अभय चौटाला का हुड्डा पर निशाना, बोले- सैलजा और कुलदीप के बाद अब हुड्डा को भी रास्ते से हटाने की कोशिश
भिवानी पहुंचे अभय चौटाला ने हुड्डा और कांग्रेस की गुटबाजी पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर पक्षपात और बाजरा खरीद में किसानों को नुकसान का आरोप लगाया।
➤ भिवानी पहुंचे इनेलो राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला
➤ कांग्रेस में गुटबाजी और सरकार पर पक्षपात का लगाया आरोप
➤ बाजरा खरीद की शर्तों से किसानों को नुकसान का दावा
भिवानी। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला सोमवार को भिवानी पहुंचे। वे इनेलो जिला अध्यक्ष अशोक ढाणी माहू के निधन पर उनके परिवार से शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने दिवंगत कार्यकर्ता को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति, कांग्रेस में चल रही गुटबाजी, सरकार की नीतियों और बाजरा खरीद को लेकर अपनी बात रखी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर अभय चौटाला ने कांग्रेस के अंदर वर्चस्व की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि जो भी हुड्डा के आगे आने के रास्ते में आएगा, उसे पीछे करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले कुमारी सैलजा और कुलदीप बिश्नोई के साथ ऐसा हुआ और अब हुड्डा के साथ भी ऐसा हो सकता है। यह बयान अभय चौटाला ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दिया।
अशोक ढाणी माहू के निधन पर जताया शोक
अभय सिंह चौटाला ने इनेलो जिला अध्यक्ष अशोक ढाणी माहू के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि अशोक ढाणी माहू पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे और सामाजिक स्तर पर भी उनके सभी लोगों के साथ अच्छे संबंध रहे। अभय चौटाला के मुताबिक, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद उन्होंने कभी अपनी तकलीफ दूसरों के सामने जाहिर नहीं होने दी।
उन्होंने बताया कि पैर की समस्या का ऑपरेशन सफल रहा था और इलाज के बाद अशोक ढाणी माहू घर भी लौट आए थे। इसके बाद अचानक उनके निधन की खबर सामने आई, जो बेहद दुखद है। अभय चौटाला ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हुड्डा को लेकर अभय चौटाला का बयान
राजनीतिक सवालों पर अभय चौटाला ने कांग्रेस के अंदर लंबे समय से चल रही वर्चस्व की लड़ाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं के बीच गुटबाजी और खींचतान दिखाई देती है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर उन्होंने कहा कि हुड्डा के आगे आने के रास्ते में जो भी आएगा, उसे पीछे करने की कोशिश होगी। इसी दौरान उन्होंने कुमारी सैलजा और कुलदीप बिश्नोई का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सैलजा और कुलदीप को पीछे किया गया और अब हुड्डा को भी पीछे किया जा सकता है। अभय चौटाला की यह टिप्पणी कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर उनके दावे के रूप में सामने आई है।
रैली को लेकर बोले- लोगों में दिखा उत्साह
अभय चौटाला ने हाल में हुई अपनी रैली का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रैली में लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उनके अनुसार, यह प्रदेश के राजनीतिक माहौल में बदलाव का संकेत है और आने वाले समय में इसका असर देखने को मिल सकता है।
सरकार पर पक्षपात का लगाया आरोप
अभय चौटाला ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और आंदोलनों को लेकर सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण है। उन्होंने मंदिर-मस्जिद जैसे धार्मिक मुद्दों को लेकर भी लोगों में रोष होने की बात कही।
अभय चौटाला ने सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कई मुद्दों पर लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
बाजरा खरीद पर भी सरकार को घेरा
किसानों से जुड़े मुद्दे पर अभय चौटाला ने बाजरे की सरकारी खरीद का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद के लिए ऐसी शर्तें लगा दी हैं, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उनके अनुसार, अगर किसान सरकारी खरीद की निर्धारित शर्तें पूरी नहीं कर पाया तो उसे अपनी फसल कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे कुछ लोगों के फैसलों से किसानों को नुकसान और बिचौलियों को फायदा पहुंच रहा है।
अभय चौटाला ने कहा कि बाजरा खरीद से जुड़ी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसान को अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके और उसे मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
कांग्रेस की गुटबाजी को लेकर लगातार हमलावर
भिवानी दौरे के दौरान अभय चौटाला ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को लेकर अपने पुराने आरोपों को दोहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई और आपसी खींचतान का असर राजनीतिक गतिविधियों पर दिखाई देता है।
वहीं, सरकार और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भिवानी में दिए उनके बयान में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और बाजरा खरीद दोनों प्रमुख मुद्दे रहे।
Akhil Mahajan