हिसार में 63 करोड़ का प्रोजेक्ट अटका, हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक
हिसार में NH-9 और NH-52 को जोड़ने वाला 63.27 करोड़ रुपए का डबल लूप इंटरचेंज प्रोजेक्ट पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट की रोक के कारण फिलहाल अटक गया है।
- हिसार का 63 करोड़ का डबल लूप इंटरचेंज प्रोजेक्ट अटका
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद पेड़ों की कटाई पर लगी रोक
- NH-9 और NH-52 को जोड़ने वाली परियोजना पर ब्रेक
हरियाणा के हिसार में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। गांव ढंढूर के पास NH-9 और NH-52 को जोड़ने के लिए प्रस्तावित करीब 63.27 करोड़ रुपए की लागत वाला डबल लूप इंटरचेंज व्हीकल अंडरपास प्रोजेक्ट फिलहाल अटक गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद पेड़ों की कटाई पर लगी रोक इसकी सबसे बड़ी वजह बनी है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना हिसार-सिरसा और हिसार-कैथल मार्ग को आधुनिक तरीके से जोड़ने के लिए तैयार की गई थी। परियोजना के तहत गांव ढंढूर के पास दो आधुनिक डबल लूप इंटरचेंज व्हीकल अंडरपास बनाए जाने हैं। ये अंडरपास मौजूदा ओवरब्रिज से लगभग एक-एक किलोमीटर की दूरी पर विकसित किए जाएंगे।
इस परियोजना से हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद थी। इसके बनने के बाद वाहन चालकों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और NH-9 व NH-52 सीधे एक बिंदु पर जुड़ जाएंगे। इससे ट्रैफिक अधिक सुगम और सुरक्षित बनने की संभावना है।
हालांकि, परियोजना की रफ्तार पर फिलहाल अचानक विराम लग गया है। दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहे सुनील कुमार शर्मा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में पेड़ों की कटाई को लेकर जारी आदेश के बाद पूरे हरियाणा में पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई है।
हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने 7 अप्रैल 2026 को सभी क्षेत्रीय वन अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि अगले आदेश तक किसी भी आयु अथवा प्रजाति के पेड़ की कटाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर पेड़ों की कटाई से जुड़े सभी प्रस्ताव रोक दिए गए।
इसी आदेश की वजह से हिसार का यह बहुप्रतीक्षित सड़क प्रोजेक्ट भी प्रभावित हो गया है। टेंडर आवंटित हो चुका है और तकनीकी तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं, लेकिन निर्माण स्थल पर खड़े पेड़ फिलहाल सबसे बड़ा अवरोध बने हुए हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अब निर्माण क्षेत्र में पेड़ों की गणना और सर्वे का कार्य करवा रहा है। विभाग यह स्पष्ट करने में जुटा है कि परियोजना के लिए कितने पेड़ों की कटाई आवश्यक होगी। जब तक पेड़ हटाने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक निर्माण कार्य शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है।
इंजीनियरों के अनुसार, प्रत्येक अंडरपास की चौड़ाई करीब 20 मीटर और ऊंचाई लगभग साढ़े पांच मीटर होगी। आधुनिक मानकों पर आधारित यह संरचना भारी ट्रकों और बड़े वाहनों की आवाजाही को भी आसान बनाएगी। भविष्य के ट्रैफिक दबाव को देखते हुए परियोजना को तकनीकी रूप से मजबूत डिजाइन दिया गया है।
परियोजना पूरी होने के बाद प्रतिदिन गुजरने वाले लगभग 30 हजार वाहनों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। इससे यात्रा समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी।
NH-9 का यह हिस्सा लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है। क्रॉस ट्रैफिक और अव्यवस्थित मोड़ों के कारण यहां हादसों का खतरा बना रहता है। डबल लूप इंटरचेंज बनने के बाद वाहनों की आवाजाही अलग-अलग स्तरों पर संचालित होगी, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होने की उम्मीद है।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल न्यायालय के आदेश के कारण पेड़ों की कटाई पर रोक लगी हुई है। विभाग सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रहा है और अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
Akhil Mahajan