भिवानी में टीचर मनीषा मौत केस में ग्रामीणों की पंचायत: CBI की क्लोजर रिपोर्ट से परिवार नहीं संतुष्ट, सुप्रीम कोर्ट तक जाने का ऐलान

भिवानी की टीचर मनीषा मौत मामले में ग्रामीणों की पंचायत ने CBI क्लोजर रिपोर्ट पर असंतोष जताया। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया।

भिवानी में टीचर मनीषा मौत केस में ग्रामीणों की पंचायत: CBI की क्लोजर रिपोर्ट से परिवार नहीं संतुष्ट, सुप्रीम कोर्ट तक जाने का ऐलान

मनीषा मौत मामले में ग्रामीणों की पंचायत, CBI की क्लोजर रिपोर्ट से परिवार असंतुष्ट
11 मौजिज लोगों की कमेटी ने CBI कोर्ट में रिपोर्ट जमा होने की जानकारी दी, 22 सितंबर को अगली तारीख
परिवार और समाज ने सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया


भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण में टीचर मनीषा मौत मामले को लेकर धर्मदास आश्रम में पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में मनीषा के पिता संजय के अलावा गांव के गणमान्य लोगों और समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में CBI की क्लोजर रिपोर्ट को लेकर परिवार की असहमति और आगे की कानूनी लड़ाई पर चर्चा हुई।

पंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि मनीषा के परिवार की न्याय की लड़ाई अब अदालत में जारी रहेगी। परिवार और समाज ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी। पंचायत ने यह भी तय किया कि जब भी परिवार को समाज के सहयोग की जरूरत होगी, पूरा समाज संजय के साथ खड़ा रहेगा।

पंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच शिशमूराम ने की।

एक साल से बेटी के लिए संघर्ष कर रहा परिवार

मनीषा के पिता संजय ने पंचायत में कहा कि उनकी बेटी के लिए एक साल से गांव और समाज संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के संघर्ष के कारण यह मामला अब अदालत तक पहुंचा है और आगे कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी।

संजय ने कहा कि परिवार समाज के मौजिज लोगों के साथ मिलकर न्याय की लड़ाई आगे भी लड़ेगा। पंचायत में मौजूद लोगों ने भी परिवार को हर स्तर पर सहयोग देने की बात कही।

वहीं, बैरागी समाज के प्रधान ने कहा कि अब यह लड़ाई समाज की ओर से भी आगे लड़ी जाएगी।

7 सितंबर को CBI कोर्ट पहुंची 11 लोगों की कमेटी

पंचायत में बताया गया कि 7 सितंबर को गांव के 11 मौजिज लोगों की कमेटी पंचकूला स्थित CBI कोर्ट पहुंची थी। कमेटी ने वहां CBI जांच से संबंधित पूरी रिपोर्ट कोर्ट में जमा किए जाने की जानकारी पंचायत को दी।

हालांकि, पंचायत में बताया गया कि चार्जशीट अभी जमा नहीं हुई है। कमेटी को कोर्ट की ओर से यह भी बताया गया कि यदि परिवार और संबंधित लोग आगे कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं तो वे अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में केस लड़ सकते हैं।

मामले में अब 22 सितंबर की तारीख दी गई है। इसके बाद परिवार और समाज की ओर से कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

CBI की क्लोजर रिपोर्ट में आत्महत्या का निष्कर्ष

पंचायत में मौजूद लोगों को बताया गया कि CBI की क्लोजर रिपोर्ट का निष्कर्ष आत्महत्या के रूप में है। हालांकि, मनीषा के पिता और उनका परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं हैं।

परिवार का कहना है कि वे इस निष्कर्ष को स्वीकार करने के बजाय कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। पंचायत में भी परिवार के साथ खड़े रहने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।

तथ्यों के आधार पर अदालत में लड़ाई लड़ने का फैसला

भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने बताया कि 7 सितंबर को CBI कोर्ट में जाकर फाइल जमा करवाई गई है और अब 22 सितंबर की तारीख दी गई है।

उन्होंने कहा कि आगे यह लड़ाई समाज मिलकर लड़ेगा। कानूनी तौर पर मामला जहां तक जाएगा, वहां तक तथ्यों के साथ लड़ाई लड़ी जाएगी। समाज की जहां भी जरूरत पड़ेगी, वहां परिवार को पूरा सहयोग दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी, पीछे नहीं हटेगा परिवार

पंचायत में मनीषा के पिता संजय और उनके परिवार ने साफ कहा कि वे न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। परिवार ने समाज के मौजिज लोगों के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही।

पंचायत में मौजूद लोगों ने भी परिवार को भरोसा दिलाया कि इस संघर्ष में उसे अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सर्वसम्मति से तय किया गया कि जब भी परिवार को समाज की जरूरत होगी, समाज पूरी मजबूती के साथ उसके साथ खड़ा रहेगा।

अब इस मामले में 22 सितंबर की अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परिवार की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई और CBI की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अपनाए जाने वाले रास्ते पर आगे फैसला लिया जाएगा।