हरियाणा में धान खरीद 22 सितंबर से शुरू, सीएम नायब सैनी का ऐलान
हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने ऐलान किया कि धान खरीद अब 22 सितंबर से शुरू होगी। राइस मिलर्स को बोनस और डिलीवरी अवधि में राहत दी गई है। मंडियों में निगरानी के लिए 22 जिलों में वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं।
➤ सीएम नायब सैनी ने धान खरीद 22 सितंबर से शुरू करने का ऐलान किया
➤ राइस मिलर्स को बोनस और डिलीवरी अवधि में राहत
➤ मंडियों की निगरानी के लिए 22 जिलों में वरिष्ठ अधिकारी तैनात
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने धान खरीद की तारीख का ऐलान कर दिया है। अब प्रदेश में धान की खरीद 22 सितंबर से शुरू होगी, जबकि पहले इसकी तिथि एक अक्टूबर तय थी। यह निर्णय किसानों और मिलर्स दोनों के हित में लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से सरकार को बताया गया था कि वर्ष 2024-25 में भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा चावल की डिलीवरी लगभग 45 दिन देर से शुरू हुई थी। इसकी वजह से मिलर्स तय समय पर अपना काम पूरा नहीं कर पाए। इसी कारण सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए राइस मिलर्स को दिए जाने वाले बोनस की अवधि 15 मार्च, 2025 से बढ़ाकर 30 जून, 2025 कर दी है।
इस फैसले से प्रदेश की करीब 1000 राइस मिलों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही राइस मिलर्स की चावल डिलीवरी अवधि को भी 30 जून, 2025 तक रि-शेड्यूल कर दिया गया है। इससे मिलर्स को बोनस के साथ-साथ लगभग 50 करोड़ रुपए तक होल्डिंग चार्जेज में छूट मिलेगी।
सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 के लिए मंडियों में कामकाज की निगरानी भी सख्त कर दी है। सभी 22 जिलों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है, ताकि किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके और मूलभूत सुविधाओं की जांच होती रहे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, हर जिले के लिए एक-एक वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। उदाहरण के तौर पर, डॉ. सुमिता मिश्रा को पंचकूला, पंकज अग्रवाल को सोनीपत, विजय कुमार दहिया को अंबाला, अमनीत पी कुमार को हिसार, डॉ. अमित कुमार अग्रवाल को फरीदाबाद और सीजी रजनी कांथन को करनाल जिले का प्रभार सौंपा गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों और मिलर्स दोनों के लिए राहतकारी होगा और मंडियों में खरीफ सीजन के दौरान पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
Akhil Mahajan