एजेंसी से रखी मेड 10 लाख के जेवर लेकर फरार

गुरुग्राम के सेक्टर-86 में एजेंसी से रखी घरेलू सहायिका एक दिन काम करने के बाद 10 लाख के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

एजेंसी से रखी मेड 10 लाख के जेवर लेकर फरार

गुरुग्राम में एजेंसी से रखी मेड घर से 10 लाख के जेवर और नकदी लेकर फरार

एक दिन काम करने के बाद बीमारी का बहाना बनाकर चली गई घरेलू सहायिका

पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच, एजेंसी से भी होगी पूछताछ

गुरुग्राम में घरेलू सहायिका द्वारा चोरी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। सेक्टर-86 स्थित माइक्रोटेक ग्रीनबर्ग सोसायटी में एजेंसी के माध्यम से रखी गई एक मेड घर से लाखों रुपए के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया।

पीड़ित अभिषेक शर्मा ने मामले की शिकायत खेड़कीदौला थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभिषेक शर्मा होटल कारोबारी हैं, जबकि उनकी पत्नी एक निजी कंपनी में एचआर विभाग में कार्यरत हैं। परिवार में उनके दो बच्चे और बुजुर्ग पिता भी रहते हैं।

जानकारी के अनुसार, अभिषेक शर्मा के पिता का हाल ही में मेदांता अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उनकी देखभाल के लिए परिवार ने एक एजेंसी के जरिए घरेलू सहायिका कोमल को काम पर रखा था।

परिवार का कहना है कि एजेंसी ने महिला का आधार कार्ड साझा करते हुए दावा किया था कि उसका पूरा वेरिफिकेशन किया जा चुका है। महिला को वाराणसी के भीम नगर की रहने वाली बताया गया था। मेड को रखने के लिए परिवार ने एजेंसी को करीब 17 हजार रुपए भी दिए थे।

कोमल ने पहले दिन सामान्य तरीके से घर का काम किया। लेकिन अगले ही दिन उसने घर में किसी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया और काम छोड़कर चली गई। बाद में जब परिवार ने घर की अलमारी जांची तो उन्हें चोरी का पता चला।

पीड़ित परिवार के अनुसार, अलमारी से करीब सात से आठ तोले सोने के जेवर और लगभग 32 हजार रुपए नकद गायब मिले। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है।

खेड़कीदौला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपी महिला की तलाश शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित एजेंसी से भी पूछताछ की जाएगी कि महिला का सत्यापन किस स्तर पर किया गया था।

इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों को घरेलू सहायिका रखते समय सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। पुलिस का कहना है कि केवल एजेंसी के भरोसे न रहें, बल्कि स्वयं भी स्थानीय थाने में पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू सहायिका रखते समय आधार कार्ड के अलावा स्थायी पता, परिवार के संपर्क नंबर और वैकल्पिक पहचान पत्र की जानकारी भी लेनी चाहिए। शुरुआती दिनों में नई मेड को घर में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और घर में CCTV कैमरे तथा डिजिटल लॉक जैसी सुरक्षा व्यवस्था रखना बेहतर होता है।

इसके अलावा कीमती जेवर, नकदी और जरूरी दस्तावेजों को खुले में रखने से बचना चाहिए। सोसायटी और आसपास के लोगों को भी नई सहायिका की जानकारी देना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी माना जा रहा है।