हरियाणा में पिटबुल का हमला, बच्चे की हालत गंभीर लस्सी लेने निकला बच्चा बना शिका

रोहतक में दो पिटबुल कुत्तों ने 13 वर्षीय बच्चे पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने कुत्तों के मालिक पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हरियाणा में पिटबुल का हमला, बच्चे की हालत गंभीर लस्सी लेने निकला बच्चा बना शिका

रोहतक में दो पिटबुल कुत्तों ने 13 वर्षीय बच्चे पर किया हमला, हालत गंभीर
लस्सी लेने जाते वक्त रास्ते में हुआ हमला, पेट में गहरे घाव
कुत्तों के मालिक पर केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच


रोहतक शहर के बसंत विहार लाढ़ोत रोड इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब दो पिटबुल कुत्तों ने एक 13 वर्षीय बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके पेट के पास गहरे जख्म आए हैं। आसपास के लोगों ने किसी तरह बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।पीड़ित बच्चे के पिता सुनील नेहरा के अनुसार उनका बेटा दिपांशु (13) अपने छोटे भाई के साथ सुबह अपने मामा के घर लस्सी लेने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक घर से दो पालतू पिटबुल कुत्ते बाहर निकल आए और उन्होंने दिपांशु पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिराकर बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।हमले के दौरान मौके पर मौजूद पड़ोसी विक्रम ने बहादुरी दिखाते हुए बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद उसे तुरंत PGI अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे को गहरे घाव आए हैं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पीड़ित परिवार ने कुत्तों के मालिकों शर्मिला और उसकी बेटी मुस्कान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब कुत्ते बच्चे पर हमला कर रहे थे, तब दोनों ने उसे बचाने की बजाय गेट बंद कर लिया और अंदर चली गईं। इस घटना से इलाके में लोगों में भारी आक्रोश है।बच्चे के पिता ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ किसी काम से जींद जा रहे थे। इसी दौरान गांव सिंहपुरा के पास उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनके बेटे को कुत्तों ने काट लिया है। इसके बाद वे तुरंत आधे रास्ते से लौटे और सीधे अस्पताल पहुंचे।घटना की सूचना मिलते ही पुरानी सब्जी मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी ASI कुलदीप ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर कुत्तों के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।यह घटना एक बार फिर शहरों में खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना सुरक्षा के रखने पर सवाल खड़े करती है।