हरियाणा में नासिर मर्डर केस का खुलासा, कपड़ा दुकानदार योगेश गिरफ्तार, डेयरी में दफनाया था श*व
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में चोरी के शक में नासिर की पिटाई से मौत हुई। शव डेयरी में दफनाया गया, पुलिस ने कपड़ा दुकानदार योगेश को गिरफ्तार किया।
चोरी के शक में नासिर को पकड़कर पीटा, अधिक चोट लगने से हुई मौत
➤ मारपीट में डेयरी संचालक के दो बेटे और उनके दो साथी नामजद, अन्य लोगों पर भी पुलिस की नजर
➤ मौत के बाद शव डेयरी में दफनाया, डेयरी के नौकरों की सूचना से खुला राज और योगेश गिरफ्तार
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में नासिर मर्डर केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। चोरी के शक में नासिर को पकड़कर उसके साथ मारपीट की गई थी। पिटाई के दौरान अधिक चोट लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वारदात का पता नहीं चलने देने के उद्देश्य से डेयरी में दफना दिया गया। पुलिस ने मामले में धारूहेड़ा की सैय्यद कॉलोनी निवासी कपड़ा दुकानदार योगेश को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि मारपीट में डेयरी संचालक के दो बेटे और उनके दो साथी शामिल थे। इसके अलावा कॉलोनी के कई लोगों के भी मौके पर पहुंचकर नासिर के साथ मारपीट करने की बात सामने आई है। पुलिस अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
डीएसपी हैडक्वाटर संजीव बल्हारा ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धारूहेड़ा थाना के एसएचओ फूल कुमार ने अपनी टीम के साथ आरोपी योगेश को गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट से रिमांड पर लिया गया है। पुलिस पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
सुबह पांच बजे चोरी के शक में पकड़ा गया था नासिर
डीएसपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में पता चला कि बॉस रोड पर सुबह 5 बजे कुछ लोगों ने चोरी के शक में नासिर को पकड़ा था। इसके बाद उसकी पिटाई की गई। पिटाई करने वाले चार लोगों में डेयरी संचालक के दो बेटे और दो उनके साथी शामिल थे। नासिर को पकड़े जाने की जानकारी के बाद कॉलोनी के कई लोग भी वहां पहुंच गए थे। पुलिस के अनुसार, वहां मौजूद लोगों ने भी नासिर के साथ मारपीट की।
मारपीट के दौरान नासिर को अधिक चोट लग गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को नामजद किया है। डीएसपी के अनुसार, चार नामजद आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की भी इस मामले में संलिप्तता सामने आई है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। मृतक की पहचान राजस्थान अलवर-खैरथल के गांव दमदमा निवासी नासिर के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शाम को मिली पुलिस को सूचना, ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निकाला शव
पुलिस को घटना की सूचना शाम को मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गड्ढा खोदकर शव को बाहर निकाला गया। शव की पहचान होने के बाद मृतक के पिता जमील की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त ने उसे फोन करके चोर को पकड़ने की सूचना दी थी। इसके बाद वह मौके पर पहुंचा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही।
मौत के बाद शव ठिकाने लगाने के लिए डेयरी को चुना
पुलिस की जांच में शव को डेयरी में दफनाने की वजह भी सामने आई है। डेयरी संचालक के दो बेटे मारपीट में शामिल थे। नासिर की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से डेयरी को चुना गया, ताकि किसी को वारदात का पता नहीं चल पाए।
आरोपियों का मानना था कि डेयरी में पशुओं को दफनाया जाता है। इसी वजह से उन्हें लगा कि नासिर के शव को भी वहीं दफनाने से किसी को शक नहीं होगा। उनका यह भी मानना था कि बाद में शव से बदबू आने पर भी किसी को वारदात का अंदाजा नहीं होगा।
लेकिन डेयरी में काम करने वाले नौकरों ने ही पुलिस को सूचना दी। इसी सूचना के बाद पुलिस को शव के डेयरी में दबे होने का पता चला और पूरे मामले का राज खुल गया।
रविवार शाम मिली थी डेयरी में शव दबे होने की सूचना
पूरा मामला रविवार 6 सितंबर की शाम सामने आया। पुलिस को सूचना मिली कि फाजिलपुर निवासी अरूण उर्फ मन्नु की गांव भटसाना स्थित डेयरी में शव दबा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद रात करीब ढ़ाई बजे करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में दबे शव को बाहर निकाला गया।
शव को बाहर निकालने के बाद उसकी पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई। 7 सितंबर की रात मृतक की पहचान हुई। इसके बाद मृतक के पिता जमील की शिकायत पर डेयरी संचालक के दो बेटों सहित चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
मामले में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए कपड़ा दुकानदार योगेश को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट से रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और मारपीट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Akhil Mahajan