हरियाणा में मंत्री के आदेश पर भी नहीं हुआ सस्पेंशन! पीड़िता बोली-देख लो मेरी कितनी सुनते होंगे, मंत्री बोले-DC से जवाब लूंगा

हरियाणा में जनसुनवाई के दौरान मंत्री द्वारा लेडी SHO और ASI को सस्पेंड करने के निर्देश के बावजूद पुलिस ने विभागीय जांच का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई से इनकार कर दिया। मंत्री ने DC से रिपोर्ट तलब करने की बात कही।

हरियाणा में मंत्री के आदेश पर भी नहीं हुआ सस्पेंशन!  पीड़िता बोली-देख लो मेरी कितनी सुनते होंगे, मंत्री बोले-DC से जवाब लूंगा

मंत्री के आदेश के बाद भी महिला थाना SHO और ASI सस्पेंड नहीं
दहेज उत्पीड़न मामले में पुलिस विभाग ने शुरू की विभागीय जांच
पीड़िता बोली- मंत्री की नहीं सुन रहे, हमारी क्या सुनेंगे


हरियाणा के पंचकूला में चर्चित दहेज उत्पीड़न मामले में राज्य सरकार के आदेश और पुलिस विभाग की कार्रवाई के बीच विरोधाभास सामने आया है। 20 जुलाई को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में हरियाणा के मंत्री कृष्णलाल पंवार ने महिला थाना की SHO राजेश कुमारी और जांच अधिकारी ASI कविता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी दोनों अधिकारियों को सस्पेंड नहीं किया गया है। पुलिस विभाग फिलहाल सीधे कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले की विभागीय जांच कराने की बात कह रहा है।

ग्रीवेंस कमेटी में पीड़िता ने सुनाई आपबीती

पंचकूला के सेक्टर-15 निवासी मनीषा ने ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री के सामने अपनी शिकायत रखते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि उनके सब-इंस्पेक्टर ससुर, जो वर्तमान में यमुनानगर में तैनात हैं, का नाम भी केस में शामिल नहीं किया गया। शिकायत सुनने के बाद मंत्री कृष्णलाल पंवार ने मौके पर ही SHO और ASI को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान DCP अदिति ने पहले विभागीय जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई करने का आग्रह किया, लेकिन मंत्री ने स्पष्ट कहा कि संबंधित अधिकारियों को कानून का पालन करना सिखाना जरूरी है और तत्काल निलंबन होना चाहिए।

अब जांच का सहारा ले रहा पुलिस विभाग

मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पुलिस विभाग ने अभी तक निलंबन आदेश जारी नहीं किए हैं। विभाग का कहना है कि पहले मामले की जांच पूरी की जाएगी और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर अधिकारियों को बचाने के आरोप लगाए हैं।

SHO पर गवाह को डराने का आरोप

ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा मुख्य गवाह सतपाल को भेजा गया नोटिस बना। आरोप है कि महिला थाना प्रभारी राजेश कुमारी ने नोटिस में काउंसलिंग के लिए उपस्थित नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। मंत्री कृष्णलाल पंवार ने इसे गवाह को डराने की कोशिश माना और इस पर कड़ी नाराजगी जताई।

ASI पर असंवेदनशील टिप्पणी का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि जांच अधिकारी ASI कविता ने कार्रवाई करने के बजाय उनसे कहा कि "यह पुरुष प्रधान देश है, यहां महिलाओं को सब कुछ सहना पड़ता है।" मंत्री ने इस कथित टिप्पणी को बेहद असंवेदनशील बताते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज की।

ACP ने भी नोटिस की भाषा पर जताई आपत्ति

ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री ने ACP रामकुमारी से पूछा कि क्या नोटिस की भाषा उचित थी। ACP ने स्वीकार किया कि नोटिस में इस तरह की भाषा नहीं होनी चाहिए थी। इसके बाद मंत्री ने दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने और उनका मुख्यालय भोंडसी निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में दोनों निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें दोबारा बहाल किया जा सकता है।

2023 में हुई थी शादी, दहेज मांगने के आरोप

पीड़िता मनीषा ने बताया कि उन्होंने एमकॉम, बीएड और एमए (सोशियोलॉजी) की पढ़ाई की है और पीएचडी प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुकी हैं। उनकी शादी वर्ष 2023 में जगाधरी निवासी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर भूपेश से हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के अगले ही दिन सास ने दहेज को लेकर ताने देने शुरू कर दिए। कुछ समय बाद पति ने भी अपनी मां के कहने पर उनके साथ मारपीट की। जब परिवार को प्लॉट खरीदना था तो उनसे 6 लाख रुपये मायके से लाने को कहा गया। उनके पिता ने यह रकम ससुर को दे दी, लेकिन कुछ ही दिन बाद 10 लाख रुपये और मांगे जाने लगे।

10 लाख नहीं देने पर छोड़ दिया मायके

पीड़िता के अनुसार जब उनके पिता ने अतिरिक्त 10 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया तो ससुराल पक्ष उन्हें पंचकूला स्थित मायके छोड़ गया। इसके बाद उनके सभी फोन नंबर ब्लॉक कर दिए गए और उनके खिलाफ तलाक का मामला भी दायर कर दिया गया।

पिता ने भी लगाए गंभीर आरोप

पीड़िता के पिता सुरेश कुमार ने आरोप लगाया कि सगाई और शादी के दौरान लगातार महंगे उपहारों और सोने के आभूषणों की मांग की गई। उन्होंने बताया कि ससुराल पक्ष ने दूसरे बेटे के लिए सोने की चेन, सास के लिए सोने का सेट, दामाद के लिए सोने की चेन और कड़ा तथा रिश्तेदारों के लिए सोने की अंगूठियां तक मांगी थीं, जो उन्होंने शादी के दौरान उपलब्ध कराई थीं।

पीड़िता बोली- मंत्री की नहीं सुन रहे तो हमारी क्या सुनेंगे

पीड़िता मनीषा ने कहा कि मंत्री के स्पष्ट आदेश के बावजूद SHO और ASI के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि "जब अधिकारी मंत्री की बात नहीं मान रहे तो हमारी शिकायत पर क्या कार्रवाई करेंगे।"

वहीं, उनके पिता ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई की होती तो मामला ग्रीवेंस कमेटी तक नहीं पहुंचता। उन्होंने संकेत दिया कि अगली बैठक में वे फिर मंत्री के सामने अपनी बात रखेंगे।