चंबा में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही: देखें भयावह तस्वीरें
हिमाचल प्रदेश के चंबा में मूसलाधार बारिश के बाद फ्लैश फ्लड से भारी तबाही मची। घरों-दुकानों में मलबा घुस गया, 10 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए और पठानकोट-भरमौर NH समेत करीब 100 सड़कें बंद हो गईं।
➤ मूसलाधार बारिश के बाद चंबा में फ्लैश फ्लड से कई इलाकों में भारी तबाही
➤ घरों, दुकानों और वाहनों में घुसा मलबा, 10 से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त
➤ पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे समेत करीब 100 सड़कें बंद, जनजीवन प्रभावित
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश के बाद आए फ्लैश फ्लड से सरोल मोहल्ला समेत आसपास के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
पानी के साथ आए भारी मलबे ने कई घरों और दुकानों में घुसकर व्यापक नुकसान पहुंचाया, जबकि 10 से अधिक वाहन भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। हालात ऐसे बन गए कि कई इलाकों में लोगों को रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक नुकसान सरोल-घोल्टी क्षेत्र में दर्ज किया गया है। यहां तेज बहाव के साथ आए मलबे ने सड़कों, मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। वहीं सुल्तानपुर मोहल्ले में भी बारिश का पानी कई घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घुस गया। चंबा डिग्री कॉलेज परिसर भी पानी और मलबे से भर गया, जिससे परिसर में आवाजाही प्रभावित रही।
सड़कें बंद, यातायात पूरी तरह प्रभावित
लगातार बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे समेत जिले की करीब 100 सड़कें बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और पानी भरने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। परेल पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।
कई स्थानों पर भारी नुकसान
बारिश के कारण पक्काटाला-बालू मार्ग पर डंगा गिर गया, जिससे सड़क धंस गई और समीप स्थित स्कूल पर भी खतरा मंडराने लगा। सरोह मोहल्ले में कई वाहन मलबे में दब गए। एक टिप्पर भी मलबे की चपेट में आ गया। वहीं पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण कई अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।
बाथरी-सुंडला-लंगेरा मार्ग भी भलेई नाला के समीप पूरी तरह बंद हो गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सुबह सामने आई तबाही की तस्वीर
मंगलवार सुबह जब बारिश थमी तो फ्लैश फ्लड से हुई तबाही की तस्वीरें सामने आईं। कई सड़कों पर मलबे का ढेर लगा हुआ था, जबकि घरों और दुकानों में पानी और कीचड़ जमा मिला। प्रभावित क्षेत्रों में लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से मलबा हटाने में जुटे रहे।
Akhil Mahajan