हरियाणा में डॉलर-पाउंड ठगी मामले का खुलासा, तीसरा आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम में 20 हजार डॉलर और 3 हजार पाउंड की ठगी मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी सचिन को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

हरियाणा में डॉलर-पाउंड ठगी मामले का खुलासा, तीसरा आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम में विदेशी मुद्रा ठगी मामले में तीसरा आरोपी सचिन गिरफ्तार

20 हजार डॉलर और 3 हजार पाउंड लेकर भुगतान के बहाने फरार हुए थे आरोपी

मनी एक्सचेंज के नाम पर यूनिटेक बिजनेस जोन बुलाकर वारदात को दिया था अंजाम

हरियाणा के गुरुग्राम में विदेशी मुद्रा ठगी के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20 हजार अमेरिकी डॉलर और 3 हजार ब्रिटिश पाउंड लेकर फरार होने वाले गिरोह के तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सचिन (28) निवासी राखी शाहपुर, जिला हिसार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने पॉलीटेक्निक डिप्लोमा किया हुआ है और वर्तमान में हिसार के मॉडल टाउन क्षेत्र में रह रहा था। जांच में सामने आया है कि वह पंजाब के खरड़ में डिलीवरी बॉय का काम करता था।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि खरड़ में ही उसकी मुलाकात आरोपी विपिन और एक अन्य व्यक्ति से हुई थी। इसके बाद तीनों ने मिलकर विदेशी मुद्रा एक्सचेंज के नाम पर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

मामला 2 फरवरी का है। सेक्टर-50 थाना क्षेत्र में मनी एक्सचेंज का काम करने वाले एक व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने विदेशी मुद्रा खरीदने की बात कही और उसे यूनिटेक बिजनेस जोन बुलाया।

शिकायतकर्ता बताए गए स्थान पर 20,000 यूएस डॉलर और 3,000 यूके पाउंड लेकर पहुंचा। वहां एक व्यक्ति ने खुद को अभिषेक बताकर विदेशी मुद्रा अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद भुगतान करने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गया।

पीड़ित ने जब आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। न तो विदेशी मुद्रा वापस मिली और न ही उसकी कीमत का भुगतान किया गया। इसके बाद पीड़ित ने सेक्टर-50 थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले विपिन (35) और राकेश नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड राकेश के नाम पर था। राकेश ने यह सिम कार्ड आरोपी विपिन को एक हजार रुपये में उपलब्ध कराया था।

पूछताछ के दौरान विपिन ने बताया कि उसने सिम कार्ड अपने मोबाइल में चलाकर प्राप्त ओटीपी एक अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। इसी ओटीपी की मदद से व्हाट्सएप लॉगिन कर शिकायतकर्ता से संपर्क किया गया और ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया।

विपिन ने यह भी खुलासा किया कि ओटीपी उपलब्ध कराने के बदले उसे 50 हजार रुपये मिले थे। अब पुलिस तीसरे आरोपी सचिन से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। वारदात से जुड़े सभी लिंक और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।