मुझे SHO ने बहुत ह्रास किया.. थाने से लौटकर बिजली कर्मी ने लगाया फंदा

फरीदाबाद में पावर ग्रिड के वरिष्ठ टेक्नीशियन की मौत के बाद परिजनों ने SHO पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर SHO के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मुझे SHO ने बहुत ह्रास किया.. थाने से लौटकर बिजली कर्मी ने लगाया फंदा

थाने से लौटने के कुछ घंटे बाद बिजली निगम के वरिष्ठ टेक्नीशियन ने फंदा लगाया

परिजनों का आरोप- SHO ने घंटों थाने में बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया

शिकायत के आधार पर SHO के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज, जांच शुरू


हरियाणा के फरीदाबाद में बिजली निगम के एक सीनियर टेक्नीशियन की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भनकपुर गांव निवासी सतीश कुमार (60) ने कथित तौर पर थाने से लौटने के कुछ घंटे बाद अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि खेड़ी पुल थाना में उन्हें घंटों बैठाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित SHO के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है।

निजी अस्पताल में पुलिस और परिजनों के बीच नोंकझोंक भी हुई।

डायरी में मिला कथित सुसाइड नोट

परिजनों के अनुसार, घर से एक पुरानी डायरी मिली, जिसमें कथित रूप से लिखा था कि संबंधित SHO ने उनका "बहुत ह्रास (अपमान)" किया। इस नोट की फॉरेंसिक और कानूनी जांच के बाद ही इसकी प्रमाणिकता और साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता तय होगी।

बेटे ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के बेटे विवेक का आरोप है कि उनके पिता को वर्ष 2017 के एक पुराने मामले में शनिवार सुबह थाने बुलाया गया और शाम तक वहीं बैठाकर रखा गया। उनका कहना है कि इस दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, पानी और शौचालय तक जाने की अनुमति नहीं दी गई तथा गिरफ्तारी की धमकी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

परिजनों को समझाते पुलिस अधिकारी।

दो महीने बाद होना था रिटायरमेंट

सतीश कुमार 1988 से पावर ग्रिड में कार्यरत थे और 30 सितंबर 2026 को उनकी सेवानिवृत्ति निर्धारित थी। परिजनों का कहना है कि वे कंपनी से जुड़े एक पुराने न्यायिक मामले की पैरवी कर रहे थे, जिसके संबंध में उन्हें बार-बार थाने बुलाया जा रहा था।

अस्पताल में हुआ हंगामा

घटना के बाद परिजन शव को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों और पुलिस के बीच काफी देर तक बहस हुई। परिजन संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज किए बिना पोस्टमॉर्टम कराने को तैयार नहीं थे।

बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिए जाने के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हुई।

ACP का बयान

एसीपी मुजेसर पंकज कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित SHO के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।