हरियाणा में फिर एक्टिव हुआ मानसून, भारी बारिश का अलर्ट".

हरियाणा में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। यमुनानगर में यलो अलर्ट जारी है। 28 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश की संभावना और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।

हरियाणा में फिर एक्टिव हुआ मानसून, भारी बारिश का अलर्ट".
  • हरियाणा में मानसून फिर से सक्रिय, कई जिलों में बारिश का दौर शुरू
  • यमुनानगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट, किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
  • 28 से 30 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना

हरियाणा में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं यमुनानगर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। सुबह से पानीपत में तेज बारिश हो रही है, जबकि झज्जर में बूंदाबांदी दर्ज की गई। हिसार, रेवाड़ी और सोनीपत समेत कई जिलों में बादल छाए हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम बदलने की मुख्य वजह मानसूनी टर्फ का सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बने रहना है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व राजस्थान पर सक्रिय लो-प्रेशर एरिया से जम्मू तक ट्रफ बनी हुई है, जिससे हरियाणा में लगातार नमी पहुंच रही है और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।

आईएमडी के अनुसार 24 और 25 जुलाई को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि 26 जुलाई को बारिश की गतिविधियां कुछ कम रहने का अनुमान है। इसके बाद 28 जुलाई से प्रदेश में मानसून का सबसे प्रभावी दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है। 28 से 30 जुलाई के बीच उत्तर, पूर्व और दक्षिण हरियाणा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

कृषि मौसम केंद्र ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम को देखते हुए खेतों में कार्य करें और बारिश की संभावना पर लगातार नजर बनाए रखें। कपास की फसल वाले खेतों से अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें ताकि जलभराव न हो। धान की रोपाई जारी रखी जा सकती है, लेकिन गहरी रोपाई से बचने की सलाह दी गई है।

सब्जियों और बागवानी फसलों में अगले तीन दिनों तक सिंचाई टालने की सलाह दी गई है। अधिक नमी के कारण चूसक कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए फसलों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। पशुपालकों को भी पशुओं को हवादार स्थान पर रखने, स्वच्छ पानी और हरा चारा उपलब्ध कराने तथा पोल्ट्री शेड को साफ और सूखा रखने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। अंबाला में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं हिसार में 32.8 डिग्री, करनाल में 33.2 डिग्री, रोहतक में 32.2 डिग्री और गुरुग्राम में 31.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। बारिश वाले इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।

रात के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। नारनौल में सबसे कम न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। हिसार में 26.8 डिग्री, अंबाला में 27 डिग्री, रोहतक में 27.4 डिग्री, गुरुग्राम में 26.2 डिग्री और करनाल में 26.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बादलों और नमी के कारण अधिकांश इलाकों में रात के समय उमस बनी रही।