 प्रतिशत तथा क्लास-1 और क्लास-2 के लिए 20 से 25 प्रतिशत तक की देनदारी चुकाने की मांग रखे जाने की बात सामने आई।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सामने पेंशनरों से जुड़े दूसरे लंबित मामलों को भी रखा। इनमें वित्तीय देनदारियों के साथ-साथ चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित बिलों का मुद्दा भी शामिल रहा। मुख्यमंत्री ने विभागों को पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
‘RDG मिलती तो पूरा एरियर चुका देते’
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लंबित एरियर के मुद्दे पर राजस्व घाटा अनुदान यानी RDG का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश को RDG मिलती रही होती तो कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित एरियर का भुगतान किया जा चुका होता।
मुख्यमंत्री के अनुसार, RDG बंद होने के कारण राज्य सरकार को वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने कर्मचारियों और पेंशनरों की वित्तीय देनदारियों को पूरा करने की चुनौती है और इसी वजह से कई भुगतान चरणबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा है और सरकार अपने वित्तीय अनुशासन के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय लाभ देने की स्थिति में पहुंच रही है। सरकार की ओर से पेंशनरों के एरियर भुगतान को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
सरकार की वित्तीय स्थिति पर CM ने रखा पक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को समय-समय पर वित्तीय लाभ जारी करती रही है और आने वाले समय में DA की एक और किस्त जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों का एरियर सरकार की ओर से पहले ही जारी किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने पेंशनरों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भाजपा पर भी साधा निशाना
लंबित वित्तीय देनदारियों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा पर राजनीतिक निशाना भी साधा। उन्होंने भाजपा को पांच गुटों में बंटी हुई पार्टी बताया और कहा कि भाजपा को सत्ता में लाना प्रदेश के लिए घातक होगा। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए कांग्रेस सरकार के 2032 तक बने रहने को जरूरी बताया।
मुख्यमंत्री के ये बयान उनके राजनीतिक रुख और बैठक के दौरान दिए गए वक्तव्य के तौर पर सामने आए हैं। पेंशनरों के एरियर के मुद्दे पर बैठक का मुख्य केंद्र लंबित वित्तीय देनदारियों और उनके भुगतान की प्रक्रिया रही।
पेंशनर नेता आत्माराम शर्मा ने जताया आभार
बैठक के बाद पेंशनर संगठन के नेता आत्माराम शर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्लास-3 के लिए 30 प्रतिशत और क्लास-1 व क्लास-2 के लिए 15 प्रतिशत एरियर देने का आश्वासन दिया है।
आत्माराम शर्मा ने मुख्यमंत्री से दिवाली और दशहरे के दौरान DA की किस्तें देने की घोषणा करने का आग्रह भी किया। उन्होंने बताया कि पेंशनरों की अन्य लंबित मांगों को लेकर अगले महीने मुख्यमंत्री के साथ फिर बैठक होगी। उस बैठक में बाकी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के दौरान सरकार की ओर से पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान पर भी कार्रवाई की बात कही गई। सरकार ने पेंशनरों से जुड़े वित्तीय मामलों को चरणबद्ध तरीके से सुलझाने की बात कही है।
पैरा मिलिट्री रिटायर्ड सैनिक संगठन ने भी रखी मांगें
इसी दौरान पैरा मिलिट्री रिटायर्ड सैनिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने पैरामिलिट्री बोर्ड से जुड़ी शिकायतें और अपनी मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिलने के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने उनका आभार जताया। इस तरह सोमवार की बैठक में पेंशनरों के एरियर के साथ-साथ पूर्व पैरा मिलिट्री कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी मुख्यमंत्री के सामने रखे गए।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब संबंधित पेंशनरों की नजर अक्तूबर में प्रस्तावित एरियर भुगतान पर है। उपलब्ध रिपोर्टों में 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-3 पेंशनरों के लिए 30 प्रतिशत और क्लास-1 व क्लास-2 पेंशनरों के लिए 15 प्रतिशत एरियर भुगतान की बात कही गई है।
Akhil Mahajan